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दर्ज होगा भ्रूण हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का केस
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दर्ज होगा भ्रूण हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का केस
- लखनऊ तक पहुंचा रुद्रपुर में कन्या भ्रूण हत्या के प्रयास का मामला, जिला अस्पताल में हुआ गर्भवती का स्वास्थ्य परीक्षण
- पति और ससुराल वालों से कन्या भ्रूण को बचाने के लिए मायके में रह रही है महिला
- महिला को न्याय दिलाने को आगे आई राष्ट्रीय निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति, डीएम ने मांगी मामले की पूरी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर (देवरिया)। माहीगंज की गर्भवती के पेट में पल रहे कन्या भ्रूण की हत्या के प्रयास का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। अमर उजाला में छपी खबरों को संज्ञान में लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रदेश में गठित राष्ट्रीय निरीक्षण और अनुश्रवण समिति की सदस्य डॉ नीलम सिंह ने जिलाधिकारी अमित किशोर से बात की। उन्होंने मामले की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा। निरीक्षण और अनुश्रवण समिति महिला उत्पीड़न और भ्रूण हत्या जैसे मामलों की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर सभी प्रदेशों में गठित की गई है।
जिलाधिकारी ने एसडीएम को पीड़ित महिला को मेडिकल सुविधा दिलाने और मामले की पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने भ्रूण परीक्षण करने वाले अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई को कहा है। बृहस्पतिवार को महिला का हाल जानने एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय उसके मायके पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला और उसके मायके लोगों की कलमबंद बयान लिया। महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज कर उसकी जांच कराई गई। जांच में डॉक्टरों ने जच्चा बच्चा को सुरक्षित बताया। उसे दवा देकर घर पर आराम करने के लिए भेज दिया गया। एसडीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम और एसपी को रिपोर्ट भेज दी है।
पिपरा कछार की रहने वाली महिला की शादी माहीगंज में हुई है। उसकी जुड़वा बेटियां हैं। बेटे की लालसा में पति और ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे। बकौल पीड़िता उन लोगों ने दो बार उसका गर्भ परीक्षण कराकर गर्भ में कन्या होने पर जबरन गर्भपात करवा दिया। बेटे की चाहत में वर्तमान में पेट में पल रहे गर्भ का भी परीक्षण कराया। इस बार भी गर्भ में लड़की होने पर उसे मारना चाहते हैं। बार बार गर्भपात से वह बिलकुल कमजोर हो गई है। महिला ने गर्भस्थ शिशु की रक्षा को पुलिस व प्रशासन से गुहार लगाई है। भ्रूण हत्या का जघन्य मामला उजागार होने के बाद समाज में ऐसे लोगों का जमकर विरोध हो रहा है। लोग सोशल मीड़िया पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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कोट:
पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाएगा। दोषियों के खिलाफ भ्रूण हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का केस दर्ज होना चाहिए। भ्रूण परीक्षण करने वाले संस्थान के खिलाफ भी केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
- डॉ नीलम सिंह, राष्ट्रीय निरीक्षण और अनुश्रवण समिति की सदस्य
कोट:
पीड़ित महिला और उसके माता पिता का बयान लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा का इंतजाम कर दिया गया है। भ्रूण परीक्षण करने वाले संस्थान और दोषियों के खिलाफ केस दर्जं कर कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार उपाध्याय, एसडीएम
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- लखनऊ तक पहुंचा रुद्रपुर में कन्या भ्रूण हत्या के प्रयास का मामला, जिला अस्पताल में हुआ गर्भवती का स्वास्थ्य परीक्षण
- पति और ससुराल वालों से कन्या भ्रूण को बचाने के लिए मायके में रह रही है महिला
- महिला को न्याय दिलाने को आगे आई राष्ट्रीय निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति, डीएम ने मांगी मामले की पूरी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर (देवरिया)। माहीगंज की गर्भवती के पेट में पल रहे कन्या भ्रूण की हत्या के प्रयास का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। अमर उजाला में छपी खबरों को संज्ञान में लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रदेश में गठित राष्ट्रीय निरीक्षण और अनुश्रवण समिति की सदस्य डॉ नीलम सिंह ने जिलाधिकारी अमित किशोर से बात की। उन्होंने मामले की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा। निरीक्षण और अनुश्रवण समिति महिला उत्पीड़न और भ्रूण हत्या जैसे मामलों की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर सभी प्रदेशों में गठित की गई है।
जिलाधिकारी ने एसडीएम को पीड़ित महिला को मेडिकल सुविधा दिलाने और मामले की पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने भ्रूण परीक्षण करने वाले अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई को कहा है। बृहस्पतिवार को महिला का हाल जानने एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय उसके मायके पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला और उसके मायके लोगों की कलमबंद बयान लिया। महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज कर उसकी जांच कराई गई। जांच में डॉक्टरों ने जच्चा बच्चा को सुरक्षित बताया। उसे दवा देकर घर पर आराम करने के लिए भेज दिया गया। एसडीएम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएम और एसपी को रिपोर्ट भेज दी है।
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पिपरा कछार की रहने वाली महिला की शादी माहीगंज में हुई है। उसकी जुड़वा बेटियां हैं। बेटे की लालसा में पति और ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे। बकौल पीड़िता उन लोगों ने दो बार उसका गर्भ परीक्षण कराकर गर्भ में कन्या होने पर जबरन गर्भपात करवा दिया। बेटे की चाहत में वर्तमान में पेट में पल रहे गर्भ का भी परीक्षण कराया। इस बार भी गर्भ में लड़की होने पर उसे मारना चाहते हैं। बार बार गर्भपात से वह बिलकुल कमजोर हो गई है। महिला ने गर्भस्थ शिशु की रक्षा को पुलिस व प्रशासन से गुहार लगाई है। भ्रूण हत्या का जघन्य मामला उजागार होने के बाद समाज में ऐसे लोगों का जमकर विरोध हो रहा है। लोग सोशल मीड़िया पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाएगा। दोषियों के खिलाफ भ्रूण हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का केस दर्ज होना चाहिए। भ्रूण परीक्षण करने वाले संस्थान के खिलाफ भी केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
- डॉ नीलम सिंह, राष्ट्रीय निरीक्षण और अनुश्रवण समिति की सदस्य
कोट:
पीड़ित महिला और उसके माता पिता का बयान लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा का इंतजाम कर दिया गया है। भ्रूण परीक्षण करने वाले संस्थान और दोषियों के खिलाफ केस दर्जं कर कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार उपाध्याय, एसडीएम