{"_id":"69123a7e5ed1661ac90a1808","slug":"allegations-of-fertilizer-black-marketing-uproar-at-committee-deoria-news-c-208-1-sgkp1007-167519-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: खाद की कालाबाजारी का आरोप, समिति पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: खाद की कालाबाजारी का आरोप, समिति पर हंगामा
Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
एकौना। पचलड़ी के साधन सहकारी समिति पर सोमवार को खाद की किल्लत को लेकर किसानों ने हंगामा किया। उन्होंने सचिव पर खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि समिति से पिछले पांच साल से खाद-बीज नहीं बंट रही है, जबकि समिति के नाम पर उठान होता है।
खाद के लिए परेशान किसान सोमवार को साधन सहकारी समिति रामपुरवा पचलड़ी पर नारेबाजी करने लगे। किसानों ने कहा कि यदि जल्द समिति पर खाद वितरित नहीं किया जाता है, तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। रबि की बुआई को लेकर किसान परेशान हैं। सचिव समिति से खाद नहीं बांट रहे हैं। रास्ते में ही ट्रक से खाद बांट दिया जाता है।
किसान सत्यविजय यादव, मंटू सिंह, चंद्रभूषण सिंह, इंदल साहनी, वीरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, अजय शंकर सिंह, आकाश सिंह, डबलू सिंह, बलराम पासवान, धनवंत वर्मा आदि ने कहा कि खाद नहीं मिलने के कारण प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर किसान खरीदने को मजबूर हैं। खाद के अभाव में दोआबा में गेंहू की बुआई में देरी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खाद के लिए परेशान किसान सोमवार को साधन सहकारी समिति रामपुरवा पचलड़ी पर नारेबाजी करने लगे। किसानों ने कहा कि यदि जल्द समिति पर खाद वितरित नहीं किया जाता है, तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। रबि की बुआई को लेकर किसान परेशान हैं। सचिव समिति से खाद नहीं बांट रहे हैं। रास्ते में ही ट्रक से खाद बांट दिया जाता है।
विज्ञापन
किसान सत्यविजय यादव, मंटू सिंह, चंद्रभूषण सिंह, इंदल साहनी, वीरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, अजय शंकर सिंह, आकाश सिंह, डबलू सिंह, बलराम पासवान, धनवंत वर्मा आदि ने कहा कि खाद नहीं मिलने के कारण प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर किसान खरीदने को मजबूर हैं। खाद के अभाव में दोआबा में गेंहू की बुआई में देरी हो सकती है।
विज्ञापन