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Deoria News: सऊदी से पहुंचा शव तो हुई पत्नी को मौत की जानकारी
Sun, 04 Feb 2024 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 04 Feb 2024 02:26 AM IST
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दो माह पहले सऊदी अरब में सड़क हादसे में घायल हुए थे रमाशंकर, एक माह बाद हो गई थी मौत
खुखुंदू फरदहआं बारी के रहने वाले थे रमाशंकर
फोटो समाचार...
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव के फरदहां बारी के रमाशंकर पासवान का शव शनिवार सुबह घर पहुंचा। शव घर पहुंचने के बाद पत्नी को पति की मौत की खबर लगी। हालांकि, पति की एक माह पहले ही सऊदी अरब में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
रमाशंकर दो माह पहले वहां एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। तबसे वहीं उनका इलाज चल रहा था। उधर, पत्नी को पति के चोटिल होने की जैसे ही जानकारी मिली थी, उसने देवरिया डीएम अखंड प्रताप सिंह से मिलकर बेहतर इलाज कराने की गुहार लगाई थी।
बताया जा रहा है कि खुखुंदू फरदहां बारी निवासी रमाशंकर पासवान (44) छह माह पहले सऊदी अरब के दीघा में रहकर एक ठेकेदार का ट्रक चलाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के चलते वह बड़ी बेटी प्रतिमा की शादी में भी नहीं घर आ पाए थे। बेटी की शादी का कर्ज अभी सिर पर चढ़ा ही है तब तक रमाशंकर दुनिया छोड़कर चल दिए।
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बताते चलें कि रमाशंकर बीते वर्ष तीन दिसंबर को सऊदी अरब के दीघा में ट्रक लेकर पहाड़ी इलाकों में कहीं जा रहे थे। इची बीच ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद वह कोमा में चले गए थे। हालांकि, रमाशंकर की बीते माह सात जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत की खबर से पत्नी उषा देवी अनजान रहीं। शव पहुंचते ही वह अवाक रह गईं। शव जैसे ही घर पहुंचा पत्नी लिपटकर रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। बेटियां प्रतिमा और अर्चना भी पिता के शव से लिपटकर रो रही थीं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन बना रहा।
दूसरी बेटी अर्चना न तो मुंह से बोल पाती है और न ही उसे कान से सुनाई देता है। मां और बहन भाइयों को रोते देखकर उसकी आंखों से आंसू टपक रहे थे।
रमाशंकर के परिवार की माली हालत बहुत कमजोर है। दो लड़के विराट और प्रिंस भी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में परिवार के पास दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इनसेट...
मां उषा को बेटों ने दिलाई दिलासा, हम करेंगे दिव्यांग बहन की शादी
खुखुंदू। मां उषा देवी पति के शव से लिपटकर जब रो रही थीं और बोलीं कि हमरी गूंगी बेटी के अब के करी शादी तो उनके बेटे विराट और प्रिंस ने मां को दिलासा दिलाई कि हमलोग बहन अर्चना की शादी करेंगे। बेटे भी मां और बहनों को संभालते-संभालते स्वयं रो पड़ रहे थे।
बताया जा रहा है कि रमाशंकर पासवान अपनी कमाई की बदौलत बेटी प्रतिमा की शादी में हुए कर्ज को भरने के अलावा बेटे विराट को मेरठ से सीए करा रहे थे। विराट का अभी एक साल ही नामांकन कराए हुआ था। अब परिवार में कोई कमाऊ सदस्य नहीं होने से उसकी पढ़ाई पर विराम लग जाएगा। जबकि, प्रिंस गांव ही रहकर पढ़ाई करने के अलावा मजदूरी करता है। उषा देवी को बस यही चिंता सता रही है कि और उनके जीवन और बच्चों का कौन सहारा बनेगा। उधर, रमाशंकर की माली हालत काफी कमजोर होने से मोहल्ले के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार किया गया। जबकि लखनऊ से एंबुलेंस से शव गांव लाने के लिए सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की पहल पर जिला प्रशासन से धनराशि दिलाई गई। बताते चलें कि सऊदी से शव गांव मंगाने के लिए सदर विधायक ने ही पहल की थी।
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खुखुंदू फरदहआं बारी के रहने वाले थे रमाशंकर
फोटो समाचार...
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव के फरदहां बारी के रमाशंकर पासवान का शव शनिवार सुबह घर पहुंचा। शव घर पहुंचने के बाद पत्नी को पति की मौत की खबर लगी। हालांकि, पति की एक माह पहले ही सऊदी अरब में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
रमाशंकर दो माह पहले वहां एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। तबसे वहीं उनका इलाज चल रहा था। उधर, पत्नी को पति के चोटिल होने की जैसे ही जानकारी मिली थी, उसने देवरिया डीएम अखंड प्रताप सिंह से मिलकर बेहतर इलाज कराने की गुहार लगाई थी।
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बताया जा रहा है कि खुखुंदू फरदहां बारी निवासी रमाशंकर पासवान (44) छह माह पहले सऊदी अरब के दीघा में रहकर एक ठेकेदार का ट्रक चलाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के चलते वह बड़ी बेटी प्रतिमा की शादी में भी नहीं घर आ पाए थे। बेटी की शादी का कर्ज अभी सिर पर चढ़ा ही है तब तक रमाशंकर दुनिया छोड़कर चल दिए।
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बताते चलें कि रमाशंकर बीते वर्ष तीन दिसंबर को सऊदी अरब के दीघा में ट्रक लेकर पहाड़ी इलाकों में कहीं जा रहे थे। इची बीच ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद वह कोमा में चले गए थे। हालांकि, रमाशंकर की बीते माह सात जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई।
मौत की खबर से पत्नी उषा देवी अनजान रहीं। शव पहुंचते ही वह अवाक रह गईं। शव जैसे ही घर पहुंचा पत्नी लिपटकर रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। बेटियां प्रतिमा और अर्चना भी पिता के शव से लिपटकर रो रही थीं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन बना रहा।
दूसरी बेटी अर्चना न तो मुंह से बोल पाती है और न ही उसे कान से सुनाई देता है। मां और बहन भाइयों को रोते देखकर उसकी आंखों से आंसू टपक रहे थे।
रमाशंकर के परिवार की माली हालत बहुत कमजोर है। दो लड़के विराट और प्रिंस भी अभी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में परिवार के पास दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इनसेट...
मां उषा को बेटों ने दिलाई दिलासा, हम करेंगे दिव्यांग बहन की शादी
खुखुंदू। मां उषा देवी पति के शव से लिपटकर जब रो रही थीं और बोलीं कि हमरी गूंगी बेटी के अब के करी शादी तो उनके बेटे विराट और प्रिंस ने मां को दिलासा दिलाई कि हमलोग बहन अर्चना की शादी करेंगे। बेटे भी मां और बहनों को संभालते-संभालते स्वयं रो पड़ रहे थे।
बताया जा रहा है कि रमाशंकर पासवान अपनी कमाई की बदौलत बेटी प्रतिमा की शादी में हुए कर्ज को भरने के अलावा बेटे विराट को मेरठ से सीए करा रहे थे। विराट का अभी एक साल ही नामांकन कराए हुआ था। अब परिवार में कोई कमाऊ सदस्य नहीं होने से उसकी पढ़ाई पर विराम लग जाएगा। जबकि, प्रिंस गांव ही रहकर पढ़ाई करने के अलावा मजदूरी करता है। उषा देवी को बस यही चिंता सता रही है कि और उनके जीवन और बच्चों का कौन सहारा बनेगा। उधर, रमाशंकर की माली हालत काफी कमजोर होने से मोहल्ले के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार किया गया। जबकि लखनऊ से एंबुलेंस से शव गांव लाने के लिए सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की पहल पर जिला प्रशासन से धनराशि दिलाई गई। बताते चलें कि सऊदी से शव गांव मंगाने के लिए सदर विधायक ने ही पहल की थी।