फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   bijali nigam recovery of electricity

जिले के 27 उपकेंद्रों के 60 फीडरों पर बिजली निगम की नजर

Sun, 13 Sep 2020 11:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 11:00 PM IST
विज्ञापन
bijali nigam recovery of electricity
जिले के 27 उपकेंद्रों के 60 फीडरों पर बिजली निगम की नजर
विज्ञापन

देवरिया। बिजली निगम बिजली चोरी को लेकर सख्त रूख अख्तियार कर रहा है। महामारी में एक तरफ बकाया बिलों की वसूली प्रभावित हुई तो दूसरी तरफ बिजली की खपत बढ़ी है। जिले के करीब 27 बिजली उपकेंद्रों के 60 ऐसे फीडर चिह्नित किए गए हैं, जहां से बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली बहुत कम है। इन क्षेत्रों में टीम गठित कर बिल वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
जिले के 43 विद्युत उपकेंद्र की मदद से 35 लाख से अधिक आबादी को बिजली निगम दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बिजली बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखे रहे हैं। जबकि वहां पर बिजली की खपत अधिक है। लॉकडाउन की वजह से बिजली निगम का करीब 55 करोड़ रुपये की बिजली बिल की वसूली प्रभावित हुई है। अब निगम बकाया वसूली पर जोर दे रहा है। हर उपकेंद्रों की बिजली की खपत और वसूली की समीक्षा की जा रही है।
विज्ञापन

निगम ने 27 विद्युत उपकेंद्रों के 60 फीडरों को चिह्नित किया है। इन फीडरों से बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली 30 फीसदी से भी कम है। बिल वसूली में सर्वाधिक खराब हालत सलेमपुर डिवीजन के खेमादेई विद्युत उपकेंद्र का है। इस उपकेंद्र से जुड़े गांवों से बिजली बिल की वसूली 20 फीसदी भी नहीं हो रही है। वहीं शहर के नाथनगर उपकेंद्र के फीडर से बिल की वसूली कम हो रही है। एक माह के अंदर बिल बकायदारों का करीब 300 कनेक्शन काटा जा चुका है। कुछ लोग बिजली का बिल जमा कर अपना कनेक्शन जुड़वा भी लिए हैं। बिल वसूली के लिए क्षेत्र में जा रही टीम के सामने महामारी में आर्थिक तंगी का हवाला बकायेदार दे रहे हैं। सबसे खराब हालत बरहज, सलेमपुर और गौरीबाजार डिवीजन के उपकेंद्रों का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समय से नहीं आती है बिजली
खेमादेई विद्युत उपकेंद्र से कम बिल वसूली का दावा निगम के अफसर कर रहे हैं। इस उपकेंद्र से उकिना, सुतावर, सटिया, मेहरौना, हाटा, नदौली, चुरिया, कौसड़ आदि गांवों में आपूर्ति होती है। इन गांवों से जुड़े अशोक तिवारी, डब्लू तिवारी, चंदन, उमा, सफायत हुसैन आदि ने बताया कि सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं होती है। फाल्ट और तार टूटने की समस्या बनी रहती है। लाइनमैन भी खराबी ठीक करने में हीलाहवाली करते हैं। सुतावर गांव के करीब एक माह से आपूर्ति ठप है। बिजली आने और जाने का कोई शेड्यूल ही नहीं है। निगम को सिर्फ बिल चाहिए।

शासन स्तर से बकाया बिल वसूली की समीक्षा हो रही है। जिले में 60 फीडरों को चिह्नित किया गया है। जिससे बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली कम है। इन फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं से वसूली के लिए टीम गठित कर अभियान चलाया जा रहा है।
- सतगुरु शरण श्रीवास्तव, एसई, बिजली निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed