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Deoria News: सरोवर में सूख गया अमृत कुछ में कीचड़ तो कहीं नालियों का पानी
Thu, 23 Mar 2023 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:16 PM IST
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देवरिया खास स्थित हाथी कुंड पोखारा।संवाद
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16 विकास खंडों के दो- दो ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्र के एक-एक तालाब अमृत सरोवर के रूप में होगा निर्माण
अमर उजाला लाइव
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में शुरू हुआ तो तय हुआ था कि जनपद के सोलह विकास खंडों के दो- दो ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्र के एक-एक तालाब को अमृत सरोवर के रूप में निर्माण कराया जाएगा। जहां पर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण होगा। पर नतीजा यह हुआ है कि अमृत सरोवर के निर्माण की रफ्तार केवल ध्वजारोहण तक ही देखने को मिली। इसके बाद रफ्तार मंद पड़ गई। हालत यह है कि पिछले साल नवंबर तक ही सभी को बन जाने थे, लेकिन अभी नहीं बन पाएं है। जो बने हुए है, उनमें भी पानी नहीं है।
विभागीय अफसर जिस अमृत सरोवर के निर्माण प्रगति पर होने का दावा कर रहे हैं, वहां पर भी धरातल पर हालत खराब है। शहर में तालाबों में गंदा पानी गिर रहा है। इतना ही नहीं अवैध कब्जे और कूड़े का जहर सरोवर पी रहे हैं। ग्राम पंचायतों में कई जगहों पर सीढ़ी तो कहीं पर मनरेगा और राज्य वित्त के बजट का रोना रोया जा रहा है। संबसे गंभीर बात तो यह है कि अभी इस वित्तीय वर्ष में काम पूरा भी नहीं हुआ और अप्रैल में फिर से नया लक्ष्य अमृत सरोवर बनाने का 231 निर्धारित कर दिया गया है। इसमें दो दिन पहले करीब पचास जगहों पर काम शुरू किया गया है।
गंदगी से पटा शहर का परमार्थी पोखरा
शहर के गरुणपार स्थित परमार्थी पोखरा लोगों के अस्था का केंद्र है। यहां पर हाल यह है कि पोखरा गंदगी का जहर पी रह है। सफाई न होने के कारण जल प्रदूषित हो चुका है। प्रदूषण इस कदर है कि पानी का रंग काला पड़ गया है। इसकी सुधि कोई लेने वाला नहीं है। जबकि इसकी सफाई नगर पालिका के कर्मचारियों को हर रोज की जानी चाहिए। सीढ़ी बैठने लायक नहीं है।
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लक्षीराम पोखरा में जमी काई, गिर रहा गंदा पानी
शहर के देवरिया- कसया मार्ग पर लक्षीराम पोखरों की सूरत को सवारने के लिए नगर पालिका ने यह पर सेल्फी प्वांइट भी बनाया है। पर पोखरे का हाल यह है कि गंदगी और घास से पटा हुआ है। लोग कूड़ा भी फेंक रहे हे। इसके कारण पानी खराब हो चुका है। इस जगह पर बैठने पर र्दुगंध से लोग दूर भाग जाते है। जबकि निर्माण के नाम पर लाखों रुपये का बजट इसी साल खर्च किया जा चुका है।
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हाथीकुंड पोखरा, नगर पालिका ने शुरू किया जीर्णोद्धार
शहर के हाथी कुंड पोखरा काफी गहरा था लेकिन इस समय हालत यह है कि अब पानी ही सूख गया है। मिट्टी पटने से गहराई कम हो गई। यह पोखरा अवैध कब्जे का दंश भी झेल रहा है। इसके निर्माण कार्य अब नगर पालिका ने शुरू किया है। यह पोखरा भी शहर के अस्था का केंद्र है। यहां पर भी अवैध कब्जा करने का आरोप है।
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ध्वजारोहण के बाद भूल गए जिम्मेदारी
भलुअनी विकास खंड के जैतपुर में बने अमृत सरोवर पर ध्वजारोहण के अफसर जिम्मेदारी भूल गए हैं। इस कारण तालाब का पानी सूख चुका है। घास उगने से तालाब की हालत खराब है। घास उगने के कारण तालाब की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो रहा हे। केवल चबूतरा बनवा कर छोड़ दिया गया है।
परसिया तिवारी और भीखमपुरा में अधूरा है काम
बरहज विकास खंड के परसिया तिवारी और भीखमपुरा में अमृत सरोवर का काम अभी आधा अधूरा है। इसमें एक जगह पर सीढ़ी तो दूसरी जगह इंटरलाॅकिंग का काम अधूरा है। जिस कारण अभी यहां लोगों का आना-जाना कम होता है। जबकि नवंबर में ही काम पूरा हो जाना था।
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5.661 हेक्टेयर तालाब की भूमि पर कब्जा
जनपद की सभी तहसीलों में एक तिहाई से अधिक तालाब और अन्य जलस्रोतों पर अवैध कब्जा है। इसमें पांचों तहसीलों की 5.661 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया गया है। इसमें नगर पालिका क्षेत्र के भी तालाब हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जलपद में 2221 तालाब हैं। इसमें अप्रैल 2021 में 5.807 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर अतिक्रमण होना पाया गया था। इसमें से 0.039 हेक्टेयर एक बार अभियान चलाकर मुक्त कराया गया था। दूसरी बार 8.107 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया है। अभी 5.661 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा है।
सीडीओ के निरीक्षण में तीन जगहों पर मिलीं खामियां
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को मनरेगा के एरिया ऑफिसर एप के माध्यम निरीक्षण किया। इसमें ग्राम पंचायत महुआ पाटन, नरहरपट्टी एवं जलुआ में चयनित अमृत सरोवर पर कराए जा रहे कार्य के दौरान खामियां मिलीं।
उन्होंने देखा कि ग्राम पंचायत महुआपाटन मे अमृत सरोवर पर कराए जा रहे कार्य पर कुल 154 श्रमिकों के लिए मस्टररोल निर्गत किया गया था। जबकि मात्र 45 श्रमिक ही कार्य करते हुए थे। महिला मेट राज किशोरी देवी को तत्काल हटाये जाने के निर्देश दिया। तकनीकी सहायक का मानदेय अवरूद्ध करते हुए स्पष्टीकरण निर्गत करते हुए सचिव दीनदयाल चौहान के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए आरोप पत्र निर्गत किया गया। ग्राम पंचायत नरहपर पट्टी में अमृत सरोवर पर चल रहे कार्य पर 39 श्रमिकों का मस्टररोल निर्गत किया गया था मौके पर मात्र 15 श्रमिक ही कार्य करते पाए गए। श्रमिकों की उपस्थिति लेने वाली महिला मेट मालती देवी को हटाने के निर्देश दिए गए। तकनीकी सहायक का मानदेय अवरुद्ध कर स्पष्टीकरण निर्गत करते हुए सचिव सुनील पासवान के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए आरोप पत्र निर्गत किया गया। ग्राम पंचायत जलुआं मे अमृत सरोवर पर चल रहे कार्य पर 19 श्रमिकों का मस्टररोल निर्गत किया गया था। मौके पर भी 15 श्रमिक ही कार्य करते हुए पाए गए। जलुआ में बनाए जा रहे अमृत सरोवर पर देर से कार्य शुरू कराए जाने पर संबंधित तकनीकी सहायक ग्राम पंचायत सचिव एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को स्पष्टीकरण निर्गत किया गया एवं उक्त अमृत सरोवर को एक माह में पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
कोट
अमृत सरोरव 28 बन गए हैं। अन्य जगहों पर कार्य चल रहा है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की ला रही है। जिन जगहों से अवैध कब्जे की शिकायत आती है। उसे प्रशासन और पुलिस की टीम हटवा देती है। कई जगहों पर मकानों को भी गिराया जा चुका है। रवींद्र कुमार सीडीओ
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देवरिया। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में शुरू हुआ तो तय हुआ था कि जनपद के सोलह विकास खंडों के दो- दो ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्र के एक-एक तालाब को अमृत सरोवर के रूप में निर्माण कराया जाएगा। जहां पर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण होगा। पर नतीजा यह हुआ है कि अमृत सरोवर के निर्माण की रफ्तार केवल ध्वजारोहण तक ही देखने को मिली। इसके बाद रफ्तार मंद पड़ गई। हालत यह है कि पिछले साल नवंबर तक ही सभी को बन जाने थे, लेकिन अभी नहीं बन पाएं है। जो बने हुए है, उनमें भी पानी नहीं है।
विभागीय अफसर जिस अमृत सरोवर के निर्माण प्रगति पर होने का दावा कर रहे हैं, वहां पर भी धरातल पर हालत खराब है। शहर में तालाबों में गंदा पानी गिर रहा है। इतना ही नहीं अवैध कब्जे और कूड़े का जहर सरोवर पी रहे हैं। ग्राम पंचायतों में कई जगहों पर सीढ़ी तो कहीं पर मनरेगा और राज्य वित्त के बजट का रोना रोया जा रहा है। संबसे गंभीर बात तो यह है कि अभी इस वित्तीय वर्ष में काम पूरा भी नहीं हुआ और अप्रैल में फिर से नया लक्ष्य अमृत सरोवर बनाने का 231 निर्धारित कर दिया गया है। इसमें दो दिन पहले करीब पचास जगहों पर काम शुरू किया गया है।
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गंदगी से पटा शहर का परमार्थी पोखरा
शहर के गरुणपार स्थित परमार्थी पोखरा लोगों के अस्था का केंद्र है। यहां पर हाल यह है कि पोखरा गंदगी का जहर पी रह है। सफाई न होने के कारण जल प्रदूषित हो चुका है। प्रदूषण इस कदर है कि पानी का रंग काला पड़ गया है। इसकी सुधि कोई लेने वाला नहीं है। जबकि इसकी सफाई नगर पालिका के कर्मचारियों को हर रोज की जानी चाहिए। सीढ़ी बैठने लायक नहीं है।
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लक्षीराम पोखरा में जमी काई, गिर रहा गंदा पानी
शहर के देवरिया- कसया मार्ग पर लक्षीराम पोखरों की सूरत को सवारने के लिए नगर पालिका ने यह पर सेल्फी प्वांइट भी बनाया है। पर पोखरे का हाल यह है कि गंदगी और घास से पटा हुआ है। लोग कूड़ा भी फेंक रहे हे। इसके कारण पानी खराब हो चुका है। इस जगह पर बैठने पर र्दुगंध से लोग दूर भाग जाते है। जबकि निर्माण के नाम पर लाखों रुपये का बजट इसी साल खर्च किया जा चुका है।
हाथीकुंड पोखरा, नगर पालिका ने शुरू किया जीर्णोद्धार
शहर के हाथी कुंड पोखरा काफी गहरा था लेकिन इस समय हालत यह है कि अब पानी ही सूख गया है। मिट्टी पटने से गहराई कम हो गई। यह पोखरा अवैध कब्जे का दंश भी झेल रहा है। इसके निर्माण कार्य अब नगर पालिका ने शुरू किया है। यह पोखरा भी शहर के अस्था का केंद्र है। यहां पर भी अवैध कब्जा करने का आरोप है।
ध्वजारोहण के बाद भूल गए जिम्मेदारी
भलुअनी विकास खंड के जैतपुर में बने अमृत सरोवर पर ध्वजारोहण के अफसर जिम्मेदारी भूल गए हैं। इस कारण तालाब का पानी सूख चुका है। घास उगने से तालाब की हालत खराब है। घास उगने के कारण तालाब की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो रहा हे। केवल चबूतरा बनवा कर छोड़ दिया गया है।
परसिया तिवारी और भीखमपुरा में अधूरा है काम
बरहज विकास खंड के परसिया तिवारी और भीखमपुरा में अमृत सरोवर का काम अभी आधा अधूरा है। इसमें एक जगह पर सीढ़ी तो दूसरी जगह इंटरलाॅकिंग का काम अधूरा है। जिस कारण अभी यहां लोगों का आना-जाना कम होता है। जबकि नवंबर में ही काम पूरा हो जाना था।
5.661 हेक्टेयर तालाब की भूमि पर कब्जा
जनपद की सभी तहसीलों में एक तिहाई से अधिक तालाब और अन्य जलस्रोतों पर अवैध कब्जा है। इसमें पांचों तहसीलों की 5.661 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया गया है। इसमें नगर पालिका क्षेत्र के भी तालाब हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जलपद में 2221 तालाब हैं। इसमें अप्रैल 2021 में 5.807 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर अतिक्रमण होना पाया गया था। इसमें से 0.039 हेक्टेयर एक बार अभियान चलाकर मुक्त कराया गया था। दूसरी बार 8.107 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया है। अभी 5.661 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा है।
सीडीओ के निरीक्षण में तीन जगहों पर मिलीं खामियां
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को मनरेगा के एरिया ऑफिसर एप के माध्यम निरीक्षण किया। इसमें ग्राम पंचायत महुआ पाटन, नरहरपट्टी एवं जलुआ में चयनित अमृत सरोवर पर कराए जा रहे कार्य के दौरान खामियां मिलीं।
उन्होंने देखा कि ग्राम पंचायत महुआपाटन मे अमृत सरोवर पर कराए जा रहे कार्य पर कुल 154 श्रमिकों के लिए मस्टररोल निर्गत किया गया था। जबकि मात्र 45 श्रमिक ही कार्य करते हुए थे। महिला मेट राज किशोरी देवी को तत्काल हटाये जाने के निर्देश दिया। तकनीकी सहायक का मानदेय अवरूद्ध करते हुए स्पष्टीकरण निर्गत करते हुए सचिव दीनदयाल चौहान के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए आरोप पत्र निर्गत किया गया। ग्राम पंचायत नरहपर पट्टी में अमृत सरोवर पर चल रहे कार्य पर 39 श्रमिकों का मस्टररोल निर्गत किया गया था मौके पर मात्र 15 श्रमिक ही कार्य करते पाए गए। श्रमिकों की उपस्थिति लेने वाली महिला मेट मालती देवी को हटाने के निर्देश दिए गए। तकनीकी सहायक का मानदेय अवरुद्ध कर स्पष्टीकरण निर्गत करते हुए सचिव सुनील पासवान के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए आरोप पत्र निर्गत किया गया। ग्राम पंचायत जलुआं मे अमृत सरोवर पर चल रहे कार्य पर 19 श्रमिकों का मस्टररोल निर्गत किया गया था। मौके पर भी 15 श्रमिक ही कार्य करते हुए पाए गए। जलुआ में बनाए जा रहे अमृत सरोवर पर देर से कार्य शुरू कराए जाने पर संबंधित तकनीकी सहायक ग्राम पंचायत सचिव एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को स्पष्टीकरण निर्गत किया गया एवं उक्त अमृत सरोवर को एक माह में पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
कोट
अमृत सरोरव 28 बन गए हैं। अन्य जगहों पर कार्य चल रहा है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की ला रही है। जिन जगहों से अवैध कब्जे की शिकायत आती है। उसे प्रशासन और पुलिस की टीम हटवा देती है। कई जगहों पर मकानों को भी गिराया जा चुका है। रवींद्र कुमार सीडीओ