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जिला जेल में मुलाकातियों की सघनता से हुई जांच

Mon, 09 Jul 2018 11:06 PM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:06 PM IST
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जिला जेल में मुलाकातियों की सघनता से हुई जांच
जिला कारागार देवरिया। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। बागपत जेल में सोमवार को कुख्यात मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद यहां जिला जेल में भी अलर्ट रहा। हर मुलाकाती की गहनता से जांच की गई। यहां पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद पिछले सवा साल से बंद है। कई अन्य कुख्यात भी निरुद्ध हैं। मुन्ना बजरंगी के हत्यारे सुनील राठी का भाई अरविंद करीब सवा साल इसी जेल में बंद रहा। भाजपा सरकार बनने के बाद उसे पश्चिम के जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। जेल की सुरक्षा के प्रति इसलिए भी प्रशासन अलर्ट है, क्योंकि यहां पूर्व में बवाल भी हो चुका है। दो दिन पहले ही मोबाइल फोन, कैंची जैसी आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई थी।
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मुन्ना बजरंगी की दुस्साहिक हत्या के बाद प्रदेश सरकार ने सभी जेलों में सख्ती के निर्देश दिए। देवरिया जेल प्रशासन भी अलर्ट हुआ। यहां बंद अतीक अहमद का संबंध इलाहाबाद से है, जबकि मुन्ना बजरंगी भी पड़ोसी जौनपुर जिले का ही निवासी था। जौनपुर के अलावा भदोही, इलाहाबाद में भी उसकी धमक थी। लिहाजा सोमवार को विशेष तौर से अतीक से मिलने वालों की गहनता से जांच की गई। वैसे सभी मुलाकातियों के सामान को बारीकी से देखा गया। हालांकि कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला। जेल में बड़े अधिकारियों के आने की भी सूचना थी पर शाम तक कोई नहीं पहुंचा था। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि हर मुलाकाती की गहनता से जांच की गई। आगे भी यह क्रम चलता रहेगा।
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जिला जेल में हो चुका है बवाल
करीब डेढ़ वर्ष पहले जिला जेल में बवाल हो चुका है। सिर्फ कुछ बंदियों और कैदियों को अच्छा तथा बाकी को खराब भोजन देने का आरोप हंगामे का कारण बना। नाराज बंदियों और कैदियों ने बंदीरक्षकों और पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। मेस पर कब्जा कर लिया। दो से तीन घंटे तक उपद्रव चलता रहा। बंदीरक्षकों को भागना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस छोड़े। हवाई फायरिंग भी की। तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने जेल की चहारदीवारी पर चढ़कर मोर्चा संभाला था।
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मिल चुके हैं 50 से अधिक मोबाइल
जिला जेल में बंद तमाम अपराधी कुछ भी हासिल कर पा रहे हैं। पिछले तीन महीने में बंदियों के पास मिले 50 से अधिक मोबाइल इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। अभी शनिवार को ही अपर आयुक्त गोरखपुर और एसपी उत्तरी गोरखपुर ने छापा मारा तो एक मोबाइल, चार चार्जर और एक कैंची मिला।
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