फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Compensation will be determined following the farmers' representations.

देवरिया बाईपास : किसानों के प्रत्यावेदन के बाद तय होगा मुआवजा

Sat, 01 Aug 2026 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 01 Aug 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
Compensation will be determined following the farmers' representations.
बैतालपुर। देवरिया बाईपास भूमि अधिग्रहण विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब प्रशासन पहले प्रभावित किसानों से प्रत्यावेदन लेगा। इन प्रत्यावेदनों की विधिक जांच के बाद मुआवजे का निर्धारण किया जाएगा।
विज्ञापन

इसके बाद विज्ञापन प्रकाशित होने के साथ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3डी के तहत जारी अंतिम अधिसूचना, धारा 3जी (3) के तहत प्रकाशित की जाने वाली सार्वजनिक सूचना का विकल्प नहीं हो सकती।
विज्ञापन

अदालत ने माना कि दोनों धाराओं की कानूनी भूमिका अलग-अलग है। प्रत्येक चरण का पालन अनिवार्य है। इसी आधार पर प्रशासन को पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप दोबारा आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस फैसले के बाद अब प्रभावित किसानों को पहली बार अपने दावे, आपत्तियां और साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रभावी अवसर मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक प्रत्यावेदन का अलग-अलग परीक्षण होगा।
किसानों की ओर से दिए गए दस्तावेज, राजस्व अभिलेख, नक्शे और अन्य साक्ष्यों का विधिक परीक्षण करने के बाद ही सक्षम प्राधिकारी निर्णय लेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त अभिलेख भी मांगे जा सकेंगे।
बाईपास से प्रभावित किसानों का कहना है कि अदालत के फैसले से न्याय की नई उम्मीद दी है। उनका मानना है कि अब सिर्फ सरकारी अभिलेखों के आधार पर नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों की आपत्तियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर भी विचार होगा। इससे अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनने की संभावना है।
भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने प्रभावित किसानों से समय रहते प्रत्यावेदन दाखिल करने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।

यदि किसी किसान को अपने खेत, मकान, आबादी, सीमांकन या मुआवजे को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे सभी प्रमाणों के साथ प्रशासन के समक्ष रखना चाहिए, क्योंकि आगे की कार्रवाई इन्हीं दावों के परीक्षण पर आधारित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed