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विवाहिता ने दी जान
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:49 PM IST
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कुंडे से लटका मिला महिला का शव
बरहज थानाक्षेत्र के बारा दीक्षित गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। थानाक्षेत्र के बारा दीक्षित गांव में शुक्रवार को बंद कमरे में महिला की कुंडे से लटकती लाश मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाकर शव को कब्जे में लिया। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बारा दीक्षित गांव निवासी रामायन प्रजापति के चार बेटे मनोज, विनोद, प्रमोद और संतोष हैं। रामायन अपनी पत्नी के साथ लार के पास बरारी गांव स्थित मकान में रहते हैं, जबकि मनोज और विनोद का परिवार व अन्य लोग गांव में रहते हैं। शुक्रवार की सुबह पति समेत परिवार के अधिकांश सदस्य मदनपुर थाना क्षेत्र के खड़ेसर गांव स्थित बहन के ससुराल गए थे। घर पर सिर्फ ममता और विनोद की पत्नी ही थीं। दोपहर में लौटने पर पति ने ममता को आवाज लगाई, मगर काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आई। खिड़की से झांककर देखा गया तो छत की कुंडे के सहारे फंदे से ममता की लाश लटक रही थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार वंशराज सिंह की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। इस संबंध में प्रभारी थाना निरीक्षक मिथिलेश राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण पता कराया जा रहा है। गौरतलब है कि बढ़या फुलवरिया गांव निवासी दर्शन लाल प्रजापति की पांच संतानों में मझली बेटी ममता की शादी 2006 में बारा दीक्षित गांव के मनोज प्रजापति से हुई थी। मनोज बरौली चौराहे पर सिलाई का काम करता है। दोनों से कोई संतान नहीं हैं। मायके वालों का कहना है कि संतान नहीं होने से ससुराल पक्ष के लोग हमेशा ताना देते थे। 29 अगस्त 2011 को पारिवारिक विवाद को लेकर थाने पर सुलह समझौता भी हुआ था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह वह अपने पति मनोज को खड़ेसर जाने से रोक रही थी, लेकिन वह पत्नी की बात को अनसुना करते हुए बहन की ससुराल चला गया। इस कारण ममता दुखी थी।
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बरहज थानाक्षेत्र के बारा दीक्षित गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। थानाक्षेत्र के बारा दीक्षित गांव में शुक्रवार को बंद कमरे में महिला की कुंडे से लटकती लाश मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाकर शव को कब्जे में लिया। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बारा दीक्षित गांव निवासी रामायन प्रजापति के चार बेटे मनोज, विनोद, प्रमोद और संतोष हैं। रामायन अपनी पत्नी के साथ लार के पास बरारी गांव स्थित मकान में रहते हैं, जबकि मनोज और विनोद का परिवार व अन्य लोग गांव में रहते हैं। शुक्रवार की सुबह पति समेत परिवार के अधिकांश सदस्य मदनपुर थाना क्षेत्र के खड़ेसर गांव स्थित बहन के ससुराल गए थे। घर पर सिर्फ ममता और विनोद की पत्नी ही थीं। दोपहर में लौटने पर पति ने ममता को आवाज लगाई, मगर काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आई। खिड़की से झांककर देखा गया तो छत की कुंडे के सहारे फंदे से ममता की लाश लटक रही थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार वंशराज सिंह की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। इस संबंध में प्रभारी थाना निरीक्षक मिथिलेश राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण पता कराया जा रहा है। गौरतलब है कि बढ़या फुलवरिया गांव निवासी दर्शन लाल प्रजापति की पांच संतानों में मझली बेटी ममता की शादी 2006 में बारा दीक्षित गांव के मनोज प्रजापति से हुई थी। मनोज बरौली चौराहे पर सिलाई का काम करता है। दोनों से कोई संतान नहीं हैं। मायके वालों का कहना है कि संतान नहीं होने से ससुराल पक्ष के लोग हमेशा ताना देते थे। 29 अगस्त 2011 को पारिवारिक विवाद को लेकर थाने पर सुलह समझौता भी हुआ था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह वह अपने पति मनोज को खड़ेसर जाने से रोक रही थी, लेकिन वह पत्नी की बात को अनसुना करते हुए बहन की ससुराल चला गया। इस कारण ममता दुखी थी।
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