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अस्पताल की व्यवस्था लचर, बिना इलाज लौटे मरीज
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अस्पताल की व्यवस्था लचर, बिना इलाज लौटे मरीज
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी के नए भवन में मरीजों को बैठने की व्यवस्था नहीं होने से फर्श पर घंटों बैठक कर इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, पानी का भी इंतजाम नहीं है। भीड़ के कारण कुछ मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है, वहीं कतार में घंटों से खड़े कुछ लोगों का धैर्य जवाब दे जा रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी नए भवन शुरू हो गई है। यहां फिजिशियन, चेस्ट, मानसिक रोग, चर्म रोग, सर्जरी, ईएनटी, नेत्र सहित अन्य विभाग में मरीज देखे जा रहे हैं, जबकि बाल रोग व आर्थो विभाग पुराने भवन में है। मंगलवार को 1750 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। अस्पताल के फिजिशियन कक्ष में काफी भीड़ रही।
डॉ. विजय गुप्ता व जेआर डॉ. गुंजन ने करीब 225 मरीजों का इलाज किया। यहां चिकित्सक कक्ष के सामने कई लाइन लगाकर लोग खड़े थे। किसी को आने जाने तक की जगह नहीं थी। सभी पहले डॉक्टर को दिखाने में लगे। इसे लेकर तैनात होमगार्ड के जवानों से लोगों की कई बार नोकझोंक हुई। कुछ देर बाद महिला व पुरुष की अलग कतार लगाई गई। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद बहुत लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बैठने की व्यवस्था न होने के कारण फर्श पर बैठ गए। इसमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की थी। वहीं एक व्यक्ति फफक पड़ा। लोगों ने उसे शांत कराया तो कुछ मरीज घंटों इंतजार के बाद लौट गए।
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इससे कुछ कम भीड़ चर्म रोग में रही। डॉ. अजीत पाल ने 130 मरीजों का इलाज किया। जबकि नेत्र, चेस्ट, सर्जरी, ईएनटी में मरीजों की संख्या कम रही। यहां उमस भरी गर्मी में मरीज पानी के लिए भटक रहे थे। अधिकांश ने बाहर से पानी खरीद कर प्यास बुझाई तो कुछ लोग साथ लाए थे। मरीज व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों को कोस रहे थे।
-फोटो
कौलाचक खिरड़ी, विजयीपुर के जयराम यादव अपने पुत्र लाल साहब को चिकित्सक से दिखाने आए थे। दो घंटे तक लाइन में खड़े थे, लेकिन भीड़ में धक्का मुक्की के कारण बाहर हो गए। बेटा खड़ा रही हो पा रहा था। बैठने की व्यवस्था न होने से फर्श बैठा था। कहे कि यहां कोई सिस्टम और व्यवस्था ही नहीं है। कैसे इलाज हो पाएगा।
फोटो
शहर के दुर्गा प्रसाद सुबह से लाइन में खड़े थे, लेकिन भीड़ में धक्का मुक्की के कारण परेशान थे। अचानक उनका धैर्य जवाब दे गया और फफक पड़े। कहा कि कई बार डॉक्टरों को दिखाने के लिए आया, लेकिन भीड़ और व्यवस्था ठीक न होने कारण वह दिखा नहीं पाए। अगल-बगल के लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। साढ़े तीन घंटे बाद उनका नंबर आया।
फोटो
भटनी ब्लाक के भरहे चौरा के पंकज गिरि ने कहा कि माता देवांती देवी व बच्चे के इलाज के लिए सुबह आए। लाइन में एक घंटे बाद पर्ची मिली। इसके बाद चिकित्सक कक्ष में पहुंचे, जहां मां ढाई घंटे से कतार में खड़ी है, लेकिन नंबर नहीं आया। भीड़ और बैठने तथा पानी की व्यवस्था न होने से काफी परेशानी हो रही है। डॉक्टर साहब से ही मां और बच्चे दोनों का इलाज कराऊंगा।
फोटो
गौरीबाजार ब्लाक क्षेत्र के सेखुई के अंकित यादव अपनी माता कुंती देवी का इलाज कराने आए थे। उनकी मां तीन घंटे से लाइन में खड़ी थीं, इसके बाद भी नंबर नहीं आया। खड़े-खड़े वह और उनकी मां परेशानी थी। दोपहर बाद मां को लेकर वापस लौट गए। वह व्यवस्था को कोस रहे थे।
एंटी रैबिज वैक्सीन समाप्त, लौटे लोग
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष में मंगलवार को एंटी रैबिज वैक्सीन समाप्त हो गया है। कुत्ता, बंदर, सियार आदि जानवरों के काटने से पीड़ित करीब ढाई सौ लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। वैक्सीन समाप्त होने की सूचना पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। अभी कई दिनों तक दिक्कत बनी रह सकती है। बताया गया कि उत्तर प्रदेश कारपोरेशन लखनऊ से वैक्सीन नहीं आई है।
अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है। नए भवन में अभी कुछ समस्या आ रही है। उसका समाधान कर दिया जाएगा। शीघ्र मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। एंटी रैबिज वैक्सीन की व्यवस्था की जा रही है। -डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी के नए भवन में मरीजों को बैठने की व्यवस्था नहीं होने से फर्श पर घंटों बैठक कर इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, पानी का भी इंतजाम नहीं है। भीड़ के कारण कुछ मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है, वहीं कतार में घंटों से खड़े कुछ लोगों का धैर्य जवाब दे जा रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी नए भवन शुरू हो गई है। यहां फिजिशियन, चेस्ट, मानसिक रोग, चर्म रोग, सर्जरी, ईएनटी, नेत्र सहित अन्य विभाग में मरीज देखे जा रहे हैं, जबकि बाल रोग व आर्थो विभाग पुराने भवन में है। मंगलवार को 1750 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। अस्पताल के फिजिशियन कक्ष में काफी भीड़ रही।
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डॉ. विजय गुप्ता व जेआर डॉ. गुंजन ने करीब 225 मरीजों का इलाज किया। यहां चिकित्सक कक्ष के सामने कई लाइन लगाकर लोग खड़े थे। किसी को आने जाने तक की जगह नहीं थी। सभी पहले डॉक्टर को दिखाने में लगे। इसे लेकर तैनात होमगार्ड के जवानों से लोगों की कई बार नोकझोंक हुई। कुछ देर बाद महिला व पुरुष की अलग कतार लगाई गई। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद बहुत लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बैठने की व्यवस्था न होने के कारण फर्श पर बैठ गए। इसमें सबसे अधिक संख्या महिलाओं की थी। वहीं एक व्यक्ति फफक पड़ा। लोगों ने उसे शांत कराया तो कुछ मरीज घंटों इंतजार के बाद लौट गए।
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इससे कुछ कम भीड़ चर्म रोग में रही। डॉ. अजीत पाल ने 130 मरीजों का इलाज किया। जबकि नेत्र, चेस्ट, सर्जरी, ईएनटी में मरीजों की संख्या कम रही। यहां उमस भरी गर्मी में मरीज पानी के लिए भटक रहे थे। अधिकांश ने बाहर से पानी खरीद कर प्यास बुझाई तो कुछ लोग साथ लाए थे। मरीज व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों को कोस रहे थे।
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कौलाचक खिरड़ी, विजयीपुर के जयराम यादव अपने पुत्र लाल साहब को चिकित्सक से दिखाने आए थे। दो घंटे तक लाइन में खड़े थे, लेकिन भीड़ में धक्का मुक्की के कारण बाहर हो गए। बेटा खड़ा रही हो पा रहा था। बैठने की व्यवस्था न होने से फर्श बैठा था। कहे कि यहां कोई सिस्टम और व्यवस्था ही नहीं है। कैसे इलाज हो पाएगा।
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शहर के दुर्गा प्रसाद सुबह से लाइन में खड़े थे, लेकिन भीड़ में धक्का मुक्की के कारण परेशान थे। अचानक उनका धैर्य जवाब दे गया और फफक पड़े। कहा कि कई बार डॉक्टरों को दिखाने के लिए आया, लेकिन भीड़ और व्यवस्था ठीक न होने कारण वह दिखा नहीं पाए। अगल-बगल के लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। साढ़े तीन घंटे बाद उनका नंबर आया।
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भटनी ब्लाक के भरहे चौरा के पंकज गिरि ने कहा कि माता देवांती देवी व बच्चे के इलाज के लिए सुबह आए। लाइन में एक घंटे बाद पर्ची मिली। इसके बाद चिकित्सक कक्ष में पहुंचे, जहां मां ढाई घंटे से कतार में खड़ी है, लेकिन नंबर नहीं आया। भीड़ और बैठने तथा पानी की व्यवस्था न होने से काफी परेशानी हो रही है। डॉक्टर साहब से ही मां और बच्चे दोनों का इलाज कराऊंगा।
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गौरीबाजार ब्लाक क्षेत्र के सेखुई के अंकित यादव अपनी माता कुंती देवी का इलाज कराने आए थे। उनकी मां तीन घंटे से लाइन में खड़ी थीं, इसके बाद भी नंबर नहीं आया। खड़े-खड़े वह और उनकी मां परेशानी थी। दोपहर बाद मां को लेकर वापस लौट गए। वह व्यवस्था को कोस रहे थे।
एंटी रैबिज वैक्सीन समाप्त, लौटे लोग
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष में मंगलवार को एंटी रैबिज वैक्सीन समाप्त हो गया है। कुत्ता, बंदर, सियार आदि जानवरों के काटने से पीड़ित करीब ढाई सौ लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। वैक्सीन समाप्त होने की सूचना पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। अभी कई दिनों तक दिक्कत बनी रह सकती है। बताया गया कि उत्तर प्रदेश कारपोरेशन लखनऊ से वैक्सीन नहीं आई है।
अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है। नए भवन में अभी कुछ समस्या आ रही है। उसका समाधान कर दिया जाएगा। शीघ्र मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। एंटी रैबिज वैक्सीन की व्यवस्था की जा रही है। -डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक