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विवेचकों और सिपाहियों का खंगाला जा रहा तिथिवार ब्योरा
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:28 PM IST
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विवेचकों और सिपाहियों का खंगाला जा रहा ब्योरा
प्वाइंटर
एसपी से एसआईटी ने मनमानी करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची मांगी, 18 थानों से मांगी गई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका में लड़कियों को लाने वाले सिपाहियों व विवेचकों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसआईटी ने इनकी सूची मांगी है। सूत्रों के मुताबिक इस सूची में जिले के 122 से अधिक महिला, पुरुष सिपाही और इंस्पेक्टरों के नाम शामिल हैं। ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
मान्यता स्थगित होने के बावजूद संचालित हो रहे बालगृह बालिका पर पांच अगस्त को तत्कालीन एसपी ने प्रोबेशन अधिकारी की तहरीर पर छापा मारा। पुलिस ने लड़कियों के यौन शोषण की बात कही। हालांकि एसआईटी की जांच में साक्ष्य कमजोर होने व पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद खाकी बैकफुट पर आ गई। प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में रोक के बावजूद पुलिस की ओर से बालगृह बालिका में लड़कियों को लाकर रखने की बात कही गई है। एसआईटी ने निर्देश पर एक सप्ताह से ऐसे पुलिसकर्मियों का थानों से तिथिवार ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसमें किसी तिथि को लड़की बरामद हुई, कब बाल गृह बालिका में लाकर रखी गई। यहां से कब-कब मेडिकल परीक्षण, गोपनीय ब्यान के लिए कोर्ट में ले जाई गई और कौन किसी मुकदमे में विवेचक रहा और किसने दाखिल कराया और कौन ले गया। सभी थानों पर इसकी सूची तैयार कराई जा रही है। इसे लेकर पुलिसकर्मियों में खलबली मची है। कोर्ट के आदेश पर अपने घर गई लड़कियों से मिलकर पुलिस वाले उनसे बालगृह बालिका की गतिविधियों की जानकारी ले रहे हैं।
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एसपी से एसआईटी ने मनमानी करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची मांगी, 18 थानों से मांगी गई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका में लड़कियों को लाने वाले सिपाहियों व विवेचकों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसआईटी ने इनकी सूची मांगी है। सूत्रों के मुताबिक इस सूची में जिले के 122 से अधिक महिला, पुरुष सिपाही और इंस्पेक्टरों के नाम शामिल हैं। ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
मान्यता स्थगित होने के बावजूद संचालित हो रहे बालगृह बालिका पर पांच अगस्त को तत्कालीन एसपी ने प्रोबेशन अधिकारी की तहरीर पर छापा मारा। पुलिस ने लड़कियों के यौन शोषण की बात कही। हालांकि एसआईटी की जांच में साक्ष्य कमजोर होने व पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद खाकी बैकफुट पर आ गई। प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में रोक के बावजूद पुलिस की ओर से बालगृह बालिका में लड़कियों को लाकर रखने की बात कही गई है। एसआईटी ने निर्देश पर एक सप्ताह से ऐसे पुलिसकर्मियों का थानों से तिथिवार ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसमें किसी तिथि को लड़की बरामद हुई, कब बाल गृह बालिका में लाकर रखी गई। यहां से कब-कब मेडिकल परीक्षण, गोपनीय ब्यान के लिए कोर्ट में ले जाई गई और कौन किसी मुकदमे में विवेचक रहा और किसने दाखिल कराया और कौन ले गया। सभी थानों पर इसकी सूची तैयार कराई जा रही है। इसे लेकर पुलिसकर्मियों में खलबली मची है। कोर्ट के आदेश पर अपने घर गई लड़कियों से मिलकर पुलिस वाले उनसे बालगृह बालिका की गतिविधियों की जानकारी ले रहे हैं।
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