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Deoria News: फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर एग्रीमेंट मामले में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
Mon, 07 Sep 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:27 AM IST
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देवरिया। सीमेंट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर रुपये लेने और फर्जी एग्रीमेंट देने के आरोपी विकास लाल श्रीवास्तव को अदालत से राहत नहीं मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभिलेख के मुताबिक शिकायतकर्ता की आरोपी से करीब तीन साल पहले एक वैवाहिक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर एक सीमेंट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के लिए तीन लाख रुपये निवेश करने की बात कही।
शिकायतकर्ता ने 31 जनवरी 2022 से 28 अप्रैल 2023 के बीच यूपीआई से 2,21,409 रुपये दिए। 62,591 रुपये नकद देने का भी आरोप है।
शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर डिस्ट्रीब्यूटर एग्रीमेंट दिया गया। संदेह होने पर कंपनी से जानकारी की गई तो एग्रीमेंट फर्जी मिली। रुपये मांगने पर 84 हजार रुपये लौटाए गए, जबकि दो लाख बकाया होने का आरोप है।
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अदालत ने केस डायरी और थाने की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि आरोपी नामजद और वांछित है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए एक सितंबर को अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। संवाद
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अभिलेख के मुताबिक शिकायतकर्ता की आरोपी से करीब तीन साल पहले एक वैवाहिक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर एक सीमेंट कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के लिए तीन लाख रुपये निवेश करने की बात कही।
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शिकायतकर्ता ने 31 जनवरी 2022 से 28 अप्रैल 2023 के बीच यूपीआई से 2,21,409 रुपये दिए। 62,591 रुपये नकद देने का भी आरोप है।
शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर डिस्ट्रीब्यूटर एग्रीमेंट दिया गया। संदेह होने पर कंपनी से जानकारी की गई तो एग्रीमेंट फर्जी मिली। रुपये मांगने पर 84 हजार रुपये लौटाए गए, जबकि दो लाख बकाया होने का आरोप है।
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अदालत ने केस डायरी और थाने की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि आरोपी नामजद और वांछित है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए एक सितंबर को अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। संवाद