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जब तक कमजोर समझेंगी, कमजोर ही रहेंगी
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अमर उजाला के तरफ से युपी पब्लिक इंटर कॉलेज रामनाथ देवरिया में आयोजित अपराजिता के तहत छात्राओ ने श
- फोटो : DEORIA
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जब तक कमजोर समझेंगे, कमजोर ही रहेंगे
अपराजिता अभियान के तहत यूपी पब्लिक इंटर कॉलेज में हुई परिचर्चा
बोली बेटियां: आगे बढ़ने के लिए सोच बदलने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। महिलाओं-लड़कियों के प्रति समाज की सोच बदली है, मगर यह बदलाव सिर्फ खास वर्ग तक सिमट कर रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों को लड़कों से कमतर ही आंका जाता है। इस सोच को बदलने के लिए लड़कियों को सशक्त बनते हुए यह साबित करना होगा कि हम लड़कों से कम नहीं। इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। कुछ ऐसा ही कहना था कि यूपी पब्लिक इंटर कॉलेज रामनाथ देवरिया की छात्राओं का। ‘अमर उजाला’ के ‘अपराजिता’ अभियान के तहत बुधवार को आयोजित परिचर्चा में कॉलेज की कक्षा-9 से 12 तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया और खुलकर विचार रखे। शिल्पी तिवारी ने कहा कि दूसरी लड़कियों को बराबर का सम्मान देने की बात तो होती है, लेकिन जब अपने घर की बात आती है तो भेदभाव शुरू हो जाता है। अभी भी छोटे शहरों को ग्रामीण इलाकों में लड़कियों के प्रतिभा की अनदेखी ही होती है। कृतिका तिवारी ने कहा कि समाज को सोच बदलनी होगी। लड़कियां आगे बढ़ना चाहती है, मगर अवसर देने में घरवाले हिचकते हैं। क्षमा चतुर्वेदी ने जोरदार शब्दों में कहा कि सबको समान अवसर और अधिकार मिलने चाहिए। सोच सिर्फ अभिभावकों को ही नहीं, हमें भी बदलना होगा। जब तक हम खुद को कमजोर मानेंगे, तब तक कमजोर ही रहेंगे। निवेदिता मणि ने आगे बढ़ने के लिए डर-झिझक छोड़ने की बात कही। सलोनी मिश्र ने कहा कि हेल्पलाइन तो है, लेकिन कई बार इसकी मदद लेना भारी पड़ जाता है। जिसकी शिकायत करते हैं, बदले की नीयत से वह बदनाम करता है। अंत में प्रबंधक अजय मिश्र ने छात्राओं को नारी गरिमा को अक्षुण्य रखने की शपथ दिलाई। परिचर्चा में चांदनी, शीतल, निधि जायसवाल, प्रिया मिश्र, पल्लवी त्रिपाठी, ऐश्वर्य, साक्षी यादव, काजल राजभर, सोनम कुमारी, गरिमा राय, रिंकी चौहान, पल्लवी मिश्र, अंकिता मिश्र आदि ने हिस्सा लिया।
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अपराजिता अभियान के तहत यूपी पब्लिक इंटर कॉलेज में हुई परिचर्चा
बोली बेटियां: आगे बढ़ने के लिए सोच बदलने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। महिलाओं-लड़कियों के प्रति समाज की सोच बदली है, मगर यह बदलाव सिर्फ खास वर्ग तक सिमट कर रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों को लड़कों से कमतर ही आंका जाता है। इस सोच को बदलने के लिए लड़कियों को सशक्त बनते हुए यह साबित करना होगा कि हम लड़कों से कम नहीं। इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। कुछ ऐसा ही कहना था कि यूपी पब्लिक इंटर कॉलेज रामनाथ देवरिया की छात्राओं का। ‘अमर उजाला’ के ‘अपराजिता’ अभियान के तहत बुधवार को आयोजित परिचर्चा में कॉलेज की कक्षा-9 से 12 तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया और खुलकर विचार रखे। शिल्पी तिवारी ने कहा कि दूसरी लड़कियों को बराबर का सम्मान देने की बात तो होती है, लेकिन जब अपने घर की बात आती है तो भेदभाव शुरू हो जाता है। अभी भी छोटे शहरों को ग्रामीण इलाकों में लड़कियों के प्रतिभा की अनदेखी ही होती है। कृतिका तिवारी ने कहा कि समाज को सोच बदलनी होगी। लड़कियां आगे बढ़ना चाहती है, मगर अवसर देने में घरवाले हिचकते हैं। क्षमा चतुर्वेदी ने जोरदार शब्दों में कहा कि सबको समान अवसर और अधिकार मिलने चाहिए। सोच सिर्फ अभिभावकों को ही नहीं, हमें भी बदलना होगा। जब तक हम खुद को कमजोर मानेंगे, तब तक कमजोर ही रहेंगे। निवेदिता मणि ने आगे बढ़ने के लिए डर-झिझक छोड़ने की बात कही। सलोनी मिश्र ने कहा कि हेल्पलाइन तो है, लेकिन कई बार इसकी मदद लेना भारी पड़ जाता है। जिसकी शिकायत करते हैं, बदले की नीयत से वह बदनाम करता है। अंत में प्रबंधक अजय मिश्र ने छात्राओं को नारी गरिमा को अक्षुण्य रखने की शपथ दिलाई। परिचर्चा में चांदनी, शीतल, निधि जायसवाल, प्रिया मिश्र, पल्लवी त्रिपाठी, ऐश्वर्य, साक्षी यादव, काजल राजभर, सोनम कुमारी, गरिमा राय, रिंकी चौहान, पल्लवी मिश्र, अंकिता मिश्र आदि ने हिस्सा लिया।