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अवैध संबंध में पूर्व मुखिया के बेटे की हुई थी हत्या
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अवैध संबंध में हुई थी पूर्व मुखिया के बेटे की हत्या
गुठनी ब्लॉक में नौकरी का झांसा देकर महिला से बनाया था संपर्क और अश्लील वीडियो
महिला ने पति के साथ मिलकर योजनाबद्ध ढंग से की ओमप्रकाश की हत्या
पुलिस ने दंपती को किया गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लार के कुईंचवर गांव में सात जून को मिली पेड़ से लटकती ओमप्रकाश की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। गुठनी की पूर्व मुखिया के पुत्र ओमप्रकाश की हत्या अवैध संबंधों के कारण हुई थी। योजनाबद्ध तरीके से ओमप्रकाश को कुंईचवर बुलाया गया और फिर सिर पर हथौड़े से वारकर उसकी हत्या कर दी। इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए गले से फंदा बांधकर शव को पेड़ से लटका दिया गया। रविवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा भी घटनास्थल से बरामद किया गया।
पुलिस लाइंस स्थित मनोरंजन में प्रेसवार्ता में एसपी श्रीपति मिश्र ने बताया कि लार थाना क्षेत्र के कुंईचवर गांव का रहने वाला एक व्यक्ति नोएडा में किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसकी ससुराल गुठनी क्षेत्र में है। गुठनी में ही उसकी पत्नी को ब्लॉक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक वर्ष पूर्व ओमप्रकाश ने उससे संपर्क स्थापित किया। बाद में शादी का झांसा देकर उससे अवैध संबंध भी बना लिया। इस दौरान उसने वीडियो भी बना लिया। महिला को जब ओमप्रकाश के शादीशुदा होने की जानकारी हुई तो वह उससे दूर जाने लगी। ओमप्रकाश उसे वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा। फरवरी में यह वीडियो वायरल होकर उसके पास पहुंच गया। पत्नी को पास बुलाकर उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर ओमप्रकाश की हत्या की योजना तैयार की। इसी के तहत दोनों छह जून को सलेमपुर आए। पति यहीं रुक गया, जबकि पत्नी अपने बच्चों को मैरवा स्टेशन पर मौजूद मायके के लोगों को सौंपकर सलेमपुर चली आई। सलेमपुर से हथौड़ा और प्लास्टिक की रस्सी खरीदकर दोनों लाररोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। कुंईचवर गांव के बाहर पहुंचकर पत्नी ने ओमप्रकाश को फोनकर बुलाया। यहां पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे पति ने हथौड़े से ओमप्रकाश के सिर पर वार कर दिया। तेज प्रहार से ओमप्रकाश जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद उसके गले में रस्सी बांधकर दोनों ने पेड़ से लटका दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों गुठनी चले गए। वहां पहुंचकर ओमप्रकाश के मौत की पुष्टि की। एसपी ने बताया कि सर्विलांस की मदद से पुलिस दोनों तक पहुंची। उन्हें गिरफ्तार कर अलग-अलग पूछताछ के बाद दोनों ने सच्चाई बयां की। एसपी ने पुलिस टीम को दो हजार रुपये का पुरस्कार दिया है और एसओ को प्रशस्ति पत्र देने का एलान किया।
इनसेट
हत्या का मलाल नहीं, अभी दो और निशाने पर
देवरिया। पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो देखने के बाद पति का शक उस पर गहरा गया। उसने बताया कि जब काम पर जाता था तो मोबाइल रिकार्डिंग मोड में कर देता था। वापस आने के बाद पत्नी ने किससे बात की है, उसे चेक करता था। उसके मुताबिक अभी दो लोग और उसके संपर्क में हैं, जिनके बारे में पत्नी जानकारी नहीं दे रही। जेल से छूटने के बाद उनका भी काम तमाम करूंगा। उसे जेल जाने या ओमप्रकाश की हत्या करने का कोई गम नहीं है।
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इनसेट
पर्दाफाश करने वाली टीम
देवरिया। इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर, दारोगा अमित पांडेय, राकेश पांडेय, घनश्याम सिंह, सिपाही कविंदेश यादव, रामभरोस कन्नौजिया, दिव्यशंकर राय, निशा चौहान, विमलेश सिंह शामिल रहे।
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अवैध संबंध में हुई थी पूर्व मुखिया के बेटे की हत्या
गुठनी ब्लॉक में नौकरी का झांसा देकर महिला से बनाया था संपर्क और अश्लील वीडियो
महिला ने पति के साथ मिलकर योजनाबद्ध ढंग से की ओमप्रकाश की हत्या
पुलिस ने दंपती को किया गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लार के कुईंचवर गांव में सात जून को मिली पेड़ से लटकती ओमप्रकाश की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। गुठनी की पूर्व मुखिया के पुत्र ओमप्रकाश की हत्या अवैध संबंधों के कारण हुई थी। योजनाबद्ध तरीके से ओमप्रकाश को कुंईचवर बुलाया गया और फिर सिर पर हथौड़े से वारकर उसकी हत्या कर दी। इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए गले से फंदा बांधकर शव को पेड़ से लटका दिया गया। रविवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा भी घटनास्थल से बरामद किया गया।
पुलिस लाइंस स्थित मनोरंजन में प्रेसवार्ता में एसपी श्रीपति मिश्र ने बताया कि लार थाना क्षेत्र के कुंईचवर गांव का रहने वाला एक व्यक्ति नोएडा में किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसकी ससुराल गुठनी क्षेत्र में है। गुठनी में ही उसकी पत्नी को ब्लॉक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक वर्ष पूर्व ओमप्रकाश ने उससे संपर्क स्थापित किया। बाद में शादी का झांसा देकर उससे अवैध संबंध भी बना लिया। इस दौरान उसने वीडियो भी बना लिया। महिला को जब ओमप्रकाश के शादीशुदा होने की जानकारी हुई तो वह उससे दूर जाने लगी। ओमप्रकाश उसे वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा। फरवरी में यह वीडियो वायरल होकर उसके पास पहुंच गया। पत्नी को पास बुलाकर उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर ओमप्रकाश की हत्या की योजना तैयार की। इसी के तहत दोनों छह जून को सलेमपुर आए। पति यहीं रुक गया, जबकि पत्नी अपने बच्चों को मैरवा स्टेशन पर मौजूद मायके के लोगों को सौंपकर सलेमपुर चली आई। सलेमपुर से हथौड़ा और प्लास्टिक की रस्सी खरीदकर दोनों लाररोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। कुंईचवर गांव के बाहर पहुंचकर पत्नी ने ओमप्रकाश को फोनकर बुलाया। यहां पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे पति ने हथौड़े से ओमप्रकाश के सिर पर वार कर दिया। तेज प्रहार से ओमप्रकाश जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद उसके गले में रस्सी बांधकर दोनों ने पेड़ से लटका दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों गुठनी चले गए। वहां पहुंचकर ओमप्रकाश के मौत की पुष्टि की। एसपी ने बताया कि सर्विलांस की मदद से पुलिस दोनों तक पहुंची। उन्हें गिरफ्तार कर अलग-अलग पूछताछ के बाद दोनों ने सच्चाई बयां की। एसपी ने पुलिस टीम को दो हजार रुपये का पुरस्कार दिया है और एसओ को प्रशस्ति पत्र देने का एलान किया।
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हत्या का मलाल नहीं, अभी दो और निशाने पर
देवरिया। पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो देखने के बाद पति का शक उस पर गहरा गया। उसने बताया कि जब काम पर जाता था तो मोबाइल रिकार्डिंग मोड में कर देता था। वापस आने के बाद पत्नी ने किससे बात की है, उसे चेक करता था। उसके मुताबिक अभी दो लोग और उसके संपर्क में हैं, जिनके बारे में पत्नी जानकारी नहीं दे रही। जेल से छूटने के बाद उनका भी काम तमाम करूंगा। उसे जेल जाने या ओमप्रकाश की हत्या करने का कोई गम नहीं है।
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पर्दाफाश करने वाली टीम
देवरिया। इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर, दारोगा अमित पांडेय, राकेश पांडेय, घनश्याम सिंह, सिपाही कविंदेश यादव, रामभरोस कन्नौजिया, दिव्यशंकर राय, निशा चौहान, विमलेश सिंह शामिल रहे।