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मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने ठोकर का निर्माण रोका
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मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने ठोकर का निर्माण रोका
मेहरौनाघाट। लार ब्लॉक के कौसड़-खेमादेई सरयू नदी के बंधे पर निर्माणाधीन ठोकर को ग्रामीणों ने रोकवा दिया। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। एक घंटे तक प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी। इसके पूर्व भी ग्रामीणों ने मुआवजे के लिए कार्य रोक दिया था।
बाढ़ क्षेत्र के गांवों की सुरक्षा के लिए बंधों को मजबूत किया जा रहा है। लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। हाल में ही तकिया-धरहरा बंधे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कार्य रोक दिया। किसानों का कहना है कि यह जमीन बांगर क्षेत्र में आती है। अभी यह मामला शांत नहीं हुआ था कि रविवार को कौसड़-खेमादेई सरयू नदी के बंधे पर ठोकर का निर्माण कराने अफसर पहुंच गए। जानकारी होते ही किसानों ने मुआवजे के लिए काम रोक दिया। इसके बाद सिंचाई विभाग के जेई नागेंद्र प्रताप सिंह और रेवेन्यू ऑफिस के जिलेदार सुरेंद्र सिंह ने मुआवजे के लिए जमीन मालिकों को सोमवार को सलेमपुर तहसील में दस्तावेज के साथ बुलाया। प्रस्तावित दो ठोकर की लागत लगभग 11 करोड़ रुपए है। मुआवजा मांगने वालों में मुख्तार सिंह, वृजानंद सिंह, रामबली सिंह, सुरेंद्र सिंह, रमाशंकर सिंह, अजय सिंह, अवधेश सिंह, बादशाह सिंह, केसरी सिंह, नरेंद्र सिंह, रिपुंजय सिंह, उमाशंकर, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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मेहरौनाघाट। लार ब्लॉक के कौसड़-खेमादेई सरयू नदी के बंधे पर निर्माणाधीन ठोकर को ग्रामीणों ने रोकवा दिया। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। एक घंटे तक प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी। इसके पूर्व भी ग्रामीणों ने मुआवजे के लिए कार्य रोक दिया था।
बाढ़ क्षेत्र के गांवों की सुरक्षा के लिए बंधों को मजबूत किया जा रहा है। लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। हाल में ही तकिया-धरहरा बंधे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर कार्य रोक दिया। किसानों का कहना है कि यह जमीन बांगर क्षेत्र में आती है। अभी यह मामला शांत नहीं हुआ था कि रविवार को कौसड़-खेमादेई सरयू नदी के बंधे पर ठोकर का निर्माण कराने अफसर पहुंच गए। जानकारी होते ही किसानों ने मुआवजे के लिए काम रोक दिया। इसके बाद सिंचाई विभाग के जेई नागेंद्र प्रताप सिंह और रेवेन्यू ऑफिस के जिलेदार सुरेंद्र सिंह ने मुआवजे के लिए जमीन मालिकों को सोमवार को सलेमपुर तहसील में दस्तावेज के साथ बुलाया। प्रस्तावित दो ठोकर की लागत लगभग 11 करोड़ रुपए है। मुआवजा मांगने वालों में मुख्तार सिंह, वृजानंद सिंह, रामबली सिंह, सुरेंद्र सिंह, रमाशंकर सिंह, अजय सिंह, अवधेश सिंह, बादशाह सिंह, केसरी सिंह, नरेंद्र सिंह, रिपुंजय सिंह, उमाशंकर, घनश्याम आदि मौजूद रहे।
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