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एसआईटी ने जेल पहुंचकर गिरिजा और मोहन से की पूछताछ

Sat, 18 Aug 2018 10:32 PM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:32 PM IST
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एसआईटी ने जेल पहुंचकर गिरिजा और मोहन से की पूछताछ
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जेल में डेढ़ घंटे तक गिरिजा-मोहन से पूछताछ

प्वाइंटर
- एसआईटी ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर हासिल की जानकारी
- एसआईटी के साथ लखनऊ से अभियोजन अधिकारी भी रहे शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी शनिवार को जिला जेल पहुंची। टीम ने जेल में करीब डेढ़ घंटे तक गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहन त्रिपाठी व बेटी कंचनलता से अलग-अलग पूछताछ की। दोपहर बाद टीम ने उन्हें रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की। कोर्ट में काफी देर तक सुनवाई चली। रात आठ बजे अदालत ने गिरिजा त्रिपाठी, मोहन त्रिपाठी और उनकी बेटी कंचनलता को चार दिन की रिमांड पर देने का आदेश दिया। उधर, पुलिस लाइन में गिरिजा की संस्था में घरेलू काम करने वाली महिला से भी पूछताछ हुई।
तीन सदस्यीय एसआईटी में शामिल एसपी विजिलेंस भारती सिंह व एसपी पीटीसी मेरठ पूनम ने शनिवार को छानबीन की कमान संभाली। उनके सहयोग के लिए लखनऊ व गोरखपुर से आए पुलिसकर्मी भी लगे रहे। एक टीम दोपहर करीब 12 बजे जिला जेल पहुंची। उनके साथ सीओ सदर दयाराम सिंह गौर, सदर कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव, मृत्युंजय पाठक और कई महिला पुलिसकर्मी भी रहीं। सीओ-एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों को गेट पर ही छोड़कर टीम अंदर दाखिल हुई। जेल सूत्रों के मुताबिक अंदर बैरक से संस्था की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहन त्रिपाठी और अधीक्षिका कंचनलता त्रिपाठी को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की। टीम ने संस्था की मान्यता खत्म होने के बाद भी निर्बाध रूप से संचालन और लड़कियों को अनाधिकृत रूप से रखने सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी चाही। गिरिजा खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पुलिस पर साजिश में फंसाने की बात कहती रही। एसआईटी के साथ लखनऊ से आए अभियोजन अधिकारी ने भी पूछताछ की। काफी देर तक पूछताछ में अपेक्षित जानकारी न मिलने पर एसआईटी ने दोपहर बाद तीनों को रिमांड पर लेेने की अर्जी कोर्ट में पेश की। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में गिरिजा, पति मोहन व बेटी कंचनलता को अपर जिला जज प्रथम प्रमोद कुमार शर्मा की कोर्ट में पेश किया गया।
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साक्ष्य लेकर फिर लखनऊ गए एडीजी
- कल कोर्ट में दाखिल करना है जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका कांड में हाईकोर्ट में 20 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है। पिछली बार 13 अगस्त को सुनवाई में कोर्ट ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए विवेचना की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए थे। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने और लड़कियों को ले जाने वाली लग्जरी गाड़ियों के बारे में भी कोई जानकारी न देने पर फटकार लगाई थी। अब 20 अगस्त की तारीख पर सरकार के पक्ष को मजबूती से रखने के लिए एसआईटी लगी हुई है। पिछले पांच दिन में उन्हीं बिंदुओं पर जांच केंद्रित रही है, जिस पर कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। वाहनों के बारे में जानकारी के लिए एआरटीओ और ट्रैवेल्स एजेंसी के संचालकों को बुलाकर पूछताछ हुई। गिरिजा के बेटे-बहू से भी पूछताछ कर कई साक्ष्य एकत्रित किए गए। इन सभी साक्ष्यों को समेटकर एसआईटी के प्रभारी एडीजी क्राइम संजय सिंघल शनिवार की सुबह फिर लखनऊ रवाना हो गए। वह अपने साथ केस से जुड़ी कई पत्रावलियां भी ले गए। इन्हीं साक्ष्यों को सरकार की ओर से हाईकोर्ट में रखा जाएगा।
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पूछताछ में बेहोश हुई रसोइया
देवरिया। एसआईटी ने मामले की जांच में गिरिजा त्रिपाठी की रसोइया को बुलाया था। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में पूछताछ के दौरान वह बेहोश हो गई। आननफानन में उसे घर पहुंचा दिया गया। देवरिया बालिकागृह कांड की जांच कर रही एसआईटी ने गिरिजा त्रिपाठी से संबंधित लोगों से पूछताछ की। शनिवार को गिरिजा की रसोइया को पूछताछ के लिए पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में बुलाया गया था। टीम की सदस्य पूनम और भारती सिंह उससे पूछताछ कर रही थीं। इसी दौरान वह बेहोश हो गई। महिला इंस्पेक्टर और सिपाहियों ने उस पर पानी छिड़का। होश में आने पर उसे घर पहुंचा दिया गया।
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