फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Accountant who is not registering the inheritance even after taking money, threatens the victim

Deoria News: रुपये लेकर भी वरासत दर्ज नहीं कर रहे लेखपाल ने पीड़ित को धमकाया

Sun, 08 Oct 2023 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 08 Oct 2023 01:10 AM IST
विज्ञापन
Accountant who is not registering the inheritance even after taking money, threatens the victim
देवरिया। वरासत के लिए एक लेखापाल की तरफ से रुपये लेकर भी काम न करने और पीड़ित को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाने का आडियो वायरल हुआ है। आडियो में एक बेरोजगार युवक लेखपाल से बार-बार गुहार लगा रहा है कि जितने रुपये थे, मैंने दे दिए। उसके बाद भी वरासत दर्ज करने के बजाय आप मुझे दौड़ा रहे हैं। मैं असहाय हूं। नियम कायदे से अनभिज्ञ हूं। इससे लेखपाल भड़क उठा। नाराज होकर वह पीड़ित को उल्टे धमकाने लगा। कहा कि जो रुपये तुमने दिए, उसमें से कानूनगो को भी दे दिए। इतना ही नहीं, लेखपाल ने जातीय संबोधन भी किया। युवक ने शनिवार को मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर आनलाइन करके मदद की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

सदर तहसील क्षेत्र के धनौती खुर्द गांव के रहने वाले विश्वामित्र मद्धेशिया बेरोजगार हैं। रामपुर कारखाना के रामपुर हिरामन चौराहा पर एक ठेला लगाकर किसी तरह अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी माता का निधन हो गया है। वह अपने गांव के हल्का लेखपाल के पास जरूरी कागजात लेकर वरासत दर्ज कराने के लिए गए। आरोप है कि लेखपाल ने उनसे वरासत दर्ज करने के एवज पांच सौ रुपये की मांग की। रुपये कम होने पर विश्वामित्र ने लेखपाल को दो सौ रुपये देकर वरासत दर्ज करने की गुहार लगाई। रुपये लेने के बाद लेखपाल ने कहा कि एक माह बाद नाम खतौनी में दर्ज हो जाएगा। मगर, ऐसा नहीं हुआ।
विज्ञापन

विश्वामित्र ने चार अक्तूबर को मामले में लेखपाल को फोन किया तो वह नाराज हो गया। कहने लगा कि दो सौ रुपये दिए तो उसमें से एक सौ रुपये कानूनगो को दे दिए। पेपर आगे बढ़ा दिया है। आगे टेबल पर जाकर कुछ और रुपये देकर धीरे से अपना नाम चढ़वा लो। इतना ही नहीं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग भी किया। पीड़ित ने शनिवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर आनलाइन शिकायत कर मदद की गुहार लगाई। विश्वामित्र ने बताया कि दो सौ रुपये देने के बाद भी लेखपाल उल्टा सीधा बोल रहा है। वह उसके दौड़ाने से तंग आ चुके हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को अब आनलाइन शिकायत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------
राजस्व कर्मियों के दामन पर लग चुके हैं दाग

-14 जून को भूमि की आख्या लगाने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने वाले राजस्व निरीक्षक जोखन प्रसाद को एंटीकरप्शन की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था।
- अगस्त माह में तहसील दिवस पर पत्थर दुरूस्त कराने के नाम पर घूस मांगने वाले हल्का कानूनगो को एंटीकरप्शन टीम ने पकड़ लिया था।
- सितंबर माह में एंटीकरप्शन की टीम ने भाटपाररानी तहसील के लेखपाल संतोष तिवारी को पंद्रह हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed