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आधी रात डीएम-एसपी ने ली देवरिया जेल की तलाशी, अतीक और उसके करीबियों पर रही खास निगाह
Mon, 31 Dec 2018 07:58 AM IST
Priyesh Mishra
deoria
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Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 31 Dec 2018 07:58 AM IST
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देवरिया जिला जेल
- फोटो : amar ujala
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रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण और जिला जेल में पिटाई कर रंगदारी मांगने के मामले में रविवार की रात प्रशासन हरकत में आ गया। आनन फानन में रात करीब 9 बजे डीएम अमित किशोर और एसपी एन.कोलांचि ने भारी फोर्स के साथ जेल में छापा मारा। उनके साथ एडीएम, सीओ सहित कई थानों की फोर्स भी मौजूद रही। टीम देर रात तक जेल के अंदर बैरकों की तलाशी सहित बंदियों से पूछताछ में जुटी रही।
लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल को दो दिन पूर्व अपहरण कर अतीक के गुर्गे जिला जेल लाए थे। आरोप है कि यहां उसकी पिटाई की गई और फिर जबरन उससे कई प्रापर्टी के कागजातों पर दस्तखत करा लिए गए। उससे रंगदारी भी मांगी गई। किसी तरह उनसे बचकर निकले मोहित ने लखनऊ के कृष्णानगर थाने में केस दर्ज कराया।
मामला सुर्खियों में आने के बाद रविवार की रात डीएम अमित किशोर और एसपी एन.कोलांचि जिला जेल पहुंचे। इससे पहले जिले के सभी थानों की फोर्स को पुलिस लाइन में बुलाया गया। यहां से सभी सीधे जिला जेल पहुंचे। जेल के अंदर अफसरों ने एक-एक बैरकों में जाकर गहन तलाशी ली। अतीक और उसके करीबी खास तौर से निशाने पर रहे। प्रशासन ने जेल में बंद अन्य बदमाशों की बैरकों को भी खंगाला।
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जेल में मुलाकाती रजिस्टर सहित अन्य आगंतुकों से जुड़े रजिस्टर की भी जांच की। देर रात छापेेमारी चलती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई से खलबली मची रही। बंदी रक्षक और जेल के बंदी भी सकते में रहे।
बताते हैं कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य व आपत्तिजनक चीजें अफसरों के हाथ लगी हैं। इस बाबत डीएम अमित किशोर ने बताया कि जेल के बैरकों की जांच की जा रही है। हर तथ्यों को खंगाला जा रहा है। मामले में जिस स्तर पर लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल को दो दिन पूर्व अपहरण कर अतीक के गुर्गे जिला जेल लाए थे। आरोप है कि यहां उसकी पिटाई की गई और फिर जबरन उससे कई प्रापर्टी के कागजातों पर दस्तखत करा लिए गए। उससे रंगदारी भी मांगी गई। किसी तरह उनसे बचकर निकले मोहित ने लखनऊ के कृष्णानगर थाने में केस दर्ज कराया।
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मामला सुर्खियों में आने के बाद रविवार की रात डीएम अमित किशोर और एसपी एन.कोलांचि जिला जेल पहुंचे। इससे पहले जिले के सभी थानों की फोर्स को पुलिस लाइन में बुलाया गया। यहां से सभी सीधे जिला जेल पहुंचे। जेल के अंदर अफसरों ने एक-एक बैरकों में जाकर गहन तलाशी ली। अतीक और उसके करीबी खास तौर से निशाने पर रहे। प्रशासन ने जेल में बंद अन्य बदमाशों की बैरकों को भी खंगाला।
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जेल में मुलाकाती रजिस्टर सहित अन्य आगंतुकों से जुड़े रजिस्टर की भी जांच की। देर रात छापेेमारी चलती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई से खलबली मची रही। बंदी रक्षक और जेल के बंदी भी सकते में रहे।
बताते हैं कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य व आपत्तिजनक चीजें अफसरों के हाथ लगी हैं। इस बाबत डीएम अमित किशोर ने बताया कि जेल के बैरकों की जांच की जा रही है। हर तथ्यों को खंगाला जा रहा है। मामले में जिस स्तर पर लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
माफिया के आगे घुटने टेक चुका है जेल प्रशासन
देवरिया जेल
- फोटो : ANI
जिला जेल में माफिया अतीक मौज काट रहा है। सरकारी व्यवस्था उसके आगे घुटने टेक चुकी है। जेल की सलाखों में पूरी तरह महफूज अतीक गुर्गों के जरिए अंदर से ही अपने साम्राज्य का संचालन कर रहा है। एक के बाद एक कई वारदातों में जेल के अंदर बंद अतीक का नाम सामने आने से जेल प्रशासन पर उसकी हनक साफ जाहिर हो रही है। उच्चाधिकारी भी इससे भली-भांति वाकिफ हैं, लेकिन पानी में रहकर मगर से बैर की हिमाकत करने में खुद को असहज मान रहे हैं।
करीब पौने दो साल पहले अतीक अहमद को शिफ्ट किए जाने के बाद से देवरिया जेल लगातार सुर्खियों में है। कभी जेल की बैरकों में मोबाइल, चाकू जैसे प्रतिबंधित सामान मिलने को लेकर तो कभी फोन से रंगदारी मांगने को लेकर।
पौने दो साल में तीसरी बार अतीक का नाम जेल के अंदर से रंगदारी वसूलने व आपराधिक साजिश रचने में सामने आ चुका है। यह सिर्फ वह मामले हैं, जो रिकॉर्ड में आ सके। इसके अलावा भी आए दिन अतीक अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी वसूल करा रहा है, पर माफिया के भय से लोग मौन रहने में ही भलाई समझते हैं।
जेल की तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, चाकू जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलना आम हो चुका है। इन सबके पीछे कहीं न कहीं अतीक की शह को ही मुख्य कारण माना जाता रहा है। जेल सूत्रों की मानें तो बंदियों-कैदियों के साथ ही जेल प्रशासन पर भी अतीक का रौब है। एक बार तो उसने निरीक्षण में आए एक अधिकारी को सरेआम अपशब्द कहे थे। लिहाजा उसके बाद से ही अफसर अतीक के सामने आने से भी बचते हैं।
मनबढ़ अतीक की इन्हीं कारस्तानियों के कारण ही पूर्व जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने उसकी जेल बदलने के लिए शासन से पत्राचार किया था, पर कुछ दिनों बाद ही बालिका गृह कांड के सुर्खियों में आने और सुजीत कुमार के तबादले से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर जेल में लाकर धमकाने और रंगदारी मांगने की घटना के बाद से प्रशासन फिर सक्रिय हो गया है।
करीब पौने दो साल पहले अतीक अहमद को शिफ्ट किए जाने के बाद से देवरिया जेल लगातार सुर्खियों में है। कभी जेल की बैरकों में मोबाइल, चाकू जैसे प्रतिबंधित सामान मिलने को लेकर तो कभी फोन से रंगदारी मांगने को लेकर।
पौने दो साल में तीसरी बार अतीक का नाम जेल के अंदर से रंगदारी वसूलने व आपराधिक साजिश रचने में सामने आ चुका है। यह सिर्फ वह मामले हैं, जो रिकॉर्ड में आ सके। इसके अलावा भी आए दिन अतीक अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी वसूल करा रहा है, पर माफिया के भय से लोग मौन रहने में ही भलाई समझते हैं।
जेल की तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, चाकू जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलना आम हो चुका है। इन सबके पीछे कहीं न कहीं अतीक की शह को ही मुख्य कारण माना जाता रहा है। जेल सूत्रों की मानें तो बंदियों-कैदियों के साथ ही जेल प्रशासन पर भी अतीक का रौब है। एक बार तो उसने निरीक्षण में आए एक अधिकारी को सरेआम अपशब्द कहे थे। लिहाजा उसके बाद से ही अफसर अतीक के सामने आने से भी बचते हैं।
मनबढ़ अतीक की इन्हीं कारस्तानियों के कारण ही पूर्व जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने उसकी जेल बदलने के लिए शासन से पत्राचार किया था, पर कुछ दिनों बाद ही बालिका गृह कांड के सुर्खियों में आने और सुजीत कुमार के तबादले से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर जेल में लाकर धमकाने और रंगदारी मांगने की घटना के बाद से प्रशासन फिर सक्रिय हो गया है।
जेल से पहले भी मांगी जा चुकी है रंगदारी
सबसे पहले गोरखपुर के ईएनटी सर्जन डॉ. ज्ञानेश को धमकी देने में देवरिया जेल में बंद अपराधी का नाम सामने आया था। कुछ ही महीनों बाद मुलायम यादव ने जेल से ही सुल्तानपुर के अनूप शुक्ला से फोन पर रंगदारी मांगकर तहलका मचा दिया।
करीब चार माह पहले प्रतापगढ़ के एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के वायरल ऑडियो में अतीक की आवाज होने का दावा किया गया। करीब दो माह पहले बेल्थरा के व्यापारी से भी रंगदारी मांगने में देवरिया जेल में बंद बदमाश का नाम सामने आया था। इसके बावजूद जिला जेल के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी।
गुर्गों के जरिए जेल से साम्राज्य चला रहा अतीक
तीन अप्रैल 2017 को नैनी सेंट्रल जेल से अतीक को देवरिया शिफ्ट करने के बाद प्रशासन को उम्मीद थी कि उस पर अंकुश लगेगा, पर रसूख और प्रभाव के बल पर अतीक ने यहां के माहौल को अपने अनुकूल बना लिया है।
आलम यह है कि टोकाटाकी तो दूर जेल प्रशासन के कई अधिकारी भी उसकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखते हैं। अतीक के यहां आने के बाद उसके गुर्गों की धमक भी बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक शहर के कई इलाकों में उन्होंने अपना अस्थाई ठिकाना भी बना लिया है। वह अक्सर अतीक से मिलने जेल पहुंचते रहते हैं। इन्हीं के जरिए अतीक अपने भय के साम्राज्य का संचालन कर रहा है।
अतीक की जेल बदलने के लिए शासन को दोबारा पत्र भेजा गया है। फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा। जेल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। जहां तक सवाल व्यापारी को जेल में लाकर रंगदारी मांगने की है तो इस मामले की जांच जेल के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। अपने स्तर से भी छानबीन कराएंगे। -अमित किशोर, डीएम, देवरिया।
करीब चार माह पहले प्रतापगढ़ के एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के वायरल ऑडियो में अतीक की आवाज होने का दावा किया गया। करीब दो माह पहले बेल्थरा के व्यापारी से भी रंगदारी मांगने में देवरिया जेल में बंद बदमाश का नाम सामने आया था। इसके बावजूद जिला जेल के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी।
गुर्गों के जरिए जेल से साम्राज्य चला रहा अतीक
तीन अप्रैल 2017 को नैनी सेंट्रल जेल से अतीक को देवरिया शिफ्ट करने के बाद प्रशासन को उम्मीद थी कि उस पर अंकुश लगेगा, पर रसूख और प्रभाव के बल पर अतीक ने यहां के माहौल को अपने अनुकूल बना लिया है।
आलम यह है कि टोकाटाकी तो दूर जेल प्रशासन के कई अधिकारी भी उसकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखते हैं। अतीक के यहां आने के बाद उसके गुर्गों की धमक भी बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक शहर के कई इलाकों में उन्होंने अपना अस्थाई ठिकाना भी बना लिया है। वह अक्सर अतीक से मिलने जेल पहुंचते रहते हैं। इन्हीं के जरिए अतीक अपने भय के साम्राज्य का संचालन कर रहा है।
अतीक की जेल बदलने के लिए शासन को दोबारा पत्र भेजा गया है। फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा। जेल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। जहां तक सवाल व्यापारी को जेल में लाकर रंगदारी मांगने की है तो इस मामले की जांच जेल के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। अपने स्तर से भी छानबीन कराएंगे। -अमित किशोर, डीएम, देवरिया।
लखनऊ से कारोबारी का अपहरण कर जेल में पिटाई और 45 करोड़ की संपत्ति के कागजात पर हस्ताक्षर कराने के मामले में एसपी ने रविवार को जेल अधीक्षक को कैंप कार्यालय बुलाकर पूछताछ की। वहीं, रविवार सुबह सीओ सिटी ने जेल पहुंचकर कुछ जानकारी ली।
रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ऑफिस से बुधवार को अगवा किया गया था। आरोप है कि उसे देवरिया जिला जेल लाकर माफिया अतीक अहमद और उसके बेटों ने पीटा। उससे 45 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति पर हस्ताक्षर करा लिए। किसी तरह लखनऊ पहुंचे मोहित ने कृष्णानगर थाने में शुक्रवार रात को केस दर्ज कराया था। इस मामले में अतीक के दो गुर्गे लखनऊ में ही पकड़ लिए गए।
मामला सार्वजनिक होने के बाद एसपी एन.कोलांचि ने इसे गंभीरता से लिया और जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को कैंप कार्यालय तलब कर घटना की जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने एसपी को बताया कि लखनऊ से मोहित कुमार जायसवाल जेल में बंद अतीक अहमद से मिलने आया था। उसके आवेदन पर मिलने की इजाजत दी गई थी। अंदर क्या हुआ पता नहीं।
मोहित ने बाहर जाते समय कुछ बताया नहीं था। उधर, एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी वरुण मिश्र ने भी जेल पहुंचकर छानबीन की। इस बाबत एसपी एन.कोलांचि ने बताया कि जेल अधीक्षक को कैंप कार्यालय पर बुलाया गया था। उनसे जानकारी ली गई है। मामले की जांच डीआईजी जेल गोरखपुर को मिली है। जांच में जो सामने आएगा, वैसा किया जाएगा।
रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ऑफिस से बुधवार को अगवा किया गया था। आरोप है कि उसे देवरिया जिला जेल लाकर माफिया अतीक अहमद और उसके बेटों ने पीटा। उससे 45 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति पर हस्ताक्षर करा लिए। किसी तरह लखनऊ पहुंचे मोहित ने कृष्णानगर थाने में शुक्रवार रात को केस दर्ज कराया था। इस मामले में अतीक के दो गुर्गे लखनऊ में ही पकड़ लिए गए।
मामला सार्वजनिक होने के बाद एसपी एन.कोलांचि ने इसे गंभीरता से लिया और जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को कैंप कार्यालय तलब कर घटना की जानकारी ली। जेल अधीक्षक ने एसपी को बताया कि लखनऊ से मोहित कुमार जायसवाल जेल में बंद अतीक अहमद से मिलने आया था। उसके आवेदन पर मिलने की इजाजत दी गई थी। अंदर क्या हुआ पता नहीं।
मोहित ने बाहर जाते समय कुछ बताया नहीं था। उधर, एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी वरुण मिश्र ने भी जेल पहुंचकर छानबीन की। इस बाबत एसपी एन.कोलांचि ने बताया कि जेल अधीक्षक को कैंप कार्यालय पर बुलाया गया था। उनसे जानकारी ली गई है। मामले की जांच डीआईजी जेल गोरखपुर को मिली है। जांच में जो सामने आएगा, वैसा किया जाएगा।
देर शाम पहुंचे डीआईजी जेल, की पड़ताल
लखनऊ से रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जिला जेल में पिटाई मामले की जांच शासन ने डीआईजी गोरखपुर को सौंपी है। रविवार की देर शाम देवरिया जेल पहुंचे प्रभारी डीआईजी रामधनी ने जेल प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी ली। मुलाकाती रजिस्टर को चेक किया। माफिया के बैरक तक पहुंचकर वहां तैनात बंदी रक्षकों व अन्य बंदियों से भी पूछताछ की। डीआईजी ने शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही।