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12 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया तेंदुआ
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देवरिया के लबकनी गांव में गांववालों ने एक कमरे तेंदुए को कैद कर दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया/गौरीबाजार। जंगल से भटककर आया तेंदुआ शुक्रवार को गौरीबाजार के लवकनी-बिरवां गांव में घुस गया। हमला कर दो कुत्तों को मार गिराया। पशुशाला में छिपकर बैठे तेंदुए पर लोगों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तख्त और चारपाई लगाकर उसे एक मकान में कैैद कर दिया। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने तेंदुए को पिंजरे में बंद किया और सोहगीबरवा जंगल में ले गई।
गौरीबाजार थानाक्षेत्र के लवकनी गांव निवासी कन्हैया के घर के लोग शुक्रवार सुबह जगे, तो देखा कि पशुओं के रहने के लिए बने घर में तेंदुए बैठा है। परिवारवालों ने पटाखा फोड़ा तो तेंदुआ भागने लगा। भागते हुए वह एक मकान में बाहर बनी सीढ़ी के रास्ते छत पर चढ़ गया। शोर सुनकर गांव के लोग और कुत्ते उसे दौड़ाने लगे। वह एक गन्ने के खेत में घुस गया। कुत्ते जब उस पर झपटे तो उसने हमला कर दोनों को मार गिराया। तेंदुआ भागते हुए बिरवां गांव के शिवधारी चौहान के लवकनी गांव में एक घर में जा घुसा। लाठी-डंडा लेकर गांववालों ने दरवाजे पर तख्त लगाकर उसे कैद कर दिया। लोगों ने डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर अरुण मौर्य, एसआई अवधेेश मिश्र मयफोर्स पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल आर. हेमंत कुमार, डीएफओ प्रमोद गुप्त, एसडीओ प्रदीप त्रिपाठी, क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित त्रिपाठी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम पहुंच गई। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल मंगाया गया। काफी मशक्कत के बाद शाम चार बजे दीवार काटकर तेंदुआ को पिंजरे में कैद किया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल आर हेमंत कुमार ने बताया कि तेंदुआ कहीं से भटक कर आया होगा। उसे सोहगीबरवा रेंज में छोड़ा जाएगा।
कहां से आया तेंदुआ, किसी को नहीं पता
लवकनी-बिरवां गांव में तेंदुआ कहां से आया, किसी को पता नहीं चल सका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि देवरिया-गोरखपुर जिले की सीमा पर मझना नाले के दोनों तरफ कुछ वन क्षेत्र है। तेंदुआ उसी में रह रहा होगा। भोजन की तलाश में वह गांव में घुसा होगा।
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अटकी रही सांस, लोग रहे परेशान
तेंदुआ के लवकनी गांव में तेंदुआ घुसने की खबर से लोग दहशत में रहे। लवकनी, बिरवां और आसपास के गांव के लोगों की सांस अटकी रही। लोग अपने बच्चों को घर में बंद कर दिए थे। शाम चार बजे जब तेंदुआ को कैद कर लिए जाने की खबर मिली तो लोगों ने राहत की सांस ली और घरों से बाहर निकले।
रमेश की हिम्मत को लोगों ने सराहा
तेंदुआ बिरवां गांव के शिवधारी चौहान के घर में घुसकर आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया। लोगों को लगा कि वह किसी पर भी हमला कर देगा। उसी दौरान गांव के राजमिस्त्री रमेश चौहान ने हिम्मत दिखाई। दरवाजे के बाहर रखे तख्त को फुर्ती से खड़ा कर दरवाजे पर लगा दिया। तेंदुआ अंदर से धक्का दिया, लेकिन तब अन्य लोगों ने भी बाहर से तख्त को दबा दिया। इससे वह घर में कैद हो गया था। बाद में पहुंची वन विभाग की टीम ने सारे उसे कैद करने के सारे उपाय किए।
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गौरीबाजार थानाक्षेत्र के लवकनी गांव निवासी कन्हैया के घर के लोग शुक्रवार सुबह जगे, तो देखा कि पशुओं के रहने के लिए बने घर में तेंदुए बैठा है। परिवारवालों ने पटाखा फोड़ा तो तेंदुआ भागने लगा। भागते हुए वह एक मकान में बाहर बनी सीढ़ी के रास्ते छत पर चढ़ गया। शोर सुनकर गांव के लोग और कुत्ते उसे दौड़ाने लगे। वह एक गन्ने के खेत में घुस गया। कुत्ते जब उस पर झपटे तो उसने हमला कर दोनों को मार गिराया। तेंदुआ भागते हुए बिरवां गांव के शिवधारी चौहान के लवकनी गांव में एक घर में जा घुसा। लाठी-डंडा लेकर गांववालों ने दरवाजे पर तख्त लगाकर उसे कैद कर दिया। लोगों ने डायल-100 पर पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर अरुण मौर्य, एसआई अवधेेश मिश्र मयफोर्स पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल आर. हेमंत कुमार, डीएफओ प्रमोद गुप्त, एसडीओ प्रदीप त्रिपाठी, क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित त्रिपाठी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम पहुंच गई। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल मंगाया गया। काफी मशक्कत के बाद शाम चार बजे दीवार काटकर तेंदुआ को पिंजरे में कैद किया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल आर हेमंत कुमार ने बताया कि तेंदुआ कहीं से भटक कर आया होगा। उसे सोहगीबरवा रेंज में छोड़ा जाएगा।
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कहां से आया तेंदुआ, किसी को नहीं पता
लवकनी-बिरवां गांव में तेंदुआ कहां से आया, किसी को पता नहीं चल सका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि देवरिया-गोरखपुर जिले की सीमा पर मझना नाले के दोनों तरफ कुछ वन क्षेत्र है। तेंदुआ उसी में रह रहा होगा। भोजन की तलाश में वह गांव में घुसा होगा।
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अटकी रही सांस, लोग रहे परेशान
तेंदुआ के लवकनी गांव में तेंदुआ घुसने की खबर से लोग दहशत में रहे। लवकनी, बिरवां और आसपास के गांव के लोगों की सांस अटकी रही। लोग अपने बच्चों को घर में बंद कर दिए थे। शाम चार बजे जब तेंदुआ को कैद कर लिए जाने की खबर मिली तो लोगों ने राहत की सांस ली और घरों से बाहर निकले।
रमेश की हिम्मत को लोगों ने सराहा
तेंदुआ बिरवां गांव के शिवधारी चौहान के घर में घुसकर आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया। लोगों को लगा कि वह किसी पर भी हमला कर देगा। उसी दौरान गांव के राजमिस्त्री रमेश चौहान ने हिम्मत दिखाई। दरवाजे के बाहर रखे तख्त को फुर्ती से खड़ा कर दरवाजे पर लगा दिया। तेंदुआ अंदर से धक्का दिया, लेकिन तब अन्य लोगों ने भी बाहर से तख्त को दबा दिया। इससे वह घर में कैद हो गया था। बाद में पहुंची वन विभाग की टीम ने सारे उसे कैद करने के सारे उपाय किए।