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संस्था में कार्य करने वाले वर्करों से संपर्क साध रही एसआईटी
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:28 PM IST
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बालगृह की दो वर्करों से एसआईटी ने की पूछताछ
अलग-अलग दोनों से घंटों बंद कमरे में ली गई जानकारी
22 से अधिक महिला करती थीं कार्य, कई वर्करों का पता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को गिरिजा त्रिपाठी के वृद्धाश्रम और बालिका गृह में कार्य करने वाली दो महिला वर्करों से घंटों पूछताछ की। संस्था में रहने वाली बालिकाओं की देखरेख व जेल में बंद संचालिका की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
देवरिया में कई दिनों से डेरा डाली एसआईटी को कई अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। अली नगर और साकेत नगर की रहने वाली दो महिलाएं मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान में कार्य करती थी। अलीनगर निवासी महिला रजला स्थित वृद्धाश्रम पर रहती थी, लेकिन बालिका गृह पर भी इसका आना-जाना था। एसआईटी ने फोनकर दोनों महिलाओं को पुलिस लाइन दिन में करीब 11 बजे बुलाया। अलग-अलग कमरों में टीम ने पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो महिला वर्करों से टीम ने बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों की संख्या, उनके व्यवहार, रहन-सहन के बारे जानकारी ली। यह भी पूछा कि लड़कियां कहां-कहां जाती थीं, कौन-कौन बालिकागृह में आता था। महिलाओं ने शहर के रहने वाले कुछ लोगों का नाम भी बताया है। इसमें एक महिला 24 घंटे संस्था में रहकर कार्य करती थी और दूसरी महिला सुबह आती थी और चली जाती थी। यह महिला वर्कर साथ में एक डायरी भी लेकर गई थी, जिसमेें बालिकाओं का नाम-पता लिखा था। संस्था में करीब 22 महिलाएं कार्य करती थी। अभी भी कई महिलाओं से भी एसआइटी संपर्क नहीं कर सकी है।
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अलग-अलग दोनों से घंटों बंद कमरे में ली गई जानकारी
22 से अधिक महिला करती थीं कार्य, कई वर्करों का पता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालिका गृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को गिरिजा त्रिपाठी के वृद्धाश्रम और बालिका गृह में कार्य करने वाली दो महिला वर्करों से घंटों पूछताछ की। संस्था में रहने वाली बालिकाओं की देखरेख व जेल में बंद संचालिका की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
देवरिया में कई दिनों से डेरा डाली एसआईटी को कई अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। अली नगर और साकेत नगर की रहने वाली दो महिलाएं मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान में कार्य करती थी। अलीनगर निवासी महिला रजला स्थित वृद्धाश्रम पर रहती थी, लेकिन बालिका गृह पर भी इसका आना-जाना था। एसआईटी ने फोनकर दोनों महिलाओं को पुलिस लाइन दिन में करीब 11 बजे बुलाया। अलग-अलग कमरों में टीम ने पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो महिला वर्करों से टीम ने बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों की संख्या, उनके व्यवहार, रहन-सहन के बारे जानकारी ली। यह भी पूछा कि लड़कियां कहां-कहां जाती थीं, कौन-कौन बालिकागृह में आता था। महिलाओं ने शहर के रहने वाले कुछ लोगों का नाम भी बताया है। इसमें एक महिला 24 घंटे संस्था में रहकर कार्य करती थी और दूसरी महिला सुबह आती थी और चली जाती थी। यह महिला वर्कर साथ में एक डायरी भी लेकर गई थी, जिसमेें बालिकाओं का नाम-पता लिखा था। संस्था में करीब 22 महिलाएं कार्य करती थी। अभी भी कई महिलाओं से भी एसआइटी संपर्क नहीं कर सकी है।
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