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जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को मिली जमानत
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:45 PM IST
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रामप्रवेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। दीपक मणि अपहरण कांड के मुख्य आरोपी जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी है। हाईकोर्ट के आदेश पर देवरिया न्यायालय की ओर से जरूरी कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट जमानतदारों का सत्यापन करा रही है। हालांकि गैंगेस्टर के भी केस के कारण अभी जेल से रिहाई मुश्किल दिख रही है।
देवरिया खास मोहल्ला निवासी दीपक मणि त्रिपाठी का 20 मार्च को अपहरण कर जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने करोड़ों रुपये की जमीन बैनामा करा लिया है। दीपक की बहन डॉ. शालिनी शुक्ला की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने 28 अप्रैल को केस दर्ज कर लिया। एक मई की रात को पूर्व सांसद के कटरा से पुलिस ने दीपक को बरामद किया था। आरोपी अध्यक्ष रामप्रवेश यादव फरार हो गया था। पुलिस ने पहले 10 और फिर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। आईजी गोरखपुर ने ईनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। पुलिस ने महराजगंज के ठूठीबारी से जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को गिरफ्तार कर लिया था। 27 मई को उन्हें जेल भेजा गया था। तभी से वह जेल में बंद हैं। जिला न्यायालय से अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला न्यायालय की ओर से कार्रवाई की जा रही है। एक लाख रुपये जमा कराए गए हैं। जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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देवरिया खास मोहल्ला निवासी दीपक मणि त्रिपाठी का 20 मार्च को अपहरण कर जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने करोड़ों रुपये की जमीन बैनामा करा लिया है। दीपक की बहन डॉ. शालिनी शुक्ला की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने 28 अप्रैल को केस दर्ज कर लिया। एक मई की रात को पूर्व सांसद के कटरा से पुलिस ने दीपक को बरामद किया था। आरोपी अध्यक्ष रामप्रवेश यादव फरार हो गया था। पुलिस ने पहले 10 और फिर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। आईजी गोरखपुर ने ईनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। पुलिस ने महराजगंज के ठूठीबारी से जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव को गिरफ्तार कर लिया था। 27 मई को उन्हें जेल भेजा गया था। तभी से वह जेल में बंद हैं। जिला न्यायालय से अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला न्यायालय की ओर से कार्रवाई की जा रही है। एक लाख रुपये जमा कराए गए हैं। जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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