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पुल्रिस ने चिता से शव उठवाया
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जलती चिता से उठवाया अधेड़ का शव
बरहज के कटइलवा मुक्तिपथ पर शवदाह कर रहे थे परिजन
चौकीदार की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज/भलुअनी। नगर के कटइलवा स्थित मुक्तिपथ पर मंगलवार को पुलिस ने चिता की आग बुझवाकर अधेड़ का शव कब्जे में ले लिया। आरोप है कि संदिग्ध हाल में मृत अधेड़ की पत्नी और बच्चों को सूचना दिए बगैर घरवाले शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे। मौके पर पहुंची भलुअनी पुलिस ने शव के साथ आए दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। भलुअनी थानाक्षेत्र के मिश्रौली-तरौली गांव निवासी विनोद सिंह (45) दिल्ली रहते थे। पत्नी-बच्चों को वहीं छोड़कर वह किसी काम से करीब एक माह पूर्व गांव आए थे। सोमवार की देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए देवरिया ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद मंगलवार की भोर में मौत हो गई। घर पर मौजूद बड़े भाई उदयशंकर सिंह गांव अपने पट्टीदारों व गांव के अन्य लोगों के साथ शव को अंतिम संस्कार के लिए बरहज मुक्तिपथ पर ले आए। चिता सजाकर उसमें आग लगाने के कुछ देर बाद ही सीओ निष्ठा उपाध्याय, थानाध्यक्ष अश्वनी तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में आग बुझाकर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। परिजन हार्ट अटैक से विनोद की मौत होना बताते रहे, जबकि पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है। इस संबंध में एसओ भलुअनी ने बताया कि चौकीदार की सूचना पर शव को कब्जे में लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के मिश्रौली-तरौली गांव निवासी स्व. रामअवध सिंह के तीन बेटों में विनोद दूसरे नंबर का था। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। विनोद की शादी नथमल बरडीहा की सुनीता से हुई थी। उनके दो बेटे गब्बर और झब्बर हैं। पूरा परिवार दिल्ली रहता है। करीब एक माह से विनोद गांव पर थे। भाइयों में बंटवारा होने से विनोद निचले तल पर थे, जबकि बड़े भाई उदयशंकर का परिवार दूसरी मंजिल पर रहता है। छोटा भाई संजय का परिवार पूना रहता है। बड़े भाई के मुताबिक देर रात विनोद की अचानक तबियत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए देवरिया ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस की आशंकाएं इस बात पर है कि किसी भी परिस्थिति में ऐसी क्या जल्दी थी कि पत्नी-बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों का इंतजार किए बगैर शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था।
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बरहज के कटइलवा मुक्तिपथ पर शवदाह कर रहे थे परिजन
चौकीदार की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज/भलुअनी। नगर के कटइलवा स्थित मुक्तिपथ पर मंगलवार को पुलिस ने चिता की आग बुझवाकर अधेड़ का शव कब्जे में ले लिया। आरोप है कि संदिग्ध हाल में मृत अधेड़ की पत्नी और बच्चों को सूचना दिए बगैर घरवाले शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे। मौके पर पहुंची भलुअनी पुलिस ने शव के साथ आए दर्जनभर लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। भलुअनी थानाक्षेत्र के मिश्रौली-तरौली गांव निवासी विनोद सिंह (45) दिल्ली रहते थे। पत्नी-बच्चों को वहीं छोड़कर वह किसी काम से करीब एक माह पूर्व गांव आए थे। सोमवार की देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए देवरिया ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद मंगलवार की भोर में मौत हो गई। घर पर मौजूद बड़े भाई उदयशंकर सिंह गांव अपने पट्टीदारों व गांव के अन्य लोगों के साथ शव को अंतिम संस्कार के लिए बरहज मुक्तिपथ पर ले आए। चिता सजाकर उसमें आग लगाने के कुछ देर बाद ही सीओ निष्ठा उपाध्याय, थानाध्यक्ष अश्वनी तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में आग बुझाकर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। परिजन हार्ट अटैक से विनोद की मौत होना बताते रहे, जबकि पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है। इस संबंध में एसओ भलुअनी ने बताया कि चौकीदार की सूचना पर शव को कब्जे में लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के मिश्रौली-तरौली गांव निवासी स्व. रामअवध सिंह के तीन बेटों में विनोद दूसरे नंबर का था। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। विनोद की शादी नथमल बरडीहा की सुनीता से हुई थी। उनके दो बेटे गब्बर और झब्बर हैं। पूरा परिवार दिल्ली रहता है। करीब एक माह से विनोद गांव पर थे। भाइयों में बंटवारा होने से विनोद निचले तल पर थे, जबकि बड़े भाई उदयशंकर का परिवार दूसरी मंजिल पर रहता है। छोटा भाई संजय का परिवार पूना रहता है। बड़े भाई के मुताबिक देर रात विनोद की अचानक तबियत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए देवरिया ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस की आशंकाएं इस बात पर है कि किसी भी परिस्थिति में ऐसी क्या जल्दी थी कि पत्नी-बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों का इंतजार किए बगैर शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था।