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Deoria News: कूड़ाघर में भी डिलीवरी कराने में एएनएम को हासिल है महारथ

Fri, 18 Jul 2025 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Fri, 18 Jul 2025 11:56 PM IST
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ANM is expert in conducting deliveries even in garbage dumps
डाला गांव का जर्जर एएनएम सेंटर। 
संवाद न्यूज एजेंसी
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रुद्रपुर। प्रसव के आंकड़ों में फर्जीवाड़े का खेल काफी दिनों से चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम को कूड़ाघर में भी डिलीवरी कराने में महारथ हासिल है। डाला गांव में तीन माह के अंदर 14 गर्भवतियों की डिलीवरी कूड़ाघर में करा दी गई, जबकि डाला गांव के जर्जर एएनएम सेंटर को अस्थायी आरआरसी सेंटर बना दिया गया है। इस भवन पर ग्राम सभा की ओर से अस्थायी आरआरसी सेंटर पेंट से लिखवा दिया गया है। आरआरसी सेंटर को रिसोर्स रिकवरी सेंटर कहा जाता है। यह ग्राम पंचायत स्तर पर कचरा प्रबंधन के लिए स्थापित किए जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य ठोस और तरल अपशिष्टों का प्रबंधन करना, जैविक कचरे से खाद बनाना और गांव को स्वच्छ व कचरा मुक्त बनाना है। मजे की बात यह है कि एएनएम सेंटर से आरआरसी सेंटर बने भवन में 14 नवजात जन्म ले चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस सेंटर पर अप्रैल माह में पांच, मई में पांच और जून माह में चार गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी दिखाई गई है। प्राइवेट अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चे सरकारी कागज में जर्जर स्वास्थ्य भवन में जन्म ले रहे हैं।
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शुक्रवार को डाला गांव की रहने वाली बुधिया देवी ने बताया कि यहां 10 साल पहले नर्स बैठकर टीका लगाती थीं। अब कभी-कभार बुधवार को एक नर्स आती हैं। वह स्कूल पर बैठकर टीका लगाती हैं।
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मालती देवी ने बताया कि सेंटर पर कोई कार्य नहीं होता, बच्चियों के लिए कभी सेनेटरी पैड और दवा भी नहीं मिलती। सुशीला देवी ने बताया कि प्रसव कराने के लिए महिलाओं को रुद्रपुर और देवरिया ले जाना पड़ता है। बेचू पाल कहते हैं हमारा घर एएनएम सेंटर के करीब है, मगर आज तक इस सेंटर पर कभी डिलीवरी होते नहीं देखा।

धनवंत ने बताया कि कभी कभार एक नर्स गांव में दिखाई देती हैं। अनुज ने बताया कि इस खंडहर में कभी हमारे होश में बच्चा पैदा नहीं हुआ। अधिकतर महिलाओं की आशा कार्यकर्ता प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी कराने ले जाती हैं।
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