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120 टिकट के साथ बिचौलिया गिरफ्तार
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गिरफ्तार टिकट दलाल के साथ सीआईबी टीम
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। सीआइबी भटनी और आरपीएफ देवरिया ने भुजौली कॉलोनी में छापेमारी की। उन्होंने एक टिकट दलाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 120 टिकट, आईआरसीटीसी यूजर आईडी पर प्रतिबंधित साफ्टवेयर, तत्काल टिकट आदि बरामद किया गया। अब तक वह 60 लाख रुपये से अधिक के चार हजार टिकट बेच चुका है।
होली के बाद रेलवे टिकटों की मांग बढ़ गई। इसको देखते आरपीएफ गोरखपुर के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने टिकट दलालों के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए। गुरुवार को सीआइबी भटनी के प्रभारी संजय कुमार राय, आरपीएफ देवरिया के एसआई अबु फरहान गफ्फार के साथ भुजौली कॉलोनी में छापेमारी की। यहां ई-टिकट की दलाली करने वाले शंभूनाथ चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 120 से ज्यादा फर्जी टिकट मिले। इसे बनाने में उसने प्रतिबंधित एएनएमएस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया था। पकड़े गए बिचौलिये ने टीम को बताया कि वह 2014 से ई-टिकट बेंचता है। पकड़े जाने के डर से उसने कोई दुकान नहीं खोला है। घूमकर और जरूरतमंद से टिकटों का आर्डर लेकर सुरक्षित जगह टिकट बनाता था। किसी साइबर कैफे से प्रिंट निकाल कर दे देता था। अब तक वह करीब 60 लाख रुपये के करीब चार हजार से ज्यादा ई-टिकट बेच चुका है। इसकी हिस्ट्री पुलिस को मिली है। पूछताछ में कई संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए हैं। पैसे का लेनदेन गूगल पे, पेटीएम आदि से ऑनलाइन करते हैं, जिससे पकड़े न जा सकें। आरपीएफ ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शुक्रवार को उसे वाराणसी भेजा जाएगा। टीम में एएसआई ईश्वर लाल, महेंद्र लाल श्रीवास्तव, सिपाही सत्यप्रकाश राय, अजय राय, सुनील यादव, कमलेश शामिल रहे।
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होली के बाद रेलवे टिकटों की मांग बढ़ गई। इसको देखते आरपीएफ गोरखपुर के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने टिकट दलालों के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए। गुरुवार को सीआइबी भटनी के प्रभारी संजय कुमार राय, आरपीएफ देवरिया के एसआई अबु फरहान गफ्फार के साथ भुजौली कॉलोनी में छापेमारी की। यहां ई-टिकट की दलाली करने वाले शंभूनाथ चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 120 से ज्यादा फर्जी टिकट मिले। इसे बनाने में उसने प्रतिबंधित एएनएमएस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया था। पकड़े गए बिचौलिये ने टीम को बताया कि वह 2014 से ई-टिकट बेंचता है। पकड़े जाने के डर से उसने कोई दुकान नहीं खोला है। घूमकर और जरूरतमंद से टिकटों का आर्डर लेकर सुरक्षित जगह टिकट बनाता था। किसी साइबर कैफे से प्रिंट निकाल कर दे देता था। अब तक वह करीब 60 लाख रुपये के करीब चार हजार से ज्यादा ई-टिकट बेच चुका है। इसकी हिस्ट्री पुलिस को मिली है। पूछताछ में कई संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए हैं। पैसे का लेनदेन गूगल पे, पेटीएम आदि से ऑनलाइन करते हैं, जिससे पकड़े न जा सकें। आरपीएफ ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शुक्रवार को उसे वाराणसी भेजा जाएगा। टीम में एएसआई ईश्वर लाल, महेंद्र लाल श्रीवास्तव, सिपाही सत्यप्रकाश राय, अजय राय, सुनील यादव, कमलेश शामिल रहे।
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