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Deoria News: सीएचसी में धूल फांक रहीं खून जांच की मशीनें
Sat, 04 May 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 04 May 2024 12:20 AM IST
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फोटो समाचार
छह माह से किट के अभाव में नहीं हो पा रही जांच
प्राइवेट में महंगे दाम पर जांच करा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खून जांच करने की मशीन गर्मी में धूल फांक रही है। छह माह से किट नहीं होने से जांच प्रभावित है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट में महंगे दाम पर खून की जांच करानी पड़ रही है। मशीनों के बंद होने के कारण जांच करने वाले कर्मियों की हर दिन हाजिरी लगाकर ड्यूटी करना मजबूरी बन गई है।
सीएचसी पर सीबीसी, इलेक्ट्रो लाइट, पीटी आदि जांच करने के लिए लैब है। ओपीडी के समय जांच के लिए बाकायदा विभाग की तरफ से महंगी मशीनें और लैब टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं। करीब छह माह पहले जांच मशीन का रिजेंट समाप्त हो गया। इसके कारण जांच बंद हो गई है।
लैब टेक्नीशियन के अनुसार, जांच मशीन में लगाए जाने वाले रिजेंट की सप्लाई नहीं मिल रही। इससे खून से संबंधित जांच सीएचसी पर नहीं हो पा रही है। जांच बंद होने से मजबूरी में तीमारदार जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब ले जा रहे हैं। जहां मनमाना रेट पर जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर में प्राइवेट लैब वालों के दलाल सक्रिय हो गए हैं।
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शुक्रवार को सीएचसी पर जांच कराने गए मांगा कोड़र के जयनाथ पासवान, मनिहरपुर की देवंती, नगर के मलह टोली वार्ड के सत्येंद्र ने बताया कि सरकारी अस्पताल में जांच बंद होने के बाद प्राइवेट में एक हजार रुपये देकर सीबीसी जांच करानी पड़ रही है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसके राव ने बताया कि जांच मशीनों की किट नहीं होने के कारण जांच प्रभावित है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय को डिमांड पत्र भेजा गया है।
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छह माह से किट के अभाव में नहीं हो पा रही जांच
प्राइवेट में महंगे दाम पर जांच करा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खून जांच करने की मशीन गर्मी में धूल फांक रही है। छह माह से किट नहीं होने से जांच प्रभावित है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट में महंगे दाम पर खून की जांच करानी पड़ रही है। मशीनों के बंद होने के कारण जांच करने वाले कर्मियों की हर दिन हाजिरी लगाकर ड्यूटी करना मजबूरी बन गई है।
सीएचसी पर सीबीसी, इलेक्ट्रो लाइट, पीटी आदि जांच करने के लिए लैब है। ओपीडी के समय जांच के लिए बाकायदा विभाग की तरफ से महंगी मशीनें और लैब टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं। करीब छह माह पहले जांच मशीन का रिजेंट समाप्त हो गया। इसके कारण जांच बंद हो गई है।
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लैब टेक्नीशियन के अनुसार, जांच मशीन में लगाए जाने वाले रिजेंट की सप्लाई नहीं मिल रही। इससे खून से संबंधित जांच सीएचसी पर नहीं हो पा रही है। जांच बंद होने से मजबूरी में तीमारदार जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट लैब ले जा रहे हैं। जहां मनमाना रेट पर जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर में प्राइवेट लैब वालों के दलाल सक्रिय हो गए हैं।
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शुक्रवार को सीएचसी पर जांच कराने गए मांगा कोड़र के जयनाथ पासवान, मनिहरपुर की देवंती, नगर के मलह टोली वार्ड के सत्येंद्र ने बताया कि सरकारी अस्पताल में जांच बंद होने के बाद प्राइवेट में एक हजार रुपये देकर सीबीसी जांच करानी पड़ रही है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसके राव ने बताया कि जांच मशीनों की किट नहीं होने के कारण जांच प्रभावित है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय को डिमांड पत्र भेजा गया है।