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अपहृत युवक मिला तो पुलिस ने जमकर पीटा
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- तरकुलवा के सिधावे गांव का रहने वाला है पीड़ित विकेश
- जिला अस्पताल में कराया उपचार, होली के दिन लौटा था
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अपहर्ताओं के चंगुल से भागकर आया युवक पुलिस के पास पहुंचा तो उसकी जमकर पिटाई की गई। मामला तरकुलवा थाने से संबंधित है। पिटाई से घायल युवक ने रविवार को जिला अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरी परीक्षण कराया। उसने एक मंत्री के इशारे पर पुलिस के काम करने का आरोप लगाया है।
तरकुलवा थानाक्षेत्र के सिधावे गांव निवासी विकेश चौहान का फरवरी महीने में गांव के कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया। होली के दिन वह अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर लौटा और तरकुलवा थाने में पहुंच गया। इस बीच उसकी मां पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। युवक को थाने में देखकर पुलिस आगबबूला हो गई। विकेश ने बताया कि थाने में उसकी जमकर पिटाई की गई। पिटाई के बाद पुलिस ने परिवारवालों को सौंप दिया। रविवार को वह किसी तरह यहां उपचार कराने आया है। उसने बताया कि एक मंत्री के इशारे पर गांव के प्रधान और उनके लोगों ने अपहरण किया था। उससे जबरन तमाम कागजात पर हस्ताक्षर करा लिया गया है। कार्रवाई की बजाय पुलिस उसी पर कहर बरपा दी है। इस संबंध में एसओ तरकुलवा जितेंद्र तिवारी ने बताया कि युवक का अपहरण नहीं हुआ था। वह अपने से भाग कर गया था। मारने-पीटने का आरोप बेबुनियाद है।
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- जिला अस्पताल में कराया उपचार, होली के दिन लौटा था
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अपहर्ताओं के चंगुल से भागकर आया युवक पुलिस के पास पहुंचा तो उसकी जमकर पिटाई की गई। मामला तरकुलवा थाने से संबंधित है। पिटाई से घायल युवक ने रविवार को जिला अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरी परीक्षण कराया। उसने एक मंत्री के इशारे पर पुलिस के काम करने का आरोप लगाया है।
तरकुलवा थानाक्षेत्र के सिधावे गांव निवासी विकेश चौहान का फरवरी महीने में गांव के कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया। होली के दिन वह अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर लौटा और तरकुलवा थाने में पहुंच गया। इस बीच उसकी मां पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। युवक को थाने में देखकर पुलिस आगबबूला हो गई। विकेश ने बताया कि थाने में उसकी जमकर पिटाई की गई। पिटाई के बाद पुलिस ने परिवारवालों को सौंप दिया। रविवार को वह किसी तरह यहां उपचार कराने आया है। उसने बताया कि एक मंत्री के इशारे पर गांव के प्रधान और उनके लोगों ने अपहरण किया था। उससे जबरन तमाम कागजात पर हस्ताक्षर करा लिया गया है। कार्रवाई की बजाय पुलिस उसी पर कहर बरपा दी है। इस संबंध में एसओ तरकुलवा जितेंद्र तिवारी ने बताया कि युवक का अपहरण नहीं हुआ था। वह अपने से भाग कर गया था। मारने-पीटने का आरोप बेबुनियाद है।
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