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लाखों रुपये टैक्स दबाए बैठे हैं शराब दुकानदार
डीएम की सख्ती के बाद जिला पंचायत ने 250 अनुज्ञापियों को दिया नोटिस
ग्रामीण क्षेत्र की हैं सभी दुकानें, प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये देना होता है टैक्स
अफसरों की उदासीनता से करीब पांच वर्षों से दुकानदार नहीं जमा करते थे टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कई वर्षों से जिला पंचायत का टैक्स शराब दुकानदार नहीं दे रहे हैं। डीएम की सख्ती के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र के 250 अनुज्ञापियों को नोटिस जारी किया है। इससे परेशान दुकानदार आबकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
आबकारी विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लाइसेंसी शराब की दुकानदार चलाने वाले अनुज्ञापी जिला पंचायत को टैक्स नहीं दे रहे थे। प्रभावशाली दुकानदारों के सामने कोई अफसर इसके लिए पहल भी नहीं करता था। इसकी वजह से लाखों रुपये जिला पंचायत का बकाया शराब दुकानदारों पर पड़ा है। इसकी जानकारी जब डीएम को हुई तो उन्होंने जिला पंचायत के अफसरों और आबकारी अधिकारी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अविलंब दुकानदारों से बकाया टैक्स वसूलने के निर्देश दिए। आनन-फानन जिला पंचायत प्रशासन ने 250 शराब दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। एक साल में एक दुकानदार को करीब छह हजार रुपये जमा करना होता है। करीब पांच वर्षों से कोई दुकानदार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों की बेचैनी बढ़ गई है। नियमानुसार जो शराब की दुकान घाटे में गई होगी। उसके टैक्स में कटौती होगी। बाकी दुकानदारों को टैक्स देना ही पड़ेगा। टैक्स देने में टाल-मटोल करने वाले अनुज्ञापियों पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। इस दौरान डीएम अमित किशोर ने बताया कि लाखों रुपये जिला पंचायत का टैक्स ग्रामीण इलाके के शराब दुकानदारों पर बकाया है। दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय के अंदर जमा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में संचालित होती हैं 337 शराब की दुकानें
देवरिया। आबकारी विभाग के अनुसार देशी शराब की 164, अंग्रेजी शराब की 83, बीयर की 83, पांच मॉडल शॉप और एक अप्सरा बार संचालित होता है। इसमें 250 शराब की दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होती हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में दुकान चलाने वाले अनुज्ञापियों को जिला पंचायत का बकाया टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है।
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डीएम की सख्ती के बाद जिला पंचायत ने 250 अनुज्ञापियों को दिया नोटिस
ग्रामीण क्षेत्र की हैं सभी दुकानें, प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये देना होता है टैक्स
अफसरों की उदासीनता से करीब पांच वर्षों से दुकानदार नहीं जमा करते थे टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कई वर्षों से जिला पंचायत का टैक्स शराब दुकानदार नहीं दे रहे हैं। डीएम की सख्ती के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र के 250 अनुज्ञापियों को नोटिस जारी किया है। इससे परेशान दुकानदार आबकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
आबकारी विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लाइसेंसी शराब की दुकानदार चलाने वाले अनुज्ञापी जिला पंचायत को टैक्स नहीं दे रहे थे। प्रभावशाली दुकानदारों के सामने कोई अफसर इसके लिए पहल भी नहीं करता था। इसकी वजह से लाखों रुपये जिला पंचायत का बकाया शराब दुकानदारों पर पड़ा है। इसकी जानकारी जब डीएम को हुई तो उन्होंने जिला पंचायत के अफसरों और आबकारी अधिकारी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अविलंब दुकानदारों से बकाया टैक्स वसूलने के निर्देश दिए। आनन-फानन जिला पंचायत प्रशासन ने 250 शराब दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। एक साल में एक दुकानदार को करीब छह हजार रुपये जमा करना होता है। करीब पांच वर्षों से कोई दुकानदार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों की बेचैनी बढ़ गई है। नियमानुसार जो शराब की दुकान घाटे में गई होगी। उसके टैक्स में कटौती होगी। बाकी दुकानदारों को टैक्स देना ही पड़ेगा। टैक्स देने में टाल-मटोल करने वाले अनुज्ञापियों पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। इस दौरान डीएम अमित किशोर ने बताया कि लाखों रुपये जिला पंचायत का टैक्स ग्रामीण इलाके के शराब दुकानदारों पर बकाया है। दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय के अंदर जमा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में संचालित होती हैं 337 शराब की दुकानें
देवरिया। आबकारी विभाग के अनुसार देशी शराब की 164, अंग्रेजी शराब की 83, बीयर की 83, पांच मॉडल शॉप और एक अप्सरा बार संचालित होता है। इसमें 250 शराब की दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होती हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में दुकान चलाने वाले अनुज्ञापियों को जिला पंचायत का बकाया टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है।
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