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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को खुद खींचना पड़ रहा स्ट्रेचर, हो रही परेशानी

Fri, 15 Mar 2024 11:58 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2024 11:58 PM IST
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Attendants in the medical college have to pull the stretcher themselves, causing problems
मेडिकल कॉलेज में खुद स्ट्रेचर ​खिचते तिमारदार।संवाद
- अकेल रहने पर तीमारदार को लेनी पड़ती है दूसरे की मदद
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में संसाधन के अभाव से मरीजों को जूझना पड़ रहा है। स्ट्रेचर और कर्मचारियों की कमी के चलते मीरजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के तीमारदारों को खुद स्ट्रेचर खींच कर डॉक्टर व जांच केंद्रों तक ले जाना पड़ता है, जिससे उनके पसीने छूट जा रहे हैं। अकेले तीमारदार को दूसरे की मदद लेनी पड़ती है। कर्मचारियों की कमी दूर होने से मरीजों को काफी सहूलियत होती।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज के ओपीडी में आने वाले बुजुर्ग व चलने में असमर्थ लोगों को स्ट्रेचर के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। किसी तरह मिल भी जाए तो मरीजों को ले जाने के लिए कर्मचारी नहीं है। तीमारदार के पसीने छूटे जाते हैं। अकेला और खासतौर पर महिला तीमारदारों को तो परेशान हो जाते हैं, उन्हें कुछ समझ में नहीं आता है। मजबूरी में दूसरे से सहयोग के लिए परेशान होना पड़ता है।
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बलुआ के गोलू परिवार की एक महिला को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। वहां डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने को कहा। वह कर्मचारी से पूछे तो किसी तरह स्ट्रेचर उपलब्ध हो गया। इसके बाद वह करीब 12.30 बजे अपने साथ एक युवक के साथ धूप में स्ट्रेचर लेकर जांच केंद्र पर पहुंचे। दोनों युवक परेशान रहे। पकड़ी के शिवशंकर और उनके साथ आई महिला स्ट्रेचर से मरीज को डायलिसिस सेंटर तक ले गए। महिला व्यवस्था को कोस रही थी।
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दादी वार्ड में भर्ती हैं उनका इलाज चल रहा है। एक्स-रे कराने को लेकर काफी परेशानी हो रही है। पहले स्ट्रेचर की तलाश करनी पड़ी। केंद्र तक मरीज को ले जाने के लिए कर्मचारी नहीं थे। अकेले कैस ले जाए समझ में नहीं आ रहा था, इसी बीच परिवार के सदस्य आ गए तब लेकर गए।

नीरज, भटनी
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रिश्तेदार को लेकर अस्पताल पहुंचा। वह चलने में असमर्थ थी। किसी तरह स्ट्रेचर मिला। उन्हें उस पर लेटाकर अन्य के सहयोग से ले जाना पड़ा। अकेला रहने पर मरीज को इलाज कराने के जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कम से कम एक कर्मचारी को साथ होना चाहिए।


सोनू यादव, महुई श्रीकांत
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अस्पताल में जिसे जरूरत होती है, आधार कार्ड जमा कराकर स्ट्रेचर उपलब्ध करा दिया जाता है। स्ट्रेचर के मरीज को काफी समय लगता है। कर्मचारियों की कमी के कारण तीमारदारों को परेशानी है। इसे देखते हुए और स्ट्रेचर मंगाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही एमपीडब्लू बढ़ाने के लिए आउट सोर्सिंग कंपनी से डिमांड की गई है। कर्मचारियों के बढ़ने पर समस्या का समाधान होगा।
डॉ. एचके मिश्रा
सीएमएस
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