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पूर्व ग्राम प्रधान व बसपा नेता ने गोली मारकर की आत्महत्या
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ओमप्रकाश पासवान की फाइल फोटो
- फोटो : DEORIA
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पूर्व ग्राम प्रधान व बसपा नेता ने गोली मारकर की आत्महत्या
मौके से रिवाल्वर बरामद, बृहस्पतिवार को आधी रात में हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बैतालपुर। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में बृहस्पतिवार की रात में पूर्व प्रधान व बसपा नेता ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में पड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने रिवाल्वर को कब्जे में ले लिया। इसके बाद जांच-पड़ताल में जुट गई।
विकास खंड के जगदीशपुर गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान व वरिष्ठ बसपा नेता ओमप्रकाश पासवान 52 करीब चार-पांच दिन बाद रात में घर आए थे। घर पर स्नान करने के बाद लखनऊ और चंडीगढ़ में अध्ययनरत अपनी तीन लड़कियों से हालचाल और उनकी शिक्षा को लेकर चर्चा कर भोजन करने लगे। इस दौरान किसी बात को लेकर पत्नी से कहासुनी हो गई।
दोनों के बीच नोकझोंक हुई और आधी रात को 12 बजे अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होते ही परिजन रोने लगे और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसी बीच जानकारी गौरी बाजार के एसओ विपिन मलिक को दी। उन्होंने मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर को कब्जे में ले लिया। एसओ ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
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एक बार खुद एक बार पत्नी रह चुकी हैं प्रधान
बैतालपुर। स्थानीय विकास खंड की संयुक्त ग्राम सभा बेलही तिवारी से वर्ष 1995 में बसपा नेता ओमप्रकाश पासवान की मां दुर्गावती देवी पहली बार ग्राम प्रधान बनीं। इसके बाद वर्ष 2000 से 2005 तक वह स्वयं गांव के प्रधान बने। वहीं, वर्ष 2010 में गांव का आरक्षण बदलने पर उन्होंने अपनी पत्नी सरिता प्रकाश को चुनाव मैदान में उतारा और जीत हुई।
पदमुक्त होते ही जनता से बढ़ाईं दूरियां
बैतालपुर। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत के परिसीमन क्षेत्र में बदलाव हो गया। इसमें बेलही तिवारी एक अलग ग्राम पंचायत बना दी गई। वहीं, ओमप्रकाश पासवान के गांव जगदीशपुर को नवसृजित ग्राम पंचायत मुकुंदपुर में जोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पद से दूर होते ही वह जनता से काफी दूरियां बना लिए थे।
ओमप्रकाश ने की थीं दो शादियां
बैतालपुर। पहली शादी से उनकी दो पुत्रियां हुईं। इसके कुछ वर्ष बाद पहली पत्नी की मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद ओमप्रकाश ने दूसरी शादी की। इनसे पांच संतानों में चार पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पहली पत्नी की दोनों पुत्रियां और दूसरी पत्नी की एक पुत्री लखनऊ और चंडीगढ़ में रहकर तैयारी करती हैं।
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मौके से रिवाल्वर बरामद, बृहस्पतिवार को आधी रात में हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बैतालपुर। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में बृहस्पतिवार की रात में पूर्व प्रधान व बसपा नेता ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में पड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने रिवाल्वर को कब्जे में ले लिया। इसके बाद जांच-पड़ताल में जुट गई।
विकास खंड के जगदीशपुर गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान व वरिष्ठ बसपा नेता ओमप्रकाश पासवान 52 करीब चार-पांच दिन बाद रात में घर आए थे। घर पर स्नान करने के बाद लखनऊ और चंडीगढ़ में अध्ययनरत अपनी तीन लड़कियों से हालचाल और उनकी शिक्षा को लेकर चर्चा कर भोजन करने लगे। इस दौरान किसी बात को लेकर पत्नी से कहासुनी हो गई।
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दोनों के बीच नोकझोंक हुई और आधी रात को 12 बजे अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होते ही परिजन रोने लगे और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसी बीच जानकारी गौरी बाजार के एसओ विपिन मलिक को दी। उन्होंने मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर को कब्जे में ले लिया। एसओ ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
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एक बार खुद एक बार पत्नी रह चुकी हैं प्रधान
बैतालपुर। स्थानीय विकास खंड की संयुक्त ग्राम सभा बेलही तिवारी से वर्ष 1995 में बसपा नेता ओमप्रकाश पासवान की मां दुर्गावती देवी पहली बार ग्राम प्रधान बनीं। इसके बाद वर्ष 2000 से 2005 तक वह स्वयं गांव के प्रधान बने। वहीं, वर्ष 2010 में गांव का आरक्षण बदलने पर उन्होंने अपनी पत्नी सरिता प्रकाश को चुनाव मैदान में उतारा और जीत हुई।
पदमुक्त होते ही जनता से बढ़ाईं दूरियां
बैतालपुर। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत के परिसीमन क्षेत्र में बदलाव हो गया। इसमें बेलही तिवारी एक अलग ग्राम पंचायत बना दी गई। वहीं, ओमप्रकाश पासवान के गांव जगदीशपुर को नवसृजित ग्राम पंचायत मुकुंदपुर में जोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पद से दूर होते ही वह जनता से काफी दूरियां बना लिए थे।
ओमप्रकाश ने की थीं दो शादियां
बैतालपुर। पहली शादी से उनकी दो पुत्रियां हुईं। इसके कुछ वर्ष बाद पहली पत्नी की मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद ओमप्रकाश ने दूसरी शादी की। इनसे पांच संतानों में चार पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पहली पत्नी की दोनों पुत्रियां और दूसरी पत्नी की एक पुत्री लखनऊ और चंडीगढ़ में रहकर तैयारी करती हैं।