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Deoria News: निजी अस्पताल में नवजात की मौत पर तीमारदारों का हंगामा
Sun, 12 Oct 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:36 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर एक निजी अस्पताल में मृत नवजात के
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के एक निजी अस्पताल में 10 दिन से भर्ती नवजात की मौत शुक्रवार की शाम को हो गई। नाराज तीमारदार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
सूचना पर आई पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराया। नवजात की मां ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि इलाज के नाम पर 3.50 लाख रुपये अस्पताल संचालक ने ले लिए । चार लाख रुपये और मांग रहा था। रुपये देने से मना किया तो कुछ देर बाद नवजात की मौत होने की सूचना दे दी गई।
शहर के सिंधी मिल काॅलोनी निवासी बिट्टू सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी गर्भवती थीं। 10 दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर घर वाले शहर के भटवलिया में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्रसव होने के बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल के डॉक्टर ने शहर के गोरखपुर ओवरब्रिज के पाा एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा देकर भेज दिया।
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एक अक्तूबर को नवजात को अस्पताल में परिजन ने भर्ती कराया। आरोप है कि नौ अक्तूबर तक अस्पताल संचालक इलाज के नाम पर 3.50 लाख रुपये जमा ले लिए। महंगे इंजेक्शन मंगाने की बात कह चार लाख रुपये की और मांग करने लगा। आर्थिक परेशानी होने के कारण रुपये देने से मना कर दिया।
इसके बाद अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर और वर्करों का व्यवहार बदल गया। कोई सीधे मुंह बात तक नहीं करता था और नवजात को दिखाने से मना करने लगे। संदेह होने पर शुक्रवार की दोपहर में परिजन कोतवाली पुलिस से शिकायत की।
अस्पताल पहुंची पुलिस ने अस्पताल के मैनेजर से बात कर समाधान करा दिया। पुलिस के जाने के बाद शाम को अस्पताल के स्टाफ नर्स ने बताया कि नवजात की मौत हो गई है। इसके बाद तीमारदार हंगामा करने लगे और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर आई पुलिस लोगों को समझाकर शांत कराया। नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोप के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
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देवरिया। शहर के एक निजी अस्पताल में 10 दिन से भर्ती नवजात की मौत शुक्रवार की शाम को हो गई। नाराज तीमारदार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
सूचना पर आई पुलिस ने नाराज लोगों को शांत कराया। नवजात की मां ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि इलाज के नाम पर 3.50 लाख रुपये अस्पताल संचालक ने ले लिए । चार लाख रुपये और मांग रहा था। रुपये देने से मना किया तो कुछ देर बाद नवजात की मौत होने की सूचना दे दी गई।
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शहर के सिंधी मिल काॅलोनी निवासी बिट्टू सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी गर्भवती थीं। 10 दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर घर वाले शहर के भटवलिया में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्रसव होने के बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल के डॉक्टर ने शहर के गोरखपुर ओवरब्रिज के पाा एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा देकर भेज दिया।
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एक अक्तूबर को नवजात को अस्पताल में परिजन ने भर्ती कराया। आरोप है कि नौ अक्तूबर तक अस्पताल संचालक इलाज के नाम पर 3.50 लाख रुपये जमा ले लिए। महंगे इंजेक्शन मंगाने की बात कह चार लाख रुपये की और मांग करने लगा। आर्थिक परेशानी होने के कारण रुपये देने से मना कर दिया।
इसके बाद अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर और वर्करों का व्यवहार बदल गया। कोई सीधे मुंह बात तक नहीं करता था और नवजात को दिखाने से मना करने लगे। संदेह होने पर शुक्रवार की दोपहर में परिजन कोतवाली पुलिस से शिकायत की।
अस्पताल पहुंची पुलिस ने अस्पताल के मैनेजर से बात कर समाधान करा दिया। पुलिस के जाने के बाद शाम को अस्पताल के स्टाफ नर्स ने बताया कि नवजात की मौत हो गई है। इसके बाद तीमारदार हंगामा करने लगे और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर आई पुलिस लोगों को समझाकर शांत कराया। नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोप के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।