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घर से भागकर खुद किन्नरों के पास पहुंचा था छात्र
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छात्र के अपहरण के बारे में एसपी ने जानाकरी दी।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। भलुअनी स्थित चाय विक्रेता के बेटे के अपहरण की कहानी झूठी निकली। वह खुद घर से भागकर किन्नरों के पास लखनऊ चला गया था। घरवालों से सच्चाई छिपाने के लिए उसने अपहरण की कहानी रची। उसने पांच लाख रुपये की फिरौती का एसएमएस भेजने के बाद मोबाइल भी फेंक दिया था, मगर सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला। छात्र को लखनऊ से लाकर बुधवार को देवरिया पहुंची पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी किरीट राठोड ने बताया कि चाय विक्रेता का बेटा शहर के एक निजी स्कूल में आठवीं का छात्र है। घर से भागने से पहले ही उसने पूरा प्लॉन तैयार कर लिया था। 19 मार्च को घर से स्कूल के लिए निकला तो पिता का मोबाइल फोन भी साथ लेता गया। फोन से पहले घरवालों को अपने साथ मारपीट करने की सूचना दी और फिर उसे स्विच ऑफ कर लिया। कुछ देर बाद नंबर ऑन कर फिरौती का एसएमएस भेजा और फिर ऑफ कर मोबाइल फेंक दिया। देवरिया रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचा, जहां टेंपो में सवार होकर खुद किन्नरों के ठिकाने तक पहुंच गया। वह उन्हीं के साथ रह रहा था। एसपी ने बताया कि अपहरण का केस दर्ज होने के बाद भलुअनी पुलिस और सर्विलांस सेल को मामले का खुलासा करने के लिए लगाया गया था। मोबाइल का लोकेशन नहीं मिलने पर सर्विलांस सेल ने छात्र के फेसबुक अकाउंट को खंगालना शुरू किया। फेसबुक पर हुई चैटिंग को ट्रेस करते हुए पुलिस लखनऊ पहुंची। वहां हसनगंज पुलिस की मदद से छात्र को मछलीमंडी स्थित किन्नर के घर से पकड़ लिया। किन्नरों ने पुलिस टीम को छात्र की पकड़वाने में पूरा सहयोग किया। एसपी ने बताया कि छात्र ने पूछताछ में खुद पूरे घटनाक्रम को स्वीकार किया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुरस्कृत होगी पुलिस टीम
एसपी ने छात्र को बरामद करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में भलुअनी के एसआई अश्वनी तिवारी, स्पेशल टीम के एसआई घनश्याम सिंह, सर्विलांस सेल के आरक्षी सुधीर मिश्र, रियाज खां और कमलेश शामिल रहे।
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घरवाले टोकते थे, इसलिए भाग गया
पुलिस ने बताया कि छात्र की हरकतों पर घरवाले उसे डांटते रहते थे। कई बार कड़ी फटकार भी लगा चुके थे। बार-बार की टोकाटाकी से वह आजिज आ चुका था। लिहाजा घर से भागने का प्लॉन तैयार किया। अभी मामले की विस्तृत छानबीन कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में और किसने छात्र की मदद की थी।
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पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी किरीट राठोड ने बताया कि चाय विक्रेता का बेटा शहर के एक निजी स्कूल में आठवीं का छात्र है। घर से भागने से पहले ही उसने पूरा प्लॉन तैयार कर लिया था। 19 मार्च को घर से स्कूल के लिए निकला तो पिता का मोबाइल फोन भी साथ लेता गया। फोन से पहले घरवालों को अपने साथ मारपीट करने की सूचना दी और फिर उसे स्विच ऑफ कर लिया। कुछ देर बाद नंबर ऑन कर फिरौती का एसएमएस भेजा और फिर ऑफ कर मोबाइल फेंक दिया। देवरिया रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचा, जहां टेंपो में सवार होकर खुद किन्नरों के ठिकाने तक पहुंच गया। वह उन्हीं के साथ रह रहा था। एसपी ने बताया कि अपहरण का केस दर्ज होने के बाद भलुअनी पुलिस और सर्विलांस सेल को मामले का खुलासा करने के लिए लगाया गया था। मोबाइल का लोकेशन नहीं मिलने पर सर्विलांस सेल ने छात्र के फेसबुक अकाउंट को खंगालना शुरू किया। फेसबुक पर हुई चैटिंग को ट्रेस करते हुए पुलिस लखनऊ पहुंची। वहां हसनगंज पुलिस की मदद से छात्र को मछलीमंडी स्थित किन्नर के घर से पकड़ लिया। किन्नरों ने पुलिस टीम को छात्र की पकड़वाने में पूरा सहयोग किया। एसपी ने बताया कि छात्र ने पूछताछ में खुद पूरे घटनाक्रम को स्वीकार किया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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पुरस्कृत होगी पुलिस टीम
एसपी ने छात्र को बरामद करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में भलुअनी के एसआई अश्वनी तिवारी, स्पेशल टीम के एसआई घनश्याम सिंह, सर्विलांस सेल के आरक्षी सुधीर मिश्र, रियाज खां और कमलेश शामिल रहे।
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घरवाले टोकते थे, इसलिए भाग गया
पुलिस ने बताया कि छात्र की हरकतों पर घरवाले उसे डांटते रहते थे। कई बार कड़ी फटकार भी लगा चुके थे। बार-बार की टोकाटाकी से वह आजिज आ चुका था। लिहाजा घर से भागने का प्लॉन तैयार किया। अभी मामले की विस्तृत छानबीन कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में और किसने छात्र की मदद की थी।