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Deoria News: जल्द ही औसत उपभोग के आधार पर मिलेंगे कॉमर्शियल सिलिंडर

Sun, 22 Mar 2026 01:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:51 AM IST
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Commercial cylinders will soon be available based on average consumption.
राेक हटने के बाद शासन ने इनके वार्षिक उपभोग का औसत निकालकर आपूर्ति का दिए हैं निर्देश
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देवरिया। व्यावसायिक सिलिंडरों की दोबारा आपूर्ति से पहले इनके उपभोग का आकलन किया जा रहा है। नए नियमों के अनुसार कुल उपभोग का औसत निकालते हुए उससे 20 प्रतिशत की आपूर्ति होगी। जल्द ही यह आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में दिए गए सिलिंडरों की भी प्रकृति बदलेगी।
रसोई गैस की किल्लत के बीच सरकार ने सबसे पहले काॅमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई थी। यह रोक तो अब हटा दी गई है, लेकिन आपूर्ति के नियम भी बदले गए हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार नई व्यवस्था यह है कि एक उपभोक्ता ने पूरे साल में जितने सिलिंडर का उपयोग किया होगा, उसकी गणना कर खपत का आकलन किया जाएगा। फिर उसके 20 प्रतिशत हिस्से की आपूर्ति दी जाएगी, जिससे कि व्यवस्था को चलाने में कोई दिक्कत न हो।
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स्कूलों के सिलिंडरों की भी बदलेगी प्रकृति
मध्याह्न भोजन योजना के लिए स्कूलों में जो सिलिंडर खरीदे गए हैं, वह घरेलू श्रेणी के हैं। ग्रामीण क्षेत्र में नए नियमों के अनुसार दो सिलिंडर के बीच बुकिंग में 45 दिन का अंतर रखा जाना है। इस नियम से स्कूलों में सिलिंडर मिलने में दिक्कत आएगी। ऐसे में इन्हें भी काॅमर्शियल श्रेणी में रखा जाएगा। इससे इन सिलिंडरों की बुकिंग और आपूर्ति में दिक्कत नहीं आएगी। साथ ही इनकी केवाईसी और अन्य सेवाएं भी जल्द ही व्यवस्थित कर दी जाएंगी।
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केरोसिन तेल मंगाने का नहीं होगा लाभ
रसोई गैस की किल्लत के बीच सरकार ने कुछ समय के लिए केरोसीन के विकल्प पर विचार शुरू किया है। आपूर्ति विभाग से इसके लिए जानकारी मांगी गई थी। विभाग ने छानबीन कराई तो पूरे जिले में एक भी पुराना डिपो क्रियाशील नहीं है। पेट्रोल पंप संचालकों से राय ली गई। इसके अलावा बड़े दुकानदारों से भी बात हुई। मिठाई के दुकानदारों ने यह कहते हुए हाथ खड़ा कर दिए, कि ईंधन के रूप में केरोसिन के उपयोग से मिठाई बनाते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी पड़ती है। इसकी गंध से मिठाई खराब हो सकती है। वहीं बाजार में अब केरोसिन के चूल्हे या स्टोव मिलते नहीं, जिससे इसकी उपयोगिता सीमित है।
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