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15 घायल बंदियों का मेडिकल परीक्षण कराया
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:35 PM IST
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जिला अस्तपाल में चोटिल 15 कैदीयों का एक्सरे कराया गया।
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देवरिया जिला जेल में बवाल के बाद पुलिस की पिटाई से घायल हुए 15 बंदियों का शनिवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसमें से दो बंदियों के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। अन्य के सिर और कमर के नीचे चोट लगी है।
26 अप्रैल की सुुबह जेल में बवाल हो गया था। बंदियों ने बंदी रक्षकों और जेलर को दौड़ा लिया था। सूचना के बाद पहुंचे एसपी प्रभाकर चौधरी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बंदी उग्र थे। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया । स्थिति को संभालने के लिए कई थानों और पुलिस लाइंस से फोर्स मंगानी पड़ी थी। पुलिस और बंदियों के बीच संघर्ष के बाद पुलिस वालों ने बंदियों की जमकर पिटाई की। इसमें दोनों तरफ से 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
पुलिस घायल बंदियों का जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण करा रही है। शनिवार को विजय, अंकुर, अतीकुर्रहमान, दुर्गा, रवि साहनी, मनौव्वर, छोटेलाल, श्यामनारायण, गिरीशचंद्र, रामप्रवेश, लोरिक, मनोज, भीष्म, सचितानंद, अनूप और विष्णु का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण कर रहे चिकित्सकों के अनुसार एक बंदी का दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गया है। शेष कैदियों के सिर और कमर के नीचे काफी चोट है।
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पुलिस की पिटाई से गंभीर रूप से घायल हुए बंदी कुछ बताना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस की डर की वजह से मुंह नहीं खोल पाए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल हुए बंदियों का ठीक से उपचार नहीं कराया गया तो संक्रमण फैल सकता है।
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26 अप्रैल की सुुबह जेल में बवाल हो गया था। बंदियों ने बंदी रक्षकों और जेलर को दौड़ा लिया था। सूचना के बाद पहुंचे एसपी प्रभाकर चौधरी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बंदी उग्र थे। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया । स्थिति को संभालने के लिए कई थानों और पुलिस लाइंस से फोर्स मंगानी पड़ी थी। पुलिस और बंदियों के बीच संघर्ष के बाद पुलिस वालों ने बंदियों की जमकर पिटाई की। इसमें दोनों तरफ से 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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पुलिस घायल बंदियों का जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण करा रही है। शनिवार को विजय, अंकुर, अतीकुर्रहमान, दुर्गा, रवि साहनी, मनौव्वर, छोटेलाल, श्यामनारायण, गिरीशचंद्र, रामप्रवेश, लोरिक, मनोज, भीष्म, सचितानंद, अनूप और विष्णु का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण कर रहे चिकित्सकों के अनुसार एक बंदी का दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गया है। शेष कैदियों के सिर और कमर के नीचे काफी चोट है।
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पुलिस की पिटाई से गंभीर रूप से घायल हुए बंदी कुछ बताना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस की डर की वजह से मुंह नहीं खोल पाए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल हुए बंदियों का ठीक से उपचार नहीं कराया गया तो संक्रमण फैल सकता है।