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35 पुलिस अधिकारियों को नोटिस
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:35 PM IST
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देवरिया। बालिका गृह की मान्यता स्थगित होने के बाद भी लड़कियों-बच्चों को वहां भेजने के मामले में 35 पुलिस अधिकारी कार्रवाई की जद में आए हैं। एसपी से नोटिस मिलने के बाद सभी जवाब ढूंढने में लग गए हैं। आईजी जोन के निर्देश पर एसपी एन. कोलांची ने 35 पुलिस अधिकारियों को नोटिस दिया है। इनके बयान भी आईजी जोन के समक्ष होंगे।
पिछले साल जून महीने में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से संचालित बालिका गृह की मान्यता स्थगित हो गई थी। इसके बाद भी जिले के थानेदार, थाना प्रभारी यहां लड़कियों को भेजते रहे। पांच अगस्त को मामले के खुलासे के बाद समूचे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। आईजी नीलाब्जा चौधरी के निर्देश पर एसपी एन. कोलांची ने मान्यता स्थगित होने के बाद बच्चियों को बालिका गृह भेजने वाले थाना प्रभारियों, थानेदारों को नोटिस दिया है। उनसे कहा गया है कि वे आईजी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराएंगे। नोटिस मिलने के बाद 35 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
इन्हें मिला है नोटिस
देवरिया। प्रभारी निरीक्षक गौरीबाजार परमाशंकर यादव, प्रभारी निरीक्षक मदनपुर भीष्मपाल सिंह यादव, इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर, निलंबित एसआई पूर्व थानाध्यक्ष लार श्रवण यादव, इंस्पेक्टर मृत्युंजय पाठक, प्रभारी निरीक्षक रामपुर कारखाना अजय ओझा, इंस्पेक्टर सत्येंद्र पांडेय, कोतवाल रुद्रपुर प्रभातेश श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक लार विजय नारायण, इंस्पेक्टर महिला सरोज शर्मा, थानाध्यक्ष खुखुंदू भूपेंद्र सिंह थानाध्यक्ष तरकुलवा विनय सिंह इंस्पेक्टर राय साहब यादव, थानाध्यक्ष बनकटा देवेंद्र सिंह यादव, निलंबित उप निरीक्षक आरपी सिंह, इंस्पेक्टर जेपी यादव, इंस्पेक्टर मिथिलेश राय, निलंबित इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा समेत अन्य शामिल हैं।
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एसआईटी को लापता संवासिनियों की पत्रावली पर संदेह
देवरिया। बालिका गृह से लापता संवासिनियों की उपलब्ध पत्रावली पर एसआईटी को संदेह है। एक संवासिनी का बयान और पत्रावलियों की बात मेल नहीं खा रही है। इसके बाद टीम के सदस्य शेष तीनों संवासिनियों के बारे में जानकारी जुटाने लगे हैं। विडंबना यह भी है कि संस्था से मिली पत्रावलियों की दूसरी प्रति पुलिस, बाल कल्याण समिति और प्रोबेशन विभाग के पास नहीं है।
प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी 10 अगस्त से जिले में है। टीम के सदस्य संस्था से जुड़ी बालिकाओं और संवासिनियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। टीम ने 20 और 21 अगस्त को बालिका गृह की पड़ताल की थी। इस दौरान उनके हाथ कई दस्तावेज लगे थे। इनके आधार पर ही गिरिजा, कंचनलता और मोहन से पूछताछ की गई थी।
एसआईटी को भटनी, रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र की एक-एक, बस्ती जिले की एक बालिका समेत चार बालिकाओं के संस्था से लापता होने की जानकारी मिली। संस्था ने जो रिकॉर्ड टीम को सौंपा है, उसमें संवासिनियों को परिजनों को सौंपने की बात कही गई है। जबकि पुलिस, बाल कल्याण समिति और प्रोबेशन विभाग को संस्था की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं भेजा गया। इसकी पुष्टि रामपुर कारखाना क्षेत्र की युवती ने भी की है। अब टीम इन अभिलेखों की जांच में जुटी है।
पिछले साल जून महीने में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान की ओर से संचालित बालिका गृह की मान्यता स्थगित हो गई थी। इसके बाद भी जिले के थानेदार, थाना प्रभारी यहां लड़कियों को भेजते रहे। पांच अगस्त को मामले के खुलासे के बाद समूचे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। आईजी नीलाब्जा चौधरी के निर्देश पर एसपी एन. कोलांची ने मान्यता स्थगित होने के बाद बच्चियों को बालिका गृह भेजने वाले थाना प्रभारियों, थानेदारों को नोटिस दिया है। उनसे कहा गया है कि वे आईजी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराएंगे। नोटिस मिलने के बाद 35 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
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इन्हें मिला है नोटिस
देवरिया। प्रभारी निरीक्षक गौरीबाजार परमाशंकर यादव, प्रभारी निरीक्षक मदनपुर भीष्मपाल सिंह यादव, इंस्पेक्टर विजय सिंह गौर, निलंबित एसआई पूर्व थानाध्यक्ष लार श्रवण यादव, इंस्पेक्टर मृत्युंजय पाठक, प्रभारी निरीक्षक रामपुर कारखाना अजय ओझा, इंस्पेक्टर सत्येंद्र पांडेय, कोतवाल रुद्रपुर प्रभातेश श्रीवास्तव, प्रभारी निरीक्षक लार विजय नारायण, इंस्पेक्टर महिला सरोज शर्मा, थानाध्यक्ष खुखुंदू भूपेंद्र सिंह थानाध्यक्ष तरकुलवा विनय सिंह इंस्पेक्टर राय साहब यादव, थानाध्यक्ष बनकटा देवेंद्र सिंह यादव, निलंबित उप निरीक्षक आरपी सिंह, इंस्पेक्टर जेपी यादव, इंस्पेक्टर मिथिलेश राय, निलंबित इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा समेत अन्य शामिल हैं।
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एसआईटी को लापता संवासिनियों की पत्रावली पर संदेह
देवरिया। बालिका गृह से लापता संवासिनियों की उपलब्ध पत्रावली पर एसआईटी को संदेह है। एक संवासिनी का बयान और पत्रावलियों की बात मेल नहीं खा रही है। इसके बाद टीम के सदस्य शेष तीनों संवासिनियों के बारे में जानकारी जुटाने लगे हैं। विडंबना यह भी है कि संस्था से मिली पत्रावलियों की दूसरी प्रति पुलिस, बाल कल्याण समिति और प्रोबेशन विभाग के पास नहीं है।
प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी 10 अगस्त से जिले में है। टीम के सदस्य संस्था से जुड़ी बालिकाओं और संवासिनियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। टीम ने 20 और 21 अगस्त को बालिका गृह की पड़ताल की थी। इस दौरान उनके हाथ कई दस्तावेज लगे थे। इनके आधार पर ही गिरिजा, कंचनलता और मोहन से पूछताछ की गई थी।
एसआईटी को भटनी, रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र की एक-एक, बस्ती जिले की एक बालिका समेत चार बालिकाओं के संस्था से लापता होने की जानकारी मिली। संस्था ने जो रिकॉर्ड टीम को सौंपा है, उसमें संवासिनियों को परिजनों को सौंपने की बात कही गई है। जबकि पुलिस, बाल कल्याण समिति और प्रोबेशन विभाग को संस्था की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं भेजा गया। इसकी पुष्टि रामपुर कारखाना क्षेत्र की युवती ने भी की है। अब टीम इन अभिलेखों की जांच में जुटी है।