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Deoria News: महिषासुर के मरते ही देवताओं ने की फूलों की बारिश
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पड़री बाजार में शतचंडी महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते लोग
पड़री बाजार में चल रहा है शतचंडी महायज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री बाजार। सलेमपुर क्षेत्र के पड़री बाजार में वैष्णो धाम मंदिर में शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिन रासलीला मंडली ने महिषासुर एवं रक्त बीज संहार का मंचन किया गया। मां दुर्गा के जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
रक्त बीज और महिषासुर भगवान शिव की कठोर तपस्या करते हैं। कठोर तपस्या से खुश होकर भगवान शिव महिषासुर को आशीर्वाद देते हैं कि कन्या के अलावा उसे कोई मार नहीं सकता है। वहीं रक्तबीज को आशीर्वाद देते हैं कि जितना रक्त पृथ्वी पर गिरेगा उतना ही रक्तबीज तैयार हो जाएंगे। भगवान शिव का आशीर्वाद पाकर रक्तबीज एवं महिषासुर चारों तरफ अत्याचार करने लगते हैं। उनके अत्याचार से चारों तरफ हाहाकार मच जाता है। सभी देवता आदि शक्ति की आराधना करते हैं।
आदि शक्ति देवी प्रसन्न होकर काली रूप धारण कर रक्तबीज नामक दैत्यों का संहार करती हैं, तथा मां दुर्गा रूप में महिषासुर का वध करती हैं। दोनों राक्षसों का वध होने से देवता आकाश से फूलों की बारिश करते हैं। इस दौरान उपस्थित लोगों के जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। वहीं कुशीनगर से आईं प्रियंका द्विवेदी ने कथा का रसपान कराया।
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इस दौरान तारकेश्वर पांडेय, अंगद यादव, विशाल यादव, आशीर्वाद पांडेय, हर्षित पांडेय, कन्हैया पांडेय, हरिलाल यादव,विजय सिंह, अनशन पांडेय, विभीषण यादव, अंगद शर्मा, विनोद पांडेय, कार्तिक पांडेय, गया गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री बाजार। सलेमपुर क्षेत्र के पड़री बाजार में वैष्णो धाम मंदिर में शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिन रासलीला मंडली ने महिषासुर एवं रक्त बीज संहार का मंचन किया गया। मां दुर्गा के जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
रक्त बीज और महिषासुर भगवान शिव की कठोर तपस्या करते हैं। कठोर तपस्या से खुश होकर भगवान शिव महिषासुर को आशीर्वाद देते हैं कि कन्या के अलावा उसे कोई मार नहीं सकता है। वहीं रक्तबीज को आशीर्वाद देते हैं कि जितना रक्त पृथ्वी पर गिरेगा उतना ही रक्तबीज तैयार हो जाएंगे। भगवान शिव का आशीर्वाद पाकर रक्तबीज एवं महिषासुर चारों तरफ अत्याचार करने लगते हैं। उनके अत्याचार से चारों तरफ हाहाकार मच जाता है। सभी देवता आदि शक्ति की आराधना करते हैं।
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आदि शक्ति देवी प्रसन्न होकर काली रूप धारण कर रक्तबीज नामक दैत्यों का संहार करती हैं, तथा मां दुर्गा रूप में महिषासुर का वध करती हैं। दोनों राक्षसों का वध होने से देवता आकाश से फूलों की बारिश करते हैं। इस दौरान उपस्थित लोगों के जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। वहीं कुशीनगर से आईं प्रियंका द्विवेदी ने कथा का रसपान कराया।
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इस दौरान तारकेश्वर पांडेय, अंगद यादव, विशाल यादव, आशीर्वाद पांडेय, हर्षित पांडेय, कन्हैया पांडेय, हरिलाल यादव,विजय सिंह, अनशन पांडेय, विभीषण यादव, अंगद शर्मा, विनोद पांडेय, कार्तिक पांडेय, गया गुप्ता आदि मौजूद रहे।