{"_id":"5d068f4e8ebc3e4d6568940c","slug":"15607109788-deoria-news155","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजाद को पसंद नहीं थी सास की बार-बार की टोकाटाकी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
आजाद को पसंद नहीं थी सास की बार-बार की टोकाटाकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइड स्टोरी...
आजाद को पसंद नहीं थी सास की टोकाटाकी
दूसरी शादी की इच्छा में रोड़ा बन रही थी सास
विनय कुमार राय
खुखुंदू। बेटी की खुशी के लिए बार-बार टोकना ही अंजुम आरा की मौत की वजह बन गई। दामाद आजाद अपनी दूसरी शादी की इच्छा में सास को सबसे बड़ा रोड़ा मानता था। लिहाजा, उसे रास्ते से हटाने की सोच लिया। मां की मौत के बाद बिलखते शहाबुद्दीन, साबिर बार-बार यही कह रहे थे कि काश अम्मी मान गईं होतीं तो कम से कम यह दिन न देखना पड़ता।
ग्रामीणों के मुताबिक शादी के कुछ वर्षों बाद ही आजाद का थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से प्रेम संबंध हो गया। करीब एक वर्ष पूर्व वह उसे लेकर घर से भाग गया था। पुलिस का दबाव पड़ने पर वह हाजिर तो हुआ, लेकिन उससे नजदीकी बनी रही। पत्नी हिना और सास अंजुम आरा इसका विरोध कर रहीं थीं। इसे लेकर अक्सर पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। कई बार आजाद ने हिना की पिटाई की। पति मुश्ताक के विदेश में होने के कारण घर की देखभाल अंजुम ही करती थीं। उसे अपने साथ बेटी के परिवार की भी चिंता थी। लिहाजा, वह आजाद की दूसरी शादी के फैसले का विरोध करती रही। चार दिन पूर्व इसी बात को लेकर विवाद के बाद अंजुम आरा ने हिना को मायके बुला लिया था। मायके आने के बाद से आजाद रोज नंबर बदल-बदलकर सास और पत्नी को जलाकर मारने की धमकी देता रहा। अंजुम आरा के बेटे सहाबुद्दीन और शाकिर घटना के पीछे यही वजह बता रहे हैं। उनका कहना है कि कास अम्मी मान गईं होतीं तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। एसओ श्यामलाल यादव ने बताया कि अब तक की जांच में दूसरी शादी में रोड़ा बनने की बात सामने आई है। पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आजाद को पसंद नहीं थी सास की टोकाटाकी
दूसरी शादी की इच्छा में रोड़ा बन रही थी सास
विनय कुमार राय
खुखुंदू। बेटी की खुशी के लिए बार-बार टोकना ही अंजुम आरा की मौत की वजह बन गई। दामाद आजाद अपनी दूसरी शादी की इच्छा में सास को सबसे बड़ा रोड़ा मानता था। लिहाजा, उसे रास्ते से हटाने की सोच लिया। मां की मौत के बाद बिलखते शहाबुद्दीन, साबिर बार-बार यही कह रहे थे कि काश अम्मी मान गईं होतीं तो कम से कम यह दिन न देखना पड़ता।
ग्रामीणों के मुताबिक शादी के कुछ वर्षों बाद ही आजाद का थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से प्रेम संबंध हो गया। करीब एक वर्ष पूर्व वह उसे लेकर घर से भाग गया था। पुलिस का दबाव पड़ने पर वह हाजिर तो हुआ, लेकिन उससे नजदीकी बनी रही। पत्नी हिना और सास अंजुम आरा इसका विरोध कर रहीं थीं। इसे लेकर अक्सर पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। कई बार आजाद ने हिना की पिटाई की। पति मुश्ताक के विदेश में होने के कारण घर की देखभाल अंजुम ही करती थीं। उसे अपने साथ बेटी के परिवार की भी चिंता थी। लिहाजा, वह आजाद की दूसरी शादी के फैसले का विरोध करती रही। चार दिन पूर्व इसी बात को लेकर विवाद के बाद अंजुम आरा ने हिना को मायके बुला लिया था। मायके आने के बाद से आजाद रोज नंबर बदल-बदलकर सास और पत्नी को जलाकर मारने की धमकी देता रहा। अंजुम आरा के बेटे सहाबुद्दीन और शाकिर घटना के पीछे यही वजह बता रहे हैं। उनका कहना है कि कास अम्मी मान गईं होतीं तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। एसओ श्यामलाल यादव ने बताया कि अब तक की जांच में दूसरी शादी में रोड़ा बनने की बात सामने आई है। पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन