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Deoria News: रहें हाेशियार, सहालग में मिलावटी खाद्य सामग्री खपा रहे धंधेबाज

Sun, 27 Apr 2025 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 27 Apr 2025 11:38 PM IST
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Be careful, businessmen are selling adulterated food items during wedding season
देवरिया। सहालग के सीजन में बाजार में मिलावटी सामान की खेप बाजाराें में पहुंच चुकी है। इन्हें खपाने के लिए धंधेबाजों ने अब तरकीबें ढूंढ़नी शुरू कर दी है। मिलावटखोर इतनी बारीकी से अपना काम कर रहे हैं कि बाजार में ग्राहकों के लिए असली-नकली चीजों के बीच फर्क समझना मुश्किल होता जा रहा है।
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सहालग में बेसन की भी जमकर खरीदारी होती है। इसका इस्तेमाल कई खास तरह के पकवान बनाने में किया जाता है, मिलावट के धंधेबाजाें ने इसे भी नहीं छाेड़ा है।
बेसन ही नहीं सूजी, चना दाल और चायपत्ती में भी मिलावट की जा रही है। खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की ओर से भेजे गए 14 सैंपलों में से चार लैब की जांच में फेल पाए गए हैं।
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इसमें बेसन, सूजी, चना दाल और चायपत्ती के नमूने शामिल हैं। भोजन में बेसन का उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है।
यह हड्डियों को मजबूत करता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं, लेकिन मिलावटखोर इसमें भी मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सूजी और चना दाल में भी मिलावट की जा रही है।
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यहां चाय के शौकीन ज्यादा हैं। सुबह स्टेशन और स्पोर्ट्स स्टेडियम के आसपास चाय की दुकानों पर चाय की चुस्की लेते हुए लोग नजर आ जाएंगे। यह सभी खाद्य पदार्थ फायदे के बजाय शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

चना बेसन में भी मिलावटखोर मेटानिल पीले रंग की मिलावट करते हैं। अच्छी और कड़क चाय सभी को पसंद होती है। यह ताजगी देती है। कॉफी भी पीने से न थकावट दूर होती है। इसके अलावा चिकित्सक इसके कई तरह के फायदे बताते हैं। लेकिन मिलावटखोर इसके जायके के साथ सेहत को भी खराब कर देते हैं। भेजे गए सैंपल में तुलसी ब्रांड की चायपत्ती का सैंपल फेल पाया गया है। रिपोर्ट में इसे अधोमानक मिलावटी बताया गया है।
गल्ला मंडी के व्यापारी राजेश जायसवाल के अनुसार देवरिया जिले में चायपत्ती की रोजाना खपत एक टन है। चना दाल की खपत 50 क्विंटल रोजाना है।
सूजी की खपत 10 क्विंटल है। बेसन की रोजाना खपत भी करीब एक टन है। उन्होंने बताया कि सहालग में इसकी खपत बढ़कर डेढ़ क्विंटल पहुंच गई है।
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