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Deoria News: शुक्र मनाइए बारिश नहीं हुई...वर्ना आश्वासन के भरोसे फिर डूब जाते मुहल्ले

Sun, 06 Aug 2023 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Aug 2023 11:45 PM IST
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Be thankful that it did not rain...otherwise the localities would have drowned again on the assurance
हाटा रोड पर जल निकासी का व्यवस्था ना होने के कारण बरसात में सड़क पर होता है जलभराव ।संवाद
नगर पालिका ने शासन को भेजे थे 80 प्रस्ताव, 10 माह में नहीं मिली फूटी कौड़ी, बरसात में हर साल जलभराव का दंश झेलते हैं आधा दर्जन मुहल्ले के लोग
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- प्रभावित होती है 10 हजार की आबादी, चार सौ से अधिक परिवारों का होता है पलायन

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शुक्र मनाइए बारिश नहीं हो रही, वर्ना फिर से मुहल्ले डूब जाते। मकानों में ताला लगता और बच्चों की पढ़ाई छूट जाती। यह कहना है रामगुलाम टोला पूर्वी, अली नगर, शहीदनगर, बाबू बभनी, चटनी गड़ही मुहल्ला, मंगलमपुरम समेत आधा दर्जन मुहल्लेवासियों का। यहां के लोग करीब पांच साल से जलभराव की समस्या से जूझते आ रहे हैं। इस साल बारिश नहीं हो रही तो खुश हैं। अधिकारी हो या नेता किसी के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। पिड़रा के गोपाल मद्धेशिया, अर्जुन यादव का कहते हैं कि जब भी तेज बारिश होती है सड़क पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है। हाटा रोड निवासी गोरख प्रसाद कहते हैं कि 2018 के बरसात का मंजर याद कर शरीर सिहर जाता है। सड़क पर नदी जैसी धारा बह रही थी। बरिश नहीं हो रही तभी तक सब ठीक दिख रहा है। पालिका के अधिकारी सिर्फ प्रस्ताव बनवाते हैं। पिछले साल भी प्रस्ताव तैयार हुआ था। कहा जा रहा था कि नया सत्र शुरू होते ही अप्रैल में बजट मिल जाएगा। बरसात का समय आने से पहले नालों के निमार्ण पूरे करा लिए जाएंगे। बरसात की मध्यावधि चल रही है। अभी तक बजट का पता नहीं है। इधर नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पालिका के आय के भरोसे रोजमर्रा के काम निपट जाएं, वहीं ज्यादा है। जो भी बड़े बजट वाले काम हैं, उनके लिए हमें शासन पर निर्भर रहना पड़ता है। भेजे गए प्रस्तावों की शासन से स्वीकृति नहीं आई है।
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नगर पालिका की ओर से अक्तूबर माह में लगभग 50 करोड़ की लागत के 80 प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसमें पथ प्रकाश की व्यवस्था सुदृढ़ करना, सड़क नाली निर्माण, तालाब पोखरों का जीर्णोद्धार कराया जाना था। इसके अलावा आठ करोड़ की लागत से जलभराव के लिहाज से संवेदनशील जगहों पर जलनिकासी का इंतजाम किया जाना था। अभी तक किसी भी प्रस्ताव को शासन से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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फाइलों में सिमट गए 40 सड़कों के प्रस्ताव
नगर पालिका ने 20 करोड़ की लागत से 40 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भी शासन में भेजा है। इसमें लगभग सभी वार्ड की आवागमन के लिहाज प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है। सोमनाथ नगर चौराहा की सड़क को उच्चीकरण किया जाना है। यह सड़क पांच साल से बदहाल है। बिखरे पत्थर आए दिन राहगीरों को जख्म देते हैं। ऐसा ही हाल अन्य मार्गों का है।
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जल निकासी के लिए आठ करोड़ का भेजा गया है प्रस्ताव
शहर रामगुलाम टोला पूर्वी, शांति नगर महुआबारी, पिड़रा, गायत्रीपूरम्, अली नगर, शहीद नगर, चटनी गड़ही मोहल्ला, मंगलमपुरम फेज एक और दो में जल निकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। इसमें कुछ नई कालोनियां बसी हैं तो कुछ दशकों पुरानी हैं। 15 जून के बाद मानसून आते ही इन मुहल्ले के लोगों की धड़कन बढ़ जाती है। नगर पालिका ने मोहल्लों में जल निकासी के लिए आठ कराेड़ के 32 प्रस्ताव शासन में भेजे हैं। जिसे अबतक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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आठ करोड़ मिले तो रोशन हो शहर
सीमा विस्तार में शामिल हुए आठ वार्डों में पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। यहां प्रकाश पोल व लाइटें लगाने के लिए नगर पालिका को आठ करोड़ के बजट की दरकार है। इसके लिए दस माह पहले ही पालिका ने शासन में प्रस्ताव भेजा था। अबतक मंजूरी नहीं मिली है।
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जलभराव से प्रभावित मोहल्लेवासियों के जख्म पर मरहम लगाने हर बार जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं। बरसात बीतते ही जलनिकासी के लिए इंतजाम कराने का आश्वासन देते हैं, दुश्वारी कम होते ही सबकुछ भूल जाते हैं। आश्वासन का यह सिलसिला सात साल से चल रहा है। - ऋषिकेश कुशवाहा, हाटा रोड
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चौराहे की सड़क नीचे हो गई है। जरा सी बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। नगर पालिका के अधिकारी कहते हैं शासन से बजट मिलेगा, तभी सड़क का उच्चीकरण हो पाएगा। - राजीव कुमार, पिड़रा

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वर्जन
जलनिकासी, सड़क निर्माण, पथ प्रकाश आदि कार्यों के लिए लगभग 50 करोड़ का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। आगामी बोर्ड बैठक में एक बार फिर प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा जाएगा। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया
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