{"_id":"5b799d0a42c79246560423f0","slug":"51534696714-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीबीपी जवान की उड़ीसा के कटक में मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आईटीबीपी जवान की उड़ीसा के कटक में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:18 PM IST
विज्ञापन
सुधाकर तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घांटी बाजार। भटनी थाना क्षेत्र के इमिलियां गांव निवासी आईटीबीपी के जवान की ओडिशा के कटक में शनिवार को मौत हो गई। अचानक कमर में तेज दर्द होने पर साथी जवानों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। मौत की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन मौत के कारण को संदिग्ध मान रहे हैं। भटनी के इमिलिया गांव निवासी अच्युतानंद तिवारी का इकलौता बेटा सुधाकर कुमार तिवारी आईटीबीपी में 2012 में पंजाब में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कटक में थी।
17 अगस्त को अचानक कमर में दर्द शुरू होने पर उनको साथी जवानों ने अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद आराम होने पर वह अपने बैरक में चले आए। 18 की शाम को फिर कमर में तेज दर्द की शिकायत पर दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सुधाकर की शादी फरवरी 2016 में महुवी संग्राम के मनीषा से हुई थी। बेटे की मौत की सूचना से मां नर्मदा देवी व पत्नी मनीषा बार-बार अचेत हो जा रही हैं। परिजन कमर दर्द से मौत होने की बात को संदिग्ध मान रहे हैं।
भाई को राखी बांधने के अरमान रह गए अधूरे
घांटी बाजार। आईटीबीपी जवान सुधाकर एक सप्ताह पहले घर से छुट्टी समाप्त होने पर ड्यूटी पर गया था। जाते समय अपनी छोटी बहन अनामिका को साथ सिर्फ इसलिए ले गया था कि रक्षा बंधन भी कुछ दिन बाद आने वाला था। बहन भाई को रक्षाबंधन के बाद जाने की बात कर रही थी, लेकिन छुट्टी समाप्त होने के चलते उसे ड्यूटी पर जाना जरूरी था। लिहाजा बड़ी बहन अंजू की राखी लिफाफे में रख कर छोटी बहन को अपने साथ ले गया। वह अपनी कलाई पर बहनों की राखी को सजाना चाहता था। कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। बड़ी बहन अंजू तिवारी दहाड़े मार कर रो रही थी। वह कह रही थी कि हम किसकी कलाई पर अब राखी बांधेंगे। रह-रह कर वह बेहोश हो जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
17 अगस्त को अचानक कमर में दर्द शुरू होने पर उनको साथी जवानों ने अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद आराम होने पर वह अपने बैरक में चले आए। 18 की शाम को फिर कमर में तेज दर्द की शिकायत पर दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सुधाकर की शादी फरवरी 2016 में महुवी संग्राम के मनीषा से हुई थी। बेटे की मौत की सूचना से मां नर्मदा देवी व पत्नी मनीषा बार-बार अचेत हो जा रही हैं। परिजन कमर दर्द से मौत होने की बात को संदिग्ध मान रहे हैं।
विज्ञापन
भाई को राखी बांधने के अरमान रह गए अधूरे
घांटी बाजार। आईटीबीपी जवान सुधाकर एक सप्ताह पहले घर से छुट्टी समाप्त होने पर ड्यूटी पर गया था। जाते समय अपनी छोटी बहन अनामिका को साथ सिर्फ इसलिए ले गया था कि रक्षा बंधन भी कुछ दिन बाद आने वाला था। बहन भाई को रक्षाबंधन के बाद जाने की बात कर रही थी, लेकिन छुट्टी समाप्त होने के चलते उसे ड्यूटी पर जाना जरूरी था। लिहाजा बड़ी बहन अंजू की राखी लिफाफे में रख कर छोटी बहन को अपने साथ ले गया। वह अपनी कलाई पर बहनों की राखी को सजाना चाहता था। कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। बड़ी बहन अंजू तिवारी दहाड़े मार कर रो रही थी। वह कह रही थी कि हम किसकी कलाई पर अब राखी बांधेंगे। रह-रह कर वह बेहोश हो जा रही थी।
विज्ञापन