फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Anmol calls parents and sisters while sleeping

Deoria News: सोते वक्त माता-पिता, बहनों को बुलाता है अनमोल..दिन में पास ले जाने की जिद करता है

Wed, 20 Dec 2023 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 20 Dec 2023 12:52 AM IST
विज्ञापन
Anmol calls parents and sisters while sleeping
फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड : सप्ताह में एक बार इलाज के लिए गोरखपुर डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं परिजन
विज्ञापन

सिर पर गहरा जख्म होने के कारण डॉक्टरों ने अभी सच्चाई बताने से मना किया है
कड़ी सुरक्षा के बीच बहन के घर अमेठी में रह रहे हैं अनमोल और देवेश, नहीं जा रहे स्कूल



देवरिया। फतेहपुर सामूहिक हत्याकांड में दुनिया छोड़ चुके माता, पिता और बहनों को 10 साल का अनमोल रोज रात में सोते वक्त याद करता है और पास बुलाता है। बहन और जीजा से हर रोज मिलने के लिए जिद करता है। उसे लगता है कि वाराणसी के एक अस्पताल में सभी लोगों का इलाज चल रहा है। अनमोल के सिर पर गहरा जख्म होने के कारण डॉक्टर अभी सच्चाई बताने से मना कर रहे हैं। जिससे स्थिति और न खराब हो जाए। फिलहाल उसे स्कूल भी नहीं भेजा जा रहा है।
रुद्रपुर कोतवाली के फतेहपुर गांव के लेहड़ा गांव में 2 अक्तूबर को पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव और सत्यप्रकाश दुबे, इनकी पत्नी किरण, बेटी सलोनी, नंदनी और बेटे गांधी की हत्या हो गई थी। हमले के दौरान दस वर्षीय अनमोल गंभीर रूप से जख्मी हो गया गया था। करीब एक माह तक उसका इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चला। 20 अक्तूबर को डॉक्टर ने डिस्चार्ज कर दिया। उसके बाद से वह कड़ी सुरक्षा के बीच अमेठी में अपनी बहन शोभिता द्विवेदी और जीजा रतन त्रिपाठी के साथ रह रहा है। छोटा भाई देवेश भी अनमोल के साथ रहता है।
विज्ञापन

बातचीत के दौरान जीजा रतन तिवारी ने बताया कि अनमोल को बताया गया है कि उसके माता, पिता, बहन और भैया जिंदा है। उनका इलाज वाराणसी के एक अस्पताल में चल रहा है। रात में सोते समय वह मम्मी, पापा और बहनों को बुलाता है। दिन में उनके पास लेकर चलने के लिए जिद करता है। देवेश और उसकी दीदी शोभिता उसे समझाती हैं, खिलौने देकर मनाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर में गंभीर चोट होने के कारण अभी उसकी दवा चल रही है। सप्ताह में एक बार गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लेकर जाना पड़ता है। वहां पर डॉ. योगेश पाल उसे देखते हैं। रतन तिवारी ने बताया कि कभी-कभी घटना को याद कर अनमोल गुमशुम हो जाता है। डॉक्टर से यह समस्या बताई गई तो उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। दवा अभी बंद नहीं करना है। बताया कि अनमोल और देवेश के मकान निर्माण के लिए गांव में भूमि पूजन करा दिया गया। लेकिन कोई सहयोग नहीं मिलने से फिलहाल निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका है।

-----
आर्थिक तंगी इलाज में बन रही बाधा

बहन शोभिता ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण अनमोल को समय से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लेकर नहीं जा पा रही हूं। पहले तो कोई गाड़ी वाला लेकर जाने को तैयार नहीं होता है, जो लेकर जाता है, वह तीन हजार रुपये कम नहीं लेते हैं। डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन ही बैठते हैं और उनके पास 12 बजे तक पहुंचना पड़ता है, क्योंकि 12 बजे वह चले जाते हैं गाड़ी के चक्कर में कई बार विलंब हो गया गया।
-------

दो शिफ्टों में लगती है पुलिसकर्मियों की ड्यूटी

अपने भाई, बहन और जीजा के साथ अमेठी में रह रहे अनमोल की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। एक महिला सिपाही घर में रहती है, जबकि पुरूष सिपाही घर की छत पर मुस्तैद रहता है। दिन और रात में दो शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है।


कोट
अनमोल को कड़ी सुरक्षा के बीच उसके बहन के घर रखा गया है। सिपाहियों की ड्यूटी के अलावा बीच-बीच में हल्का दरोगा और इंस्पेक्टर भी जाते रहते हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसके स्कूल जाने या घर से निकलने पर रोक लगाई गई है। जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा में उसे बाहर भेजा जाता है। : श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed