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लापता किशोरी के मामले में आया नया मोड़
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:33 PM IST
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UP POLICE
- फोटो : SELF
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देवरिया। बालगृह बालिका से लापता हुई किशोरी के मामले में नया मोड़ आ गया है। मजिस्ट्रेटी जांच में सामने आया है कि किशोरी को उसके माता-पिता जेल में बंद संचालिका से अपनी सुपुर्दगी में ले चुके हैं।
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इस बारे में पूछताछ के लिए किशोरी के माता-पिता को जिला प्रोबेशन कार्यालय में बुलाया गया है। बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के जेल जाने के बाद बस्ती के गौर थानाक्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर संचालिका पर बेटी को लापता करने का आरोप लगाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम अमित किशोर ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया। सदर एसडीएम रामकेश यादव को जांच अधिकारी नामित किया गया। प्रोबेशन कार्यालय की ओर से मजिस्ट्रेट को दिए गए रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 मार्च 2016 को किशोरी बालगृह बालिका में दाखिल की गई थी। तत्कालीन सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट आने के बाद छह मई 2016 को किशोरी के माता-पिता उसे अपने साथ ले गए। पत्रावलियों में माता-पिता के अंगूठे का निशान, आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी साक्ष्य के तौर पर लगा है। मां ने बिना बताए घर से किशोरी के लापता होने का बयान दर्ज कराया है। प्रोबेशन कार्यालय की रिपोर्ट के बाद मजिस्ट्रेट ने बेटी के लापता होने का दावा करने वाले मां-बाप को बुलाया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि जो अभिलेख मिले हैं, उसमें लड़की के दाखिल होने और उसे मां-बाप को सुपुर्द करने का ब्योरा और साक्ष्य लगा है। माता-पिता को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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