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Deoria News: पेशी से लौटते समय चंदन सिंह कस्टडी से हुआ था फरार, यहां भी करता था वसूली
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देवरिया जीआरपी ने कुर्क किया था घर, न्यायालय में विचाराधीन है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जेल से रंगदारी वसूलने वाला बदमाश चंदन सिंह पेशी से लौटते समय पुलिस को चकमा देकर बैतालपुर के पास से फरार हो गया था। देवरिया जेल में रहने के दौरान इसके जिले के कुछ युवकों से गहरे रिश्ते बन गए थे। इस कारण वह यहां की जेल से भी रंगदारी मांगने का काम करता था।
चिलुआताल, कुसहरा का रहने वाला देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह देवरिया जेल में बंद रहते हुए रंगदारी वसूलने का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। 12 अगस्त 2013 को पुलिस उसे लूट के मामले में संतकबीरनगर कोर्ट में पेशी के लिए ले गई थी। लौटते समय बैतालपुर के वह पुलिस को चकमा देकर ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। मामले में जीआरपी ने केस दर्ज कर किया था। इसके बाद उसके घर की कुर्की भी पुलिस ने की थी। इस समय मामला न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में चंदन सिंह को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार चंदन सिंह ने रंगदारी वसूल करने वाला गिरोह खड़ा कर लिया है। इसमें देवरिया के भी कुछ युवक शामिल हैं, जो चंदन के इशारे पर डाॅक्टर, व्यापारियों से रंगदारी वसूलते हैं और उस तक पहुंचाने का काम करते हैं। अभी भी देवरिया जेल में चंदन के कुछ साथी बंद हैं। जिससे मिलने जुलने वाले लोग आते-जाते हैं। पूरा नेटवर्क जेल से ही चंदन इस समय चला रहा है। पुलिस को आशंका है कि शातिर के नाम पर वसूली करते हैं। दो साल पहले एक महाराजगंज के ठेकेदार से जेल में बंद एक बदमाश ने रुपये की मांग की थी, उसने चंदन का नाम रंगदारी वसूलने के लिए बताया था। फरार होने के दौरान चंदन ने शहर के डाॅक्टर से रंगदारी वसूलने के लिए अपने गुर्गे से फोन कराया था। इस मामले में चर्चा तो यह है कि उसके पास बदायूं जेल में देवरिया से रुपये एक युवक ने पहुंचा दिया था। डाॅक्टर केस दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हुए, इस कारण पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।
कोट
पेशी से वापस आते समय चंदन जिले से फरार हुआ था। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इस गिरोह से जुडे़ लोगों पर पुलिस की निगाह है, जो चंदन के लिए लोगों से रंगदारी वसूल करते हैं। -राजेश कुमार एएसपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जेल से रंगदारी वसूलने वाला बदमाश चंदन सिंह पेशी से लौटते समय पुलिस को चकमा देकर बैतालपुर के पास से फरार हो गया था। देवरिया जेल में रहने के दौरान इसके जिले के कुछ युवकों से गहरे रिश्ते बन गए थे। इस कारण वह यहां की जेल से भी रंगदारी मांगने का काम करता था।
चिलुआताल, कुसहरा का रहने वाला देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह देवरिया जेल में बंद रहते हुए रंगदारी वसूलने का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। 12 अगस्त 2013 को पुलिस उसे लूट के मामले में संतकबीरनगर कोर्ट में पेशी के लिए ले गई थी। लौटते समय बैतालपुर के वह पुलिस को चकमा देकर ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। मामले में जीआरपी ने केस दर्ज कर किया था। इसके बाद उसके घर की कुर्की भी पुलिस ने की थी। इस समय मामला न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में चंदन सिंह को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार चंदन सिंह ने रंगदारी वसूल करने वाला गिरोह खड़ा कर लिया है। इसमें देवरिया के भी कुछ युवक शामिल हैं, जो चंदन के इशारे पर डाॅक्टर, व्यापारियों से रंगदारी वसूलते हैं और उस तक पहुंचाने का काम करते हैं। अभी भी देवरिया जेल में चंदन के कुछ साथी बंद हैं। जिससे मिलने जुलने वाले लोग आते-जाते हैं। पूरा नेटवर्क जेल से ही चंदन इस समय चला रहा है। पुलिस को आशंका है कि शातिर के नाम पर वसूली करते हैं। दो साल पहले एक महाराजगंज के ठेकेदार से जेल में बंद एक बदमाश ने रुपये की मांग की थी, उसने चंदन का नाम रंगदारी वसूलने के लिए बताया था। फरार होने के दौरान चंदन ने शहर के डाॅक्टर से रंगदारी वसूलने के लिए अपने गुर्गे से फोन कराया था। इस मामले में चर्चा तो यह है कि उसके पास बदायूं जेल में देवरिया से रुपये एक युवक ने पहुंचा दिया था। डाॅक्टर केस दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हुए, इस कारण पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।
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पेशी से वापस आते समय चंदन जिले से फरार हुआ था। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इस गिरोह से जुडे़ लोगों पर पुलिस की निगाह है, जो चंदन के लिए लोगों से रंगदारी वसूल करते हैं। -राजेश कुमार एएसपी
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