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Deoria News: दो डिग्री और गिरा पारा, बढ़ी ठंड, बर्फीली हवाओं से अकड़े अंग
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शहर के जलकल रोड पर पुआल जलाकर ठंड दूर करते लोग।संवाद
- फोटो : DEORIA
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दो डिग्री और गिरा पारा, बढ़ी ठंड, बर्फीली हवाओं से अकड़े अंग
गांवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर नहीं जले अलाव, सांसत में लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पूरे जनपद में कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। करीब एक पखवारे से भीषण शीतलहर और बदली होने के कारण बच्चों, बड़ों, बूढ़ों से लेकर छात्र और नौकरीपेशा वालों तक की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। हालांकि, सोमवार को कुछ देर के लिए धुंध जरूर छंटी लेकिन उसके बाद गलन और ठंड और बढ़ गई।
सोमवार न्यूनतम तापमान सात डिग्री तो अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जनपद में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गलन और बर्फीली हवाओं के चलते अभी चार-पांच दिनों तक सर्दी का सितम जनपदवासियों को झेलना पड़ेगा। उसके बाद धूप होने की संभावना जताई जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलने से लोग परेशान हैं।
करीब एक पखवारे से भीषण शीतलहर, गलन और सर्द हवा से सब परेशान हैं। बाइक से यात्रा करने पर कुछ ही दूरी तय करने में कंपकंपी छूट जा रही है। बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं। बाहर की बात तो दूर घर के अंदर भी लोग ठिठुर रहे हैं।
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सोमवार को कलेक्ट्रेट में आने वालों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही। कुछ विभागों के कर्मचारी अलाव के पास ठंड से निजात पा रहे थे। वहीं, अधिवक्ताओं की मांग पर सोमवार को दोपहर में नगर पालिका की ओर से कई जगह कलेक्ट्रेट में अलाव की व्यवस्था की गई।
शहर के रोडवेज परिसर में बीस पुरुष व पांच महिलाओं के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। यहां व्यवस्था दुरुस्त थी। दिन में रीतेश श्रीवास्तव तैनात थे। बताया कि तीन दिन में 40 यात्री ठहरे हैं। वहीं, मालवीय रोड पर ओवरब्रिज के नीचे पुरुष व महिलाओं के लिए के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बने हैं। महिलाओं के लिए चारपाई का इंतजाम है। यहां सोमवार को दिन में ठंड से परेशान पांच लोग सोए थे। यहां तैनात कर्मी अंगद सिंह ने बताया कि रात में ठहरने वालों की संख्या 70 से 80 तक पहुंच जा रही है। महिलाओं के न ठहरने पर उसमें लोग सोते हैं। दोनों स्थानों पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई हैं। दोनों स्थानों पर रजाई, गद्दा, पानी तथा अलाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं, शहर में अलाव के इंतजाम नाकाफी हैं।
जिले में प्रशासन की ओर से अलाव के लिए मात्र 125 स्थान चिह्नित किए गए हैं। तहसील देवरिया सदर को 4214, भाटपाररानी, रुद्रपुर, बरहज को 2800-2800 तथा सलेमपुर को 3800 कंबल वितरित करने के लिए मुहैया कराए गए हैं। कुछ 19 स्थानों पर रैनबसेरा संचालित किए जा रहे हैं।
फोटो
देवरही टोला के रामनंद यादव का कहना है कि उनकी देवरही मंदिर के सामने किराना की दुकान है। ठंड से हाल बेहाल हो गया है। केवल जरूरी सामान लेने के लिए लोग निकल रहे हैं। इसका दुकानदारी पर असर पड़ा है।
-फोटो
स्टेशन रोड के दुकानदार अभय कुमार गुप्ता ठंड से परेशान हैं। कहना है कि उनकी किराना व मोबाइल रिचार्ज की दुकान है। ठंड से किसी तरह दुकान खोल रहा हूं, लेकिन ग्राहक कम संख्या में आ रहे हैं। इससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
फोटो समाचार
अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं
बरहज। सोमवार को पूरे दिन भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हुए। रोज की अपेक्षा ठिठुरन ज्यादा रही। ठंड में निरंतर वृद्धि के कारण जनजीव अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोग सांसत में हैं। दो दिन कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली, लेकिन ठंड में बढ़ोत्तरी हुई है। कोहरा छाने और सर्द हवाओं के कारण लोग ठिठुर रहे थे। चौराहों व बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद नगर सहित क्षेत्र के चौराहों पर गणेश चतुर्दशी पर्व की तैयारी को लेकर गंजी, गुड़, अदरक आदि की खरीदारी के लिए कुछ देर के लिए भीड़ देखी गई, लेकिन सभी को घर लौटने की जल्दी थी। संवाद
फोटो समाचार
एसडीएम ने देखी अलाव की व्यवस्था
सलेमपुर। कड़ाके की ठंड में अलाव और रैन बसेरा की व्यवस्था देखने के लिए एसडीएम अरुण कुमार सोमवार को नगर में निकले। उन्होंने तहसील परिसर, गांधी चौक, बस स्टेशन, सरकारी हॉस्पिटल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जल रहे अलाव को देखा। वहां लोगों से बात भी की। वहीं, तहसील गेट स्थित रैन बसेरा में भी पहुंचकर व्यवस्था देखी। एसडीएम सुबह करीब सात बजे नगर भ्रमण के लिए निकले। कुछ जगहों पर कम लकड़ी देख उन्होंने ईओ से तत्काल लकड़ी बढ़ाने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि नगर में सार्वजनिक जगहों पर नगर पंचायत द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है। ईओ को वहां भी अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जहां अलाव जल रहे हैं, वहां अधिक लकड़ी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। संवाद
- फोटो
डीएम ने दो लेखपालों को दी प्रतिकूल प्रविष्टि
ठंड से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी ने लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को जायजा लिया। इसमें कई स्थानों पर कमियां मिलीं। भाटपाररानी तहसील के भिंगारी बाजार, घांटी चौराहा, सदर तहसील के रुद्रपुर मोड़ सहित कई स्थानों पर अलाव जलते नहीं मिले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और उत्तरदायित्व तय करते हुए दो लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश के बावजूद अलाव न जलाने पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उप जिलाधिकारी भाटपाररानी संजीव कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर लेखपाल अंशुमान पांडेय और श्रीकांत यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तहसील क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर अलाव जला दिए गए हैं। लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
गन्ना किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जलाए गए अलाव
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला प्रतापपुर चीनी मिल पहुंचे। उन्होंने किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई स्थानों पर अलाव जलवाए। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को राहत पहुंचाने के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
एडीएम वित्त एवं राजस्व में लिया विभिन्न स्थलों का जायजा
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह ने सोमवार की शाम सोनूघाट, भलुअनी सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और अलाव की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी मुख्य स्थलों पर अलाव जला दिए गए हैं। अलाव सुबह शाम जले इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।
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गांवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर नहीं जले अलाव, सांसत में लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पूरे जनपद में कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। करीब एक पखवारे से भीषण शीतलहर और बदली होने के कारण बच्चों, बड़ों, बूढ़ों से लेकर छात्र और नौकरीपेशा वालों तक की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। हालांकि, सोमवार को कुछ देर के लिए धुंध जरूर छंटी लेकिन उसके बाद गलन और ठंड और बढ़ गई।
सोमवार न्यूनतम तापमान सात डिग्री तो अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जनपद में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गलन और बर्फीली हवाओं के चलते अभी चार-पांच दिनों तक सर्दी का सितम जनपदवासियों को झेलना पड़ेगा। उसके बाद धूप होने की संभावना जताई जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलने से लोग परेशान हैं।
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करीब एक पखवारे से भीषण शीतलहर, गलन और सर्द हवा से सब परेशान हैं। बाइक से यात्रा करने पर कुछ ही दूरी तय करने में कंपकंपी छूट जा रही है। बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं। बाहर की बात तो दूर घर के अंदर भी लोग ठिठुर रहे हैं।
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सोमवार को कलेक्ट्रेट में आने वालों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही। कुछ विभागों के कर्मचारी अलाव के पास ठंड से निजात पा रहे थे। वहीं, अधिवक्ताओं की मांग पर सोमवार को दोपहर में नगर पालिका की ओर से कई जगह कलेक्ट्रेट में अलाव की व्यवस्था की गई।
शहर के रोडवेज परिसर में बीस पुरुष व पांच महिलाओं के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। यहां व्यवस्था दुरुस्त थी। दिन में रीतेश श्रीवास्तव तैनात थे। बताया कि तीन दिन में 40 यात्री ठहरे हैं। वहीं, मालवीय रोड पर ओवरब्रिज के नीचे पुरुष व महिलाओं के लिए के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बने हैं। महिलाओं के लिए चारपाई का इंतजाम है। यहां सोमवार को दिन में ठंड से परेशान पांच लोग सोए थे। यहां तैनात कर्मी अंगद सिंह ने बताया कि रात में ठहरने वालों की संख्या 70 से 80 तक पहुंच जा रही है। महिलाओं के न ठहरने पर उसमें लोग सोते हैं। दोनों स्थानों पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई हैं। दोनों स्थानों पर रजाई, गद्दा, पानी तथा अलाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं, शहर में अलाव के इंतजाम नाकाफी हैं।
जिले में प्रशासन की ओर से अलाव के लिए मात्र 125 स्थान चिह्नित किए गए हैं। तहसील देवरिया सदर को 4214, भाटपाररानी, रुद्रपुर, बरहज को 2800-2800 तथा सलेमपुर को 3800 कंबल वितरित करने के लिए मुहैया कराए गए हैं। कुछ 19 स्थानों पर रैनबसेरा संचालित किए जा रहे हैं।
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देवरही टोला के रामनंद यादव का कहना है कि उनकी देवरही मंदिर के सामने किराना की दुकान है। ठंड से हाल बेहाल हो गया है। केवल जरूरी सामान लेने के लिए लोग निकल रहे हैं। इसका दुकानदारी पर असर पड़ा है।
-फोटो
स्टेशन रोड के दुकानदार अभय कुमार गुप्ता ठंड से परेशान हैं। कहना है कि उनकी किराना व मोबाइल रिचार्ज की दुकान है। ठंड से किसी तरह दुकान खोल रहा हूं, लेकिन ग्राहक कम संख्या में आ रहे हैं। इससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
फोटो समाचार
अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं
बरहज। सोमवार को पूरे दिन भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हुए। रोज की अपेक्षा ठिठुरन ज्यादा रही। ठंड में निरंतर वृद्धि के कारण जनजीव अस्त-व्यस्त हो गया है। गांवों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोग सांसत में हैं। दो दिन कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली, लेकिन ठंड में बढ़ोत्तरी हुई है। कोहरा छाने और सर्द हवाओं के कारण लोग ठिठुर रहे थे। चौराहों व बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद नगर सहित क्षेत्र के चौराहों पर गणेश चतुर्दशी पर्व की तैयारी को लेकर गंजी, गुड़, अदरक आदि की खरीदारी के लिए कुछ देर के लिए भीड़ देखी गई, लेकिन सभी को घर लौटने की जल्दी थी। संवाद
फोटो समाचार
एसडीएम ने देखी अलाव की व्यवस्था
सलेमपुर। कड़ाके की ठंड में अलाव और रैन बसेरा की व्यवस्था देखने के लिए एसडीएम अरुण कुमार सोमवार को नगर में निकले। उन्होंने तहसील परिसर, गांधी चौक, बस स्टेशन, सरकारी हॉस्पिटल समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जल रहे अलाव को देखा। वहां लोगों से बात भी की। वहीं, तहसील गेट स्थित रैन बसेरा में भी पहुंचकर व्यवस्था देखी। एसडीएम सुबह करीब सात बजे नगर भ्रमण के लिए निकले। कुछ जगहों पर कम लकड़ी देख उन्होंने ईओ से तत्काल लकड़ी बढ़ाने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि नगर में सार्वजनिक जगहों पर नगर पंचायत द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है। ईओ को वहां भी अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जहां अलाव जल रहे हैं, वहां अधिक लकड़ी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। संवाद
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डीएम ने दो लेखपालों को दी प्रतिकूल प्रविष्टि
ठंड से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी ने लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को जायजा लिया। इसमें कई स्थानों पर कमियां मिलीं। भाटपाररानी तहसील के भिंगारी बाजार, घांटी चौराहा, सदर तहसील के रुद्रपुर मोड़ सहित कई स्थानों पर अलाव जलते नहीं मिले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और उत्तरदायित्व तय करते हुए दो लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश के बावजूद अलाव न जलाने पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उप जिलाधिकारी भाटपाररानी संजीव कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर लेखपाल अंशुमान पांडेय और श्रीकांत यादव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तहसील क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर अलाव जला दिए गए हैं। लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
गन्ना किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जलाए गए अलाव
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला प्रतापपुर चीनी मिल पहुंचे। उन्होंने किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कई स्थानों पर अलाव जलवाए। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को राहत पहुंचाने के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
एडीएम वित्त एवं राजस्व में लिया विभिन्न स्थलों का जायजा
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह ने सोमवार की शाम सोनूघाट, भलुअनी सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और अलाव की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी मुख्य स्थलों पर अलाव जला दिए गए हैं। अलाव सुबह शाम जले इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।