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Deoria News: गो आश्रय केंद्रों मेंे पशुओं को नहीं मिल पा रहा भरपूर चारा और पानी
Thu, 10 Sep 2026 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:09 AM IST
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भाटपार रानी का पशु आश्रय केंद्र भेडापाकड
देवरिया। जिले में निराश्रित पशु आश्रय केंद्रों पर रखे गए पशुओं को चारा-पानी और चिकित्सा का भरपूर लाभ मिल रहा है। इसका अंदाजा पशुओं की हालत देखकर लगाया जा सकता है।
कई जगह क्षमता से दोगुना पशु रखे गए हैं तो कहीं क्षमता से कम संख्या है। हर जगह बीमार पशु और गंदगी दिख रही है। प्रशासन का दावा है कि पशु आश्रय केंद्रों पर व्यवस्था में कोई कमी नहीं है पड़री बाजार संवाद के अनुसार, सलेमपुर विकास खंड क्षेत्र के महुई पांडेय निराश्रित अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में 35 पशुओं के रहने की व्यवस्था है। वर्तमान में करीब 85 गोवंश रह रहे हैं। गोवंशों को दूर से ही देखने पर पता लग रहा है कि उनमें से कई बीमार हैं। बारिश के दौरान आधे से अधिक पशु टिन शेड के बाहर रहते हैं।
पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा-चारा के इंतजाम का दावा किया जा रहा है मगर पशुओं की हालत देखकर नहीं लग रहा कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में चारा मिलता होगा। ग्राम पंचायत के प्रशासक के प्रतिनिधि विनोद सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक गोवंश रह रहे हैं, जिससे दिक्कत हो रही है। सबके लिए भूसा-चारा व पानी आदि की व्यवस्था कराई जाती है। भाटपाररानी संवाद के अनुसार भेड़ापाकड़ गांव में स्थित पशु आश्रय केंद्र में गोवंश रखने की क्षमता 100 की है, जबकि बुधवार को कुल 85 गोवंश पाए गए। इनके नाद में भूसा-चारा नहीं दिखा। गोवंशों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे कई दिन से भूखे हैं। पशुओं की देखभाल के लिए तीन सफाई कर्मी अशोक यादव, सुरेंद्र प्रसाद और जय बहादुर ठाकुर मौजूद थे। यहां पशुओं के लिए एक टिन शेड के अलावा प्लास्टिक का छाजन बना है। पशु आश्रय केंद्र में सफाई की भी व्यवस्था ठीक नहीं होने के चलते दुर्गंध आ रही थी। गोबर भी बिखरा पड़ा था। सफाईकर्मियों ने बताया कि भूसा और चोकर पर्याप्त मात्रा में है। बीडीओ भाटपाररानी पीएम त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी को केंद्र पर भेजकर जांच कराई जाएगी।
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कई जगह क्षमता से दोगुना पशु रखे गए हैं तो कहीं क्षमता से कम संख्या है। हर जगह बीमार पशु और गंदगी दिख रही है। प्रशासन का दावा है कि पशु आश्रय केंद्रों पर व्यवस्था में कोई कमी नहीं है पड़री बाजार संवाद के अनुसार, सलेमपुर विकास खंड क्षेत्र के महुई पांडेय निराश्रित अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में 35 पशुओं के रहने की व्यवस्था है। वर्तमान में करीब 85 गोवंश रह रहे हैं। गोवंशों को दूर से ही देखने पर पता लग रहा है कि उनमें से कई बीमार हैं। बारिश के दौरान आधे से अधिक पशु टिन शेड के बाहर रहते हैं।
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पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा-चारा के इंतजाम का दावा किया जा रहा है मगर पशुओं की हालत देखकर नहीं लग रहा कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में चारा मिलता होगा। ग्राम पंचायत के प्रशासक के प्रतिनिधि विनोद सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक गोवंश रह रहे हैं, जिससे दिक्कत हो रही है। सबके लिए भूसा-चारा व पानी आदि की व्यवस्था कराई जाती है। भाटपाररानी संवाद के अनुसार भेड़ापाकड़ गांव में स्थित पशु आश्रय केंद्र में गोवंश रखने की क्षमता 100 की है, जबकि बुधवार को कुल 85 गोवंश पाए गए। इनके नाद में भूसा-चारा नहीं दिखा। गोवंशों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे कई दिन से भूखे हैं। पशुओं की देखभाल के लिए तीन सफाई कर्मी अशोक यादव, सुरेंद्र प्रसाद और जय बहादुर ठाकुर मौजूद थे। यहां पशुओं के लिए एक टिन शेड के अलावा प्लास्टिक का छाजन बना है। पशु आश्रय केंद्र में सफाई की भी व्यवस्था ठीक नहीं होने के चलते दुर्गंध आ रही थी। गोबर भी बिखरा पड़ा था। सफाईकर्मियों ने बताया कि भूसा और चोकर पर्याप्त मात्रा में है। बीडीओ भाटपाररानी पीएम त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी को केंद्र पर भेजकर जांच कराई जाएगी।
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