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गिरिजा, मोहन और कंचनलता चार दिनों की रिमांड पर
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:53 PM IST
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देवरिया में मां विंध्यवासिनी परशिक्षण एवं समाज सेवा संसंथान की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उनकी बेटी कंचनलता को कोर्ट ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बालगृह बालिका कांड में गिरफ्तार गिरिजा त्रिपाठी समेत तीनों आरोपियों को एसआईटी ने चार दिन की रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने शनिवार की रात शर्तों के साथ रिमांड की अनुमति प्रदान की। एसआईटी अपनी हिरासत में 21 की रात नौ बजे तक उनसे पूछताछ करेगी। इसके बाद उन्हें सभी को जेल में दाखिल कराना होगा।
पांच अगस्त की रात छापामारी के बाद ही पुलिस ने बालगृह बालिका संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं पुत्री कंचनलता ने दो दिन बाद सरेंडर किया था। पूछताछ के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया था। मामले की जांच कर रही एसआईटी शनिवार की दोपहर में ही सभी से पूछताछ के लिए जिला जेल गई थी। वहां करीब डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ के बाद भी कोई ठोस तथ्य हाथ नहीं लगा। निराश एसआईटी ने विस्तृत जांच व पूछताछ के लिए दोपहर बाद कोर्ट में तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की अर्जी कोर्ट में पेश की। अपर जिला जज प्रथम प्रमोद कुमार शर्मा की सहमति के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां अभियोजन पक्ष ने जांच को गति देने के लिए तीनों को रिमांड पर देने की जरूरत बताई तो बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अपना पक्ष रखा।
दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज ने रात करीब आठ बजे फैसला सुनाते हुए रिमांड पर देने का आदेश पारित किया। इस आदेश के तहत गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी व कंचनलता शनिवार रात नौ बजे बजे से 21 अगस्त की रात नौ बजे तक एसआईटी के साथ रिमांड पर रहेंगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस दौरान जांच अधिकारी किसी का शारीरिक या मानसिक रुप से उत्पीड़न नहीं करेंगे। इसके लिए उनके अधिवक्ता अरविंद पांडेय को भी पूछताछ के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। देर रात आदेश जारी होने के बाद एसआईटी तीनों को साथ लेकर पुलिस लाइन चली गई।
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पांच अगस्त की रात छापामारी के बाद ही पुलिस ने बालगृह बालिका संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं पुत्री कंचनलता ने दो दिन बाद सरेंडर किया था। पूछताछ के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया था। मामले की जांच कर रही एसआईटी शनिवार की दोपहर में ही सभी से पूछताछ के लिए जिला जेल गई थी। वहां करीब डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ के बाद भी कोई ठोस तथ्य हाथ नहीं लगा। निराश एसआईटी ने विस्तृत जांच व पूछताछ के लिए दोपहर बाद कोर्ट में तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की अर्जी कोर्ट में पेश की। अपर जिला जज प्रथम प्रमोद कुमार शर्मा की सहमति के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां अभियोजन पक्ष ने जांच को गति देने के लिए तीनों को रिमांड पर देने की जरूरत बताई तो बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अपना पक्ष रखा।
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दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज ने रात करीब आठ बजे फैसला सुनाते हुए रिमांड पर देने का आदेश पारित किया। इस आदेश के तहत गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी व कंचनलता शनिवार रात नौ बजे बजे से 21 अगस्त की रात नौ बजे तक एसआईटी के साथ रिमांड पर रहेंगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस दौरान जांच अधिकारी किसी का शारीरिक या मानसिक रुप से उत्पीड़न नहीं करेंगे। इसके लिए उनके अधिवक्ता अरविंद पांडेय को भी पूछताछ के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। देर रात आदेश जारी होने के बाद एसआईटी तीनों को साथ लेकर पुलिस लाइन चली गई।
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