विज्ञापन

कोतवाली पुलिस ने की चूक, सीडब्लूसी ने किया तलब

Gorakhpur Bureau Updated Sat, 08 Sep 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कोतवाली पुलिस ने की चूक, सीडब्ल्यूसी ने किया तलब
विज्ञापन
शिशु के बरामद होने की सूचना, सेम डे में पुलिस ने जीडी में नहीं किया दर्ज
पुलिस ने महिला अस्पताल में शिशु को कराया था भर्ती, सीडब्ल्यूसी ने दिया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका कांड में घिरी देवरिया पुलिस ने फिर चूक की है। लावारिस हालत में बरामद नवजात की सूचना सेम डे में पुलिस दर्ज नहीं की है। सीडब्ल्यूसी के सदस्य ने नोटिस जारी कर सदर कोतवाल को तलब किया है। शहर के राघवनगर मोहल्ले में 23 अगस्त को झाड़ी में नवजात शिशु मिला। पुलिस ने शिशु को लाकर महिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पुलिस और देवरिया में कार्य कर रही महराजगंज के सीडब्ल्यूसी की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। लेकिन जीडी में पुलिस ने नवजात बरामद होने की सूचना सेम डे में दर्ज नहीं किया है। 28 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की बैठक में कोतवाल नहीं पहुंचे और जीडी में सूचना दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। सीडब्ल्यूसी के सदस्य राजेश वर्मा और विंध्यवासिनी ने कोतवाल को नोटिस जारी मंगलवार को खरजरवा कार्यालय में तलब कर जीडी में पांच दिन बाद आधी अधूरी शिशु बरामद होने की सूचना दर्ज करने का स्पष्टीकरण मांगा है। इसके पहले पुलिस डीएम के रोक के बावजूद बालगृह बालिका में लड़कियों को लाकर रखती थी। जांच की जद में बालिका गृह के आने पर कई थानेदार व इंस्पेक्टर की परेशानी बढ़ गई है। सेम डे में शिशु की बरामदगी जीडी में दर्ज नहीं करना कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा रहा है। सीडब्ल्यूसी के सदस्य राजेश वर्मा ने बताया कि पुलिस सेम डे शिशु को बरामद करने की सूचना जीडी में दर्ज नहीं किया है। विशेष दत्तक ग्रहण इकाई (कारा) की वेबसाइट पर जब शिशु का विवरण अपलोड होगा तो उसमें जीडी की कॉपी भी रहती है। जिसमें शिशु के बरामद स्थान और सूचना देने वाले का ब्योरा जीडी से ही पुष्टि होती है। इसके लिए कोतवाल को नोटिस जारी कर कार्यालय में तलब किया गया है।


गोरखपुर शिशु गृह भेजा जाएगा शिशु
महिला अस्पताल में 15 दिन भर्ती नवजात शिशु स्वस्थ्य हो गया है। सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने डॉक्टर से मिलकर शुक्रवार को जानकारी लिया। सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने कोतवाल को गोरखपुर जेल रोड स्थित एशियन सहयोगी संस्थान द्वारा संचालित हो रहे शिशु गृह में पहुंचाने के लिए नोटिस दिया है। जरूरत महसूस होने पर बाल कल्याण अधिकारी या प्रोबेशन कार्यालय से से मदद लेने का भी नोटिस में जिक्र किया गया है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kullu

शिरढ़ में महिला की संदिग्ध मौत

शिरढ़ में महिला की संदिग्ध मौत

23 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: बच्ची से सुनिए देवरिया बालिका गृह की गंदी करतूत का पूरा सच

देवरिया बालिका कांड में तीन सदस्यीय टीम ने जांच पूरी कर ली है। अब जांच की रिपोर्ट तैयार कर सीएम योगी को सौंपी जाएगी।

7 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree