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पुलिस ने साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया
Updated Mon, 21 May 2018 11:27 PM IST
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साइबर अपराधी को साइबर सेल ने पकडा।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। सदर कोतवाली पुलिस, साइबर क्राइम सेल, ईगल टीम ने संयुक्त रूप से एक साइबर अपराधी को बस स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया। पकड़ा गया अपराधी गोपालगंज जिले के भोरे थानाक्षेत्र के डुमर नरेंद्र गांव का रहने वाला है। सोमवार को पुलिस ने उसे न्यायालय के लिए चालान कर दिया।
राजेंद्र प्रसाद शर्मा, अजय मणि त्रिपाठी, रितेश बहादुर सिंह और अनिल सिंह की ओर से साइबर क्राइम सेल में प्रार्थना-पत्र दिया गया कि उनके खाते से विभिन्न कंपनियों से आनलॉइन शॉपिंग कर ली गई है। थाना कोतवाली सदर व थाना सलेमपुर मे केस दर्ज किया गया। साइबर क्राइम सेल ने पीड़ितों के खातों व एटीएम के लेनदेन की जानकारी ली गई तो फ्राड में लिप्त साइबर अपराधी की डिटेल मिली। साइबर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम सेल, थाना कोतवाली व थाना सलेमपुर की ओर से प्रयास किया जा रहा था। सोमवार को सदर कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव मय हमराही सुभाष चौक पर मौजूद थे। उसी समय साइबर क्राइम सेल के प्रभारी आलोक सोनी, ईगल टीम के प्रभारी विनोद यादव अपराधियों की तलाश मे वहां पर पहुंचे। उसी समय मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ साइबर अपराधी रोडवेज चौराहे पर मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम रोडवेज चौराहे पर पहुंच गई। पुलिस टीम को देखते ही एक संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पीयूष सिंह उर्फ रवि सिंह निवासी डुमर नरेंद्र थाना भोरे जनपद गोपालगंज (बिहार) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। छानबीन में पता चला कि पीयूष ही ऑनलाइन ठगी करने वाला व्यक्ति है। कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि वह एक गिरोह का सरगना है। उसके संरक्षण में काम करने वाले लोग खातों व एटीएम की जानकारी चुराकर देते हैं। रवि उन जानकारियों के आधार पर विभिन्न कंपनियों से खरीदारी कर लेता हैं। सोने के सिक्के व अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदकर उसको बेच देते हैं। पुलिस ने सोमवार को उसे न्यायालय के लिए चालान कर दिया। वहां से वह जेल चला गया। एसपी रोहन पी कनय का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कराई जा रही है।
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राजेंद्र प्रसाद शर्मा, अजय मणि त्रिपाठी, रितेश बहादुर सिंह और अनिल सिंह की ओर से साइबर क्राइम सेल में प्रार्थना-पत्र दिया गया कि उनके खाते से विभिन्न कंपनियों से आनलॉइन शॉपिंग कर ली गई है। थाना कोतवाली सदर व थाना सलेमपुर मे केस दर्ज किया गया। साइबर क्राइम सेल ने पीड़ितों के खातों व एटीएम के लेनदेन की जानकारी ली गई तो फ्राड में लिप्त साइबर अपराधी की डिटेल मिली। साइबर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम सेल, थाना कोतवाली व थाना सलेमपुर की ओर से प्रयास किया जा रहा था। सोमवार को सदर कोतवाल प्रभातेश श्रीवास्तव मय हमराही सुभाष चौक पर मौजूद थे। उसी समय साइबर क्राइम सेल के प्रभारी आलोक सोनी, ईगल टीम के प्रभारी विनोद यादव अपराधियों की तलाश मे वहां पर पहुंचे। उसी समय मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ साइबर अपराधी रोडवेज चौराहे पर मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम रोडवेज चौराहे पर पहुंच गई। पुलिस टीम को देखते ही एक संदिग्ध व्यक्ति भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम पीयूष सिंह उर्फ रवि सिंह निवासी डुमर नरेंद्र थाना भोरे जनपद गोपालगंज (बिहार) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। छानबीन में पता चला कि पीयूष ही ऑनलाइन ठगी करने वाला व्यक्ति है। कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि वह एक गिरोह का सरगना है। उसके संरक्षण में काम करने वाले लोग खातों व एटीएम की जानकारी चुराकर देते हैं। रवि उन जानकारियों के आधार पर विभिन्न कंपनियों से खरीदारी कर लेता हैं। सोने के सिक्के व अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदकर उसको बेच देते हैं। पुलिस ने सोमवार को उसे न्यायालय के लिए चालान कर दिया। वहां से वह जेल चला गया। एसपी रोहन पी कनय का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कराई जा रही है।
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