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एसआईटी ने कंचनलता के पति से की पूछताछ
Updated Thu, 23 Aug 2018 10:39 PM IST
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बालगृह बालिका।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। एसआईटी ने गुरुवार को बालिकागृह कांड की आरोपी कंचनलता के पति सोनू (35) से पूछताछ की। प्रकरण से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ के बाद देर शाम उन्हें जाने दिया गया।
बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कंचनलता यहां अधीक्षिका पद पर कार्यरत थी। पांच अगस्त की रात को पुलिस की छापेमारी के दौरान वह नहीं मिली, लेकिन सात अगस्त को वह खुद पुलिस के पास पहुंच गई। कुछ दिन हिरासत में रखकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की और फिर जेल भेज दिया।
18 अगस्त को एसआईटी ने पूछताछ के लिए गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी और बेटी कंचनलता त्रिपाठी को रिमांड पर लिया था। 21 अगस्त को रिमांड की अवधि समाप्त होने पर तीनों को वापस जेल भेज दिया गया। गुरुवार की सुबह भटवलिया के रहने वाले कंचनलता के पति सोनू को एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में टीम की सदस्य एसपी पीटीसी मेरठ पूनम और एसपी विजिलेंस भारती सिंह ने उनसे पूछताछ कर घटना से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाईं।
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जांच में बढ़ती जा रहीं गिरिजा की मुश्किलें
देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी को संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के खिलाफ कुछ खास सबूत मिले हैं। इससे गिरिजा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों की मानें तो दो किशोरियों के शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है। एसआईटी की पूछताछ में भी दोनों किशोरियों ने यह बात बताई है। बुधवार की रात एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों का अवलोकन भी किया। पांच अगस्त की रात को तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय ने स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका पर छापेमारी की। यहां से 23 लड़कियों को बरामद किया गया था। मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंजा तो प्रदेश सरकार ने एसआईटी जांच का आदेश दिया। एडीजी क्राइम मेरठ संजय सिंघल, एसपी पीटीसी पूनम और एसपी विजलेंस भारती सिंह मामले की जांच करने पहुंचीं। एसटीएफ गोरखपुर इनके सहयोग में लगी है। एसआईटी ने एक-एक बालिका से पूछताछ कर जानकारी ली। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। स्लाइड जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। सूत्रों की मानें तो जांच में दो किशोरियों के शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है। यही नहीं, उन किशोरियों ने जांच टीम के सामने शोषण की बात कबूली भी है। टीम ने एक-एक पहलू की गहनता से जांच की है। यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ी तो गिरिजा त्रिपाठी और उसके परिवार के सदस्यों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
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बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कंचनलता यहां अधीक्षिका पद पर कार्यरत थी। पांच अगस्त की रात को पुलिस की छापेमारी के दौरान वह नहीं मिली, लेकिन सात अगस्त को वह खुद पुलिस के पास पहुंच गई। कुछ दिन हिरासत में रखकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की और फिर जेल भेज दिया।
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18 अगस्त को एसआईटी ने पूछताछ के लिए गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी और बेटी कंचनलता त्रिपाठी को रिमांड पर लिया था। 21 अगस्त को रिमांड की अवधि समाप्त होने पर तीनों को वापस जेल भेज दिया गया। गुरुवार की सुबह भटवलिया के रहने वाले कंचनलता के पति सोनू को एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में टीम की सदस्य एसपी पीटीसी मेरठ पूनम और एसपी विजिलेंस भारती सिंह ने उनसे पूछताछ कर घटना से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाईं।
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जांच में बढ़ती जा रहीं गिरिजा की मुश्किलें
देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी को संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के खिलाफ कुछ खास सबूत मिले हैं। इससे गिरिजा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों की मानें तो दो किशोरियों के शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है। एसआईटी की पूछताछ में भी दोनों किशोरियों ने यह बात बताई है। बुधवार की रात एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों का अवलोकन भी किया। पांच अगस्त की रात को तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय ने स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका पर छापेमारी की। यहां से 23 लड़कियों को बरामद किया गया था। मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंजा तो प्रदेश सरकार ने एसआईटी जांच का आदेश दिया। एडीजी क्राइम मेरठ संजय सिंघल, एसपी पीटीसी पूनम और एसपी विजलेंस भारती सिंह मामले की जांच करने पहुंचीं। एसटीएफ गोरखपुर इनके सहयोग में लगी है। एसआईटी ने एक-एक बालिका से पूछताछ कर जानकारी ली। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। स्लाइड जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। सूत्रों की मानें तो जांच में दो किशोरियों के शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है। यही नहीं, उन किशोरियों ने जांच टीम के सामने शोषण की बात कबूली भी है। टीम ने एक-एक पहलू की गहनता से जांच की है। यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ी तो गिरिजा त्रिपाठी और उसके परिवार के सदस्यों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।