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मोबाइल ट्रांसफार्मर से टकराया बाइक सवार, मौत
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:36 PM IST
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accident
- फोटो : graphic
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देवरिया। एक चार पहिया चालक के वाहन लहराने से अनियंत्रित हुआ बाइक सवार युवक सड़क किनारे लगे मोबाइल ट्रांसफार्मर से टकरा गया। घायल युवक डेढ़ घंटे से अधिक समय तक तड़पता रहा। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। चौरीचौरा पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई।
भटनी इलाके के मोतीपुर टिकैत गांव निवासी मदन पांडेय सेना से सेवानिवृत्त हैं। शहर के संकटमोचन नगर भीखमपुर रोड में वह मकान बनवाकर परिवार सहित रहते हैं। उनकी चार संतानों में मिथिलेश पांडेय उर्फ मुन्ना पांडेय बड़े थे। एक साल पूर्व वह दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे। बताया जा रहा है कि रविवार की शाम को उनके पैतृक गांव का कोई लड़का देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर आया। उसके फोन करने पर मुन्ना रेलवे स्टेशन गए। उसे लेकर गांव छोड़ने चले गए। गांव के लोग उन्हें रात होने की बात कह कर रोकने लगे, लेकिन वह नहीं रुके। रात नौ बजे के करीब वह कसया ढाले के पास से कुछ सामान खरीदकर घर लौट रहे थे। अभी कुछ दूर ही गए थे कि एक चार पहिया वाहन ने ओवरटेक किया, इससे मुन्ना हड़बड़ा गए। हड़बड़ी में सड़क किनारे लगे मोबाइल ट्रांसफार्मर से टकराकर गिर गए। हेलमेट नहीं लगाने की वजह से उन्हें गंभीर चोट लगी। करीब डेढ़ घंटे तक वह घटनास्थल पर ही रहे। कुछ राहगीरों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया और परिवारवालों को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। रास्ते में चौरीचौरा तक पहुंचते ही मुन्ना ने दम तोड़ दिया। परिवार के लोग शव लेकर चले गए। मुन्ना की मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। सोमवार की शाम को पैतृक गांव पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पत्नी के शिक्षक बनने से पहले मुन्ना ने छोड़ी दुनिया
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। संकटमोचन नगर भीखमपुर रोड के रहने वाले मिथिलेश उर्फ मुन्ना पांडेय की पत्नी विजयलक्ष्मी के शिक्षक बनने से पहले ही दुनिया से चले गए। छह माह की बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। बेवा हुई पत्नी ने सोमवार को सदर बीआरसी पहुंचकर काउंसलिंग कराया। मिथिलेश उर्फ मुन्ना पांडेय और मोहल्ले की रहने वाली विजयलक्ष्मी के बीच प्रेम संबंध थे। इस बात की जानकारी दोनों परिवारों को थी। दोनों परिवारवालों की रजामंदी के बाद मुन्ना और विजयलक्ष्मी की शादी पांच साल पहले धूमधाम से कर दी। उस दौरान विजयलक्ष्मी बीटीसी का प्रशिक्षण ले रही थीं। शादी के कुछ दिन बाद मुन्ना दक्षिण अफ्रीका चले गए थे। लगभग एक साल वहां रहने के बाद घर लौटे थे और तभी से घर पर रह रहे थे। छह महीने पहले उनको एक बेटी पैदा हुई। इधर, पत्नी ने टेट परीक्षा पास कर लीं और शिक्षक भर्ती में शामिल हो गईं। सोमवार को उनकी काउंसलिंग थी। इसकी तैयारी में मुन्ना लगे थे, लेकिन शायद नियति को यह मंजूर नहीं था। पत्नी के शिक्षक बनने से पहले ही वह मार्ग हादसे के शिकार हो गए। पति की मौत के बाद विजयलक्ष्मी पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। एक तरफ पति का शव था तो दूसरी तरफ उसका भविष्य। लोगों के समझाने पर सदर बीआरसी पहुंचकर काउंसलिंग कराया। शाम को वह पति के अंतिम संस्कार में पहुंचीं।
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भटनी इलाके के मोतीपुर टिकैत गांव निवासी मदन पांडेय सेना से सेवानिवृत्त हैं। शहर के संकटमोचन नगर भीखमपुर रोड में वह मकान बनवाकर परिवार सहित रहते हैं। उनकी चार संतानों में मिथिलेश पांडेय उर्फ मुन्ना पांडेय बड़े थे। एक साल पूर्व वह दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे। बताया जा रहा है कि रविवार की शाम को उनके पैतृक गांव का कोई लड़का देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर आया। उसके फोन करने पर मुन्ना रेलवे स्टेशन गए। उसे लेकर गांव छोड़ने चले गए। गांव के लोग उन्हें रात होने की बात कह कर रोकने लगे, लेकिन वह नहीं रुके। रात नौ बजे के करीब वह कसया ढाले के पास से कुछ सामान खरीदकर घर लौट रहे थे। अभी कुछ दूर ही गए थे कि एक चार पहिया वाहन ने ओवरटेक किया, इससे मुन्ना हड़बड़ा गए। हड़बड़ी में सड़क किनारे लगे मोबाइल ट्रांसफार्मर से टकराकर गिर गए। हेलमेट नहीं लगाने की वजह से उन्हें गंभीर चोट लगी। करीब डेढ़ घंटे तक वह घटनास्थल पर ही रहे। कुछ राहगीरों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया और परिवारवालों को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। रास्ते में चौरीचौरा तक पहुंचते ही मुन्ना ने दम तोड़ दिया। परिवार के लोग शव लेकर चले गए। मुन्ना की मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। सोमवार की शाम को पैतृक गांव पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पत्नी के शिक्षक बनने से पहले मुन्ना ने छोड़ी दुनिया
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। संकटमोचन नगर भीखमपुर रोड के रहने वाले मिथिलेश उर्फ मुन्ना पांडेय की पत्नी विजयलक्ष्मी के शिक्षक बनने से पहले ही दुनिया से चले गए। छह माह की बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। बेवा हुई पत्नी ने सोमवार को सदर बीआरसी पहुंचकर काउंसलिंग कराया। मिथिलेश उर्फ मुन्ना पांडेय और मोहल्ले की रहने वाली विजयलक्ष्मी के बीच प्रेम संबंध थे। इस बात की जानकारी दोनों परिवारों को थी। दोनों परिवारवालों की रजामंदी के बाद मुन्ना और विजयलक्ष्मी की शादी पांच साल पहले धूमधाम से कर दी। उस दौरान विजयलक्ष्मी बीटीसी का प्रशिक्षण ले रही थीं। शादी के कुछ दिन बाद मुन्ना दक्षिण अफ्रीका चले गए थे। लगभग एक साल वहां रहने के बाद घर लौटे थे और तभी से घर पर रह रहे थे। छह महीने पहले उनको एक बेटी पैदा हुई। इधर, पत्नी ने टेट परीक्षा पास कर लीं और शिक्षक भर्ती में शामिल हो गईं। सोमवार को उनकी काउंसलिंग थी। इसकी तैयारी में मुन्ना लगे थे, लेकिन शायद नियति को यह मंजूर नहीं था। पत्नी के शिक्षक बनने से पहले ही वह मार्ग हादसे के शिकार हो गए। पति की मौत के बाद विजयलक्ष्मी पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। एक तरफ पति का शव था तो दूसरी तरफ उसका भविष्य। लोगों के समझाने पर सदर बीआरसी पहुंचकर काउंसलिंग कराया। शाम को वह पति के अंतिम संस्कार में पहुंचीं।
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