{"_id":"590a11b74f1c1b0b39441865","slug":"cm-s-trust-in-the-job-given-to-son","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम ने बेटे को दिया नौकरी का भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम ने बेटे को दिया नौकरी का भरोसा
देवरिया
Updated Wed, 03 May 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद प्रेमसागर के बड़े बेटे ईश्वरचंद को नौकरी देने का भरोसा दिया है। वहीं परिवारवालों को मुख्यमंत्री के आने का इंतजार है। शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
टीकमपार के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के आने की मांग को लेकर शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने से मंगलवार की रात को मना कर दिया था। परिवारवाले भी ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए ताबूत खोलकर अंतिम दर्शन की मांग कर रहे थे। देर रात तक मामला हल नहीं हो पाने पर कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने मुख्यमंत्री से परिवार वालों की फोन पर बातचीत कराई थी।
शहीद प्रेमसागर के बड़े बेटे ईश्वरचंद ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री से कहा कि उसके पिता देश की रक्षा करते-करते शहीद हो गए हैं। आकर श्रद्धांजलि दे जाइए। योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय रहता है, घबराओ नहीं हम जरूर आएंगे। बेटे ने बताया कि जब उसने पूछा कब आइएगा तो सीएम ने कहा कि तेरहवी से पहले आएंगे। उसने कहा कि पिता जी शहीद हो गए हैं।
विज्ञापन
घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। ईश्वर ने कहा कि इस बात पर सीएम कुछ देर चुप रहे, फिर बोले चिंता न करो, हम नौकरी देंगे। फिर पूछा कि आर्थिक मदद मिली है। उसने कहा कि 20 लाख रुपये का चेक मिला है। सीएम ने कहा, और मदद नहीं मिली, शाही से बात कराओ। फिर उसने फोन मंत्री जी को दे दिया। शाही ने सीएम को बताया कि छह लाख रुपये का चेक और दिया जाएगा। चूंकि कागजी कार्रवाई में वक्त लगता है, इसलिए प्रशासन ने एक हफ्ते का वक्त मांगा है। इसके बाद फोन कट गया।
विज्ञापन
देवरिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद प्रेमसागर के बड़े बेटे ईश्वरचंद को नौकरी देने का भरोसा दिया है। वहीं परिवारवालों को मुख्यमंत्री के आने का इंतजार है। शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हो जाने के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
टीकमपार के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के आने की मांग को लेकर शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने से मंगलवार की रात को मना कर दिया था। परिवारवाले भी ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए ताबूत खोलकर अंतिम दर्शन की मांग कर रहे थे। देर रात तक मामला हल नहीं हो पाने पर कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने मुख्यमंत्री से परिवार वालों की फोन पर बातचीत कराई थी।
विज्ञापन
शहीद प्रेमसागर के बड़े बेटे ईश्वरचंद ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री से कहा कि उसके पिता देश की रक्षा करते-करते शहीद हो गए हैं। आकर श्रद्धांजलि दे जाइए। योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय रहता है, घबराओ नहीं हम जरूर आएंगे। बेटे ने बताया कि जब उसने पूछा कब आइएगा तो सीएम ने कहा कि तेरहवी से पहले आएंगे। उसने कहा कि पिता जी शहीद हो गए हैं।
विज्ञापन
घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। ईश्वर ने कहा कि इस बात पर सीएम कुछ देर चुप रहे, फिर बोले चिंता न करो, हम नौकरी देंगे। फिर पूछा कि आर्थिक मदद मिली है। उसने कहा कि 20 लाख रुपये का चेक मिला है। सीएम ने कहा, और मदद नहीं मिली, शाही से बात कराओ। फिर उसने फोन मंत्री जी को दे दिया। शाही ने सीएम को बताया कि छह लाख रुपये का चेक और दिया जाएगा। चूंकि कागजी कार्रवाई में वक्त लगता है, इसलिए प्रशासन ने एक हफ्ते का वक्त मांगा है। इसके बाद फोन कट गया।