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कोतवाल की घुड़की से बिगड़ी बार संघ अध्यक्ष की तबीयत

Wed, 12 Jun 2019 11:22 PM IST
deoria Published by: राकेश पांडेय Updated Wed, 12 Jun 2019 11:22 PM IST
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due to kotwals wprd advocated became faint
अधिवक्ता को अस्पताल ले जाते साथी। - फोटो : amar ujala
रुद्रपुर। एसडीएम और तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन में बुधवार को नया मोड़ आ गया। तहसील गेट पर जड़ा ताला खोलवाने पहुंचे कोतवाल की अधिवक्ताओं से तीखी बहस हुई। इस दौरान तेज आवाज में कोतवाल की घुड़की से बार संघ के अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत पर उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। तहसील प्रशासन ने वकीलों पर एसडीएम दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
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स्थानीय बार के अधिवक्ता पिछले कई दिनों एसडीएम और तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर आंदोलन पर हैं। बुधवार की दोपहर अधिवक्ताओं ने तहसील के दफ्तरों पर ताला जड़ना शुरू कर दिया। वकीलों के हंगामे की सूचना पर कोतवाल गिरजेश तिवारी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ताला न जड़ने की अपील की तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि वाद-प्रतिवाद के दौरान कोतवाल ने बार संघ के अध्यक्ष फणिंद्र पांडेय को सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद अध्यक्ष के सीने में दर्द होने लगा। वह गश खाकर गिर पड़े। साथी अधिवक्ता उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। आनन-फानन उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ले जाया गया। उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर है। मामले को देखते हुए तहसील परिसर में चार थाने की पुलिस लगा दी गई। घटना के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने कोतवाल के खिलाफ नारेबाजी की। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, मंत्री रणवीर सिंह, बलवंत सिंह, विकास त्रिपाठी, सत्यप्रकाश सिंह, कृष्णमूर्ति तिवारी, आनंद सिंह, ब्रजबिहारी पांडेय, अनिल दुबे आदि ने कहा कि प्रशासन अधिवक्ताओं को मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। प्रशासन की घुड़की से बार संघ का आंदोलन नहीं थमने वाला। स्थानीय प्रशासन को लेकर पूरे जिले में आंदोलन होगा।
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कार्य में बाधा डाल रहे वकील : एसडीएम
एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बार संघ बेवजह सरकारी कार्य में बाधा डाल रहा है। बार संघ की ओर से बताई जा रहीं समस्याओं का निदान करने का प्रयास किया जा रहा है, पर वे बातचीत को तैयार नहीं। कुछ वकीलों ने तहसील में तोड़फोड़ कर सरकारी कामकाज में व्यवधान पैदा किया। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, तहसीलदार केशरीनंदन तिवारी ने कहा कि बार संघ को दो बार मौखिक रूप से बात करने का प्रयास किया गया। संघ के पदाधिकारी समस्या के निदान में कोई रुचि नहीं दिखा रहे। वे अधिकारियों के तबादले पर अड़े हुए हैं।
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बार संघ मामले में बोले कोतवाल
कोतवाल गिरजेश तिवारी ने कहा कि तहसील के दफ्तरों में ताला जड़ने की सूचना पर पुलिस गई थी। वहां ताला लगा रहे वकीलों से शांतिपूर्ण माहौल में आंदोलन करने की अपील की गई। ताकि किसी आम आदमी को दिक्कत ना हो। किसी भी अधिवक्ता को मुकदमे में फंसाने की धमकी नहीं दी गई। आरोप बेबुनियाद हैं।
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